JAIN SAMAJ SAMITI LUCKNOW BY CHAIRMAN NEERAJ KUMAR JAIN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 2 OTHERS
/8810/2025 · 2025-09-23
Subhash Vidyarthi
Special Leave Petitionbody2025
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[ 2025 DAILYLAW 164587 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. WRIT PETITION No. - 8810 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री कीित वधर्न शुक्ला तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 226 के अन्तगर्त प्रस्तुत इस िरट यािचका द्वारा यािचकाकतार् ने िवद्वान अितिरक्त िजला एवं सत्र न्यायाधीश,कक्ष संख्या 12 द्वारा पािरत आदेश िदनांक 09.06.2025 एवं िवद्वान मुख्य न्याियक मिजस्ट्रेट, लखनऊ द्वारा पािरत आदेश िदनांक 04.10.2023, की वैधता को चुनौती दी है।
3. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्रारंिभक आपित्त रखी िक प्रदन्या प्रांजल कु लकणीर् बनाम महाराष्ट्र राज्य (2025) SCC Online SC 1948 एवं नीता िसह और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य SLP (Crl.) No- 13578 सन 2024 में माननीय उच्चतम न्यायालय ने यह अवधािरत िकया है िक न्याियक आदेशों की वैधता को चुनौती देने के िलए भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 226 के अन्तगर्त िरट यािचका के माध्यम से चुनौती नहीं दी जा सकती है।
4. उपरोक्त आपित्त के उत्तर में यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता ने कहा िक वह इस यािचका पर बल नहीं देना चाहते हैं तथा उन्होंने संगत प्रावधानों के अनुसार एक नवीन यािचका प्रस्तुत करने की अनुमित चाही।
5. तदनुसार, उपरोक्त अनुमित के साथ यह यािचका बल न िदए जाने के आधार पर िनरस्त की जाती है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Himanshu Shekhar, Kirti Vardhan Shukla Counsel for Respondent(s) : G.A. Jain Samaj Samiti Lucknow By Chairman Neeraj Kumar Jain .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 2 Others .....Respondent(s)
6. यािचका के साथ प्रस्तुत प्रमािणत प्रितयां, छाया प्रितयां अिभलेख पर रखते हुए, यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्तता को वापस कर दी जाएं। September 23, 2025 Himanshu CRLP No. 8810 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench