SHYAM VEER SINGH AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME U.P. LKO.
BAIL/8936/2025 · 2025-09-24
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 165369 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8936 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर्गण के िवद्वान अिधवक्ता ने पूरक शपथ-पत्र प्रस्तुत िकया िजसे अिभलेख पर िलया जाए।
2. प्राथीर्गण के िवद्वान अिधवक्ता श्री आनंद कु मार श्रीवास्तव तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
3. यह प्राथर्ना-पत्र थाना मैगलगंज िजला लखीमपुर-खीरी में पंजीकृ त मुकदमा अपराध संख्या 258 सन 2013 धारा 307, 341, 323, 324, 504, 506 व 427 भा०द०सं० के अंतगर्त प्राथीर्गण को जमानत पर िरहा करने के िलए प्रस्तुत िकया गया है।
4. प्रस्तुत प्रकरण िदनांक 14.06.2013 को प्राथीर्गण सिहत दो अन्य व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा िक अिभयुक्तगण ने िशकायतकतार् तथा उसके साथ के व्यिक्तयों पर लाठी-डण्डे व बांके से प्रहार िकया। प्राथीर् संख्या 1 पर लाठी से तथा प्राथीर् संख्या 2 पर बांके से प्रहार करने का आरोप लगाया गया।
5. पूवर् में इस प्रकरण में प्राथीर्गण को धारा 341, 323, 324, 504, 506, 427 भा०दं०सं० के आरोपों हेतु मिजस्ट्रेट के न्यायालय से जमानत िमल चुकी थी। उसके पश्चात् पूरक आरोप- पत्र में धारा 307 भा०द०सं० जोड़ िदया गया तथा धारा 307 के िलए प्राथीर्गण का जमानत प्राथर्ना-पत्र िवचारण न्यायालय द्वारा िनरस्त हो गया। प्राथीर्गण ने िदनांक 01.08.2025 को न्याियक अिभरक्षा में आत्मसमपर्ण िकया।
6. एक पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से बताया गया है िक घटना में कु ल एक व्यिक्त को चोटें आई थीं। िजसमें बाएं हाथ पर कटा हुआ घांव, बाएं कं धे के नीचे सूजन व दािहनी एड़ी में ददर् Versus Counsel for Applicant(s) : Anand Kumar Srivastava, Ankur Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Shyam Veer Singh And Another .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home U.P. Lko. .....Opposite Party(s)
था।
7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट हुई है एवं आरोप-पत्र प्रस्तुत िकया जा चुका है।
8. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए जबिक शरीर के िकसी महत्वपूणर् अंग पर कोई चोट कािरत नहीं हुई थी, एक चोट आई थी जो िक हाथ पर थी; िववेचना के पश्चात् प्रारंभ में प्रस्तुत आरोप-पत्र में धारा 307 का आरोप नहीं सिम्मिलत िकया गया था तथा प्राथीर्गण ने स्वयं ही स्वयं के समक्ष आत्मसमपर्ण िकया है; न्यायालय का मत है िक प्राथीर्गण जमानत पर िरहा िकए जाने के अिधकारी हैं।
9.
तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
10. आवेदकगण को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदकगण अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे; (ii) आवेदकगण अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेंगे; (iii) आवेदकगण ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होंगे।
September 24, 2025 Sumit BAIL No. 8936 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench