SURESH SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME AND 3 OTHERS
BAIL/8912/2025 · 2025-09-19
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 165241 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 165241 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8912 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री प्रत्यूष कु मार श्रीवास्तव, िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्रीमती िशखा िसन्हा तथा िशकायतकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री इकबाल अली को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. धारा 439 दं०प्र०सं०/483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता (B.N.S.S.) में प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 349 सन 2025, अन्तगर्त धारा 127(2) बी०एन०एस तथा 3/4 यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अिधिनयम, थाना टंिडयावां, िजला-हरदोई, में जमानत की प्राथर्ना की है।
3. िदनांक 08.08.2025 को िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक जब प्राथीर् का 12 वषीर्य लड़का प्राथीर् की दुकान पर कु छ सामान लेने िदनांक 07.08.2025 की रात 8 बजे गया था तो प्राथीर् ने उसको दुकान के अंदर बंद कर िलया, उसके कपड़े उतारकर गलत िनयत से जबरदस्ती करने लगा, जब पीिड़त ने शोर मचाया तथा हाथ छु ड़ाकर भाग ही रहा था िक उसके चाचा ने देखा और उसको घर लेकर आए।
4. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् एक 75 वषीर्य िनदोर्ष वृद्ध व्यिक्त है और उसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है।
5. धारा 180 बी०एन०एस०एस० के अन्तगर्त अंिकत अपने बयान में पीिड़त ने प्राथीर् द्वारा उसे दुकान के अंदर ले जाकर दुकान का आधा शटर एवं लाइट बंद कर उसके साथ दुष्कमर् का प्रयास करने का आरोप लगाया है तथा यह कहा िक Versus Counsel for Applicant(s) : Pratyush Kumar Srivastava, Avinash Srivastava, Shivanshu Shishodiya Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Iqbal Ali Suresh Singh .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home And 3 Others .....Opposite Party(s)
पीिड़त प्राथीर् के हाथ पर दांत से काट कर भाग गय। बाहर रास्ते पर उसके चाचा खड़े थे िजनके साथ वह घर गया।
6. िचिकत्सकीय परीक्षण में पीिड़त व्यिक्त के शरीर पर खरोच के कई सारे िनशान पाए गए, िकन्तु कोई ताजी चोट नहीं पाई गई।
7. पीिड़त के चाचा ने अपने बयान में यह कहा िक वह खाना खाकर घर के बाहर टहल रहा था, तभी उसका भतीजा (पीिड़त) प्राथीर् की दुकान की तरफ से रोते हुए भाग कर आया तथा वह पीिड़त को घर लेकर आए। घर में उसने प्राथीर् के साथ जबरदस्ती दुष्कमर् का प्रयास करने की बात बताई।
8.
धारा 183 बी०एन०एस०एस के अन्तगर्त अंिकत अपने बयान में भी पीिड़त व्यिक्त ने यह कहा िक उसके पहले बुधवार को प्राथीर् ने उसे डांटा फटकारा, िकन्तु मारा नहीं था। उसके चाचा चौराहे पर बैठे मोबाइल चला रहे थे, जब िक दुकान में जाने पर प्राथीर् ने उसके साथ घटना कािरत की।
9. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट हुई है और आरोप पत्र िदनांक 27.08.2025 को प्रस्तुत िकया जा चुका है।
10. िशकयातकतार् के िवद्वान अिधवक्ता ने भी प्राथर्ना पत्र का िवरोध िकया एवं उन्होंने कहा िक बयानों में गवाहों ने यह कहा है िक प्राथीर् पूवर् में भी इस प्रकार की घटना कािरत कर चुका है।
11. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्राथीर् एक 75 वषीर्य वृद्ध है और उसका कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है; यद्यिप पीिड़त द्वारा प्राथीर् को दांत से काटे जाने का कथन िकया है, िकन्तु यह तथ्य प्राथीर् के िचिकत्सकीय परीक्षण आख्या से समिथत नहीं है; पीिड़त को घटना में जो खरोचें आई हैं वे प्रथम सूचना िरपोटर् में लगाए गए आरोपों एवं बयानों से समिथत नहीं होती हैं; प्राथीर् एक 75 वषीर्य वृद्ध व्यिक्त है, िजसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है, वह िदनांक 09.08.2025 से जेल में िनरुद्ध है तथा िववेचना पूणर् हो चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है।
12. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
13.
आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत BAIL No. 8912 of 2025 2
करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के सािक्षयों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत की गई प्रत्येक ितिथ पर उपिस्थत होगा। September 19, 2025 Himanshu BAIL No. 8912 of 2025 3 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench