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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 165040 (ALL)

PRANSHI TIWARI THRU. HER FRIEND SONAM KASHYAP v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 7 OTHERS

HABC/348/2025 · 2025-09-17

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW HABEAS CORPUS WRIT PETITION No. - 348 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्रािथनी के िवद्वान अिधवक्ता श्री िगिरराज प्रजापित तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम राजेश कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. 22 वषीर्य नवयुवती प्रांशी ितवारी की तरफ से उसकी िमत्र सोनम कश्यप द्वारा प्रस्तुत इस बंदी प्रत्यक्षीकरण िरट यािचका में कहा गया है िक प्रांशी ितवारी को िवपक्षी संख्या 5 से 8, जो क्रमशः िपता, भाई, बड़ी बहन एवं बहनोई हैं, ने अवैध अिभरक्षा में रखा हुआ है। 3. यािचका में यह कहा गया है िक माह अप्रैल, 2025 से प्रांशी ितवारी तथा सोनम कश्यप एक समलैंिगक युगल के रूप में साथ रह रहे थे तथा िदनांक 05.09.2025 को िवपक्षी संख्या 7 तथा 8 बलपूवर्क प्रांशी ितवारी को अपने साथ ले गए। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम ने उनको प्राप्त िलिखत अनुदेशों के आधार पर कहा िक यािचका में कहे गए कथन सत्य हैं। इस संबध में पुिलस को कोई िशकायत नहीं दी गई हैं, किथत िनरुद्ध व्यिक्त प्रांशी ितवारी ने थाने पर यह िलिखत में िदया है िक वह माता-िपता व भाई के साथ अपने घर पर अपनी स्वेच्छा से रह रही है तथा उसे िकसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। 5. उपरोक्त तथ्यों के दृिष्टगत िप्रयांशी ितवारी को अवैध अिभरक्षा में िनरुद्ध रखने का कथन सत्य प्रतीत नहीं होता है। 6. तदनुसार, यािचका बलहीन है एवं िनरस्त की जाती है। (Subhash Vidyarthi,J.) September 17, 2025 Sumit Versus Counsel for Petitioner(s) : Giriraj Prajapati, Vineet Kumar Counsel for Respondent(s) : G.A. Pranshi Tiwari Thru. Her Friend Sonam Kashyap .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 7 Others .....Respondent(s) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench