Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 165240 (ALL)

ASHOK BAJPAI @ TARA CHAND (AS PER PROSECUTION ASHOK KUMAR BAJPAI @ TARA CHAND @ RAM MURTI SINGH) v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO.

BAIL/9082/2025 · 2025-09-26

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 9082 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री अमरनाथ दुबे तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अिवशेष कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 534 सन 2018 अन्तगर्त धारा 419, 420, 467, 468, 471 भा०दं०सं० थाना महानगर िजला लखनऊ में जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िदनांक 26.11.2018 को तीन व्यिक्तयों- 1- मो० बुलन्द खाँ, 2- राममूित िसह तथा 3- राममूित िसह फजीर् के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में कहा गया है िक सह-अिभयुक्त बुलन्द खाँ ने अन्य अिभयुक्तगण के साथ िमलीभगत करके उनसे एक संपित्त िदनांक 30.09.2016 को खरीद ली जबिक िवक्रे ता राममूित िसह फजीर् था। बाद में ऋणी बुलन्द खाँ ने ऋण की अदायगी करना बन्द कर िदया। जब संपित्त की नीलामी की प्रिक्रया की जाने लगी तब पता चला िक संपित्त मौके पर िस्थत न होकर कहीं और िस्थत थी। बैंक द्वारा तलाश िकये जाने पर ऋण ग्रहीता बुलन्द खाँ नहीं िमल रहा था। 4. वषर् 2018 में िलखाई गई उपरोक्त प्रथम सूचना िरपोटर् के क्रम में पुिलस ने िदनांक 28.02.2024 को प्राथीर् को फजीर् बुलन्द खाँ होने के आरोप में िगरफ्तार कर िलया। 5. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है और उसका कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। 6. इस प्रकरण के पश्चात एक अन्य प्रथम सूचना िरपोटर् में प्राथीर् को जमानत प्राथर्ना-पत्र संख्या 2629 सन 2020 में पािरत आदेश िदनांक 08.03.2021 से जमानत पर िरहा िकये जाने का आदेश हो चुका है। 7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा 2 अन्य प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी थी Versus Counsel for Applicant(s) : Amar Nath Dubey, Mohd. Rais Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ashok Bajpai @ Tara Chand (As Per Prosecution Ashok Kumar Bajpai @ Tara Chand @ Ram Murti Singh) .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. .....Opposite Party(s) िकन्तु एक पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से प्राथीर् की तरफ से यह कहा गया िक वह प्रकरण िकसी अन्य व्यिक्त से संबंिधत है एवं प्राथीर् उसमें अिभयुक्त नहीं है। 8. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट हुई है एवं आरोप-पत्र िदनांक 29.04.2024 को प्रस्तुत िकया जा चुका है। 9. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक ऋण सह-अिभयुक्त बुलन्द खाँ ने िलया, ऋण की वसूली न हो पाने के कारण प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया िक िजस संपित्त पर ऋण िलया गया, वह मौके पर िस्थत ही नहीं थी तथा ऋण देने के पहले आवश्यक सत्यापन करने वाले बैंक कमर्चािरयों को आरोपी नहीं बनाया गया है; प्राथीर् िदनांक 01.03.2024 से न्याियक अिभरक्षा में है; िववेचना पूणर् हो चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है। 10. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 11. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 26, 2025 Ankit BAIL No. 9082 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench