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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 165318 (ALL)

SAVITA SRIVASTAVA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

/1028/2025 · 2025-09-23

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 1028 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्रािथनी की तरफ से एक पूरक शपथ पत्र प्रस्तुत िकया गया, िजसे अिभलेख पर िलया जाता है। 2. प्रािथनी के िवद्वान अिधवक्ता श्री पूणेर्ंदु चक्रवतीर् तथा िवद्वान अितिरक्त शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 3. भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता की धारा 482/438 दं०प्र०सं० के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 188 सन 2019 अन्तगर्त धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120-B भा०द०िव०, थाना पुरवा, िजला उन्नाव, में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है। 4. िदनांक 24/06/2019 को प्रािथनी सिहत चार व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में बैंक ऑफ इंिडया के विरष्ठ शाखा प्रबंधक ने यह कहा िक सह अिभयुक्त राज कमल साहू ने प्रािथनी सिवता श्रीवास्तव से एक मकान खरीदने के िलए ₹30,00,000/- ऋण िदनांक 6/11/2017 को िलया था, िकतु बाद में यह पता चला िक िवक्रे ता सिवता श्रीवास्तव (प्रािथनी) आवास बेचने हेतु अिधकृ त नहीं थी तथा राज कमल साहू द्वारा बैंक से आपरािधक षड्यंत्र रचकर छल द्वारा ऋण िलया गया। 5. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्रािथनी एक िनदोर्ष मिहला है। 6. एक पूरक शपथ पत्र के माध्यम से दो अन्य आपरािधक प्रकरण में प्रािथनी की संिलप्तता दशार्ई गई है, िजसमें से एक में उसे जमानत िमल चुकी है तथा दूसरे प्रकरण में उसे कोई समन/नोिटस प्राप्त नहीं हुआ है। पूरक शपथ पत्र के माध्यम से कु छ िवक्रय पत्रों की प्रितयां अिभलेख पर प्रस्तुत की गई हैं, िजससे यह प्रतीत होता Versus Counsel for Applicant(s) : Purnendu Chakravarty, Pranjal Jain Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Savita Srivastava .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. .....Opposite Party(s) है िक प्रश्नगत संपित्त अचर्ना साहू ने वंिदता श्रीवास्तव को िदनांक 7/4/2017 के िवक्रय पत्र के माध्यम से बेचा था। वंिदता श्रीवास्तव ने प्रािथनी के पक्ष में िदनांक 29/4/2017 को संपित्त का िवक्रय पत्र िनष्पािदत कर िदया तथा िदनांक 23/8/2017 को प्रािथनी ने राजकमल साहू को संपित्त बेची। प्रथम सूचना िरपोटर् में ऐसा कोई कथन नहीं है िक प्रािथनी प्रश्नगत संपित्त बेचने हेतु क्यों अिधकृ त नहीं थी। 7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में यह तथ्य प्रकाश में आया है िक भवन का पूवर् में ही ऋण िलया जा चुका है तथा प्रािथनी ने वंिदता श्रीवास्तव से संपित्त खरीदी, जो उसकी देवरानी है। प्रािथनी ने यह जानते हुए िक संपित्त पूवर् से बंधक थी, संपित्त क्रय करके राज कमल साहू को गलत तरह से बेच दी। 8. ऐसा कोई तथ्य प्रकाश में नहीं आया है िक ऋण की वसूली के िलए कोई कायर्वाही संिस्थत की गई है। ऐसा भी कोई तथ्य प्रकाश में नहीं आया है िक ऋण स्वीकृ त करने वाले अिधकािरयों के िवरुद्ध बैंक ने कोई कारर्वाई की है। 9. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, न्यायालय का मत है िक प्रािथनी अिग्रम जमानत पाने की अिधकािरणी है। 10. तदनुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 11. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेिदका की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेिदका, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगी। ख- आवेिदका मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगी िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेिदका अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगी; ABAIL No. 1028 of 2025 2 घ- आवेिदका को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेिदका अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगी / धमकी नहीं देगी। च- आवेिदका िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगी और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगी। September 23, 2025 Himanshu ABAIL No. 1028 of 2025 3 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench