SHAHABUDDIN AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME LKO. ANOTHER
NABAIL/1253/2025 · 2025-09-18
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 164353 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 164353 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1253 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर्गण के िवद्वान अिधवक्ता श्री सतेन्द्र नाथ िमश्रा तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. धारा 482 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता द्वारा प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर्गण ने मुकदमा अपराध संख्या 531 सन 2024 अन्तगर्त धारा 3 / 5A / 8 गौ हत्या िनवारण अिधिनयम उत्तर प्रदेश एवं धारा 11 पशुओं के प्रित क्रू रता का िनवारण अिधिनयम, 1960 थाना चांदा िजला सुल्तानपुर में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है।
3. िदनांक 24.11.2024 को एक पुिलस उपिनरीक्षक द्वारा िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक चेिकग के दौरान एक िबना रिजस्ट्रेशन नंबर के िपकप वाहन को रोका गया। गाड़ी में सवार सभी व्यिक्त भाग गये। गाड़ी के अन्दर चार गौवंश बरामद हुए तथा गाड़ी में दो छोटी शीिशयों में दवाई एवं एक प्लािस्टक की िसिरज मय सुई बरामद हुई।
4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया िक प्राथीर्गण िनदोर्ष है और उसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है।
5. एक पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से प्राथीर् संख्या 1 की 3 अन्य आपरािधक प्रकरणों एवं प्राथीर् संख्या 2 की 5 अन्य आपरािधक प्रकरणों में संिलप्तता दशार्यी गयी है िजन सभी में प्राथीर्गण को जमानत पर िरहा िकये जाने का आदेश हो चुका है।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र को िवरोध करते हुए कहा िक पुिलस ने गाड़ी के मािलक को पकड़ा तथा अिभरक्षा में िदये गये अपने बयान में उसने कहा िक दोनों अिभयुक्तगण उसकी गाड़ी लेकर गये थे। िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कहा िक प्रकरण में िववेचना अभी लंिबत है।
7. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्राथीर् को प्रस्तुत प्रकरण में मात्र एक सह- अिभयुक्त के अिभरक्षा में िदये गये बयान के आधार पर आरोपी बनाया गया है तथा अिभयुक्तगण ने िववेचना में सहयोग करने का आश्वासन िदया है, न्यायालय का मत है िक अिभयुक्तगण अिग्रम Versus Counsel for Applicant(s) : Satyendra Nath Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Shahabuddin And Another .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Lko. Another .....Opposite Party(s)
जमानत पाने के अिधकारी हैं।
8. तद्नुसार अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
9.
उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदकगण की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदकगण, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होंगे। ख- आवेदकगण मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देंगे िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदकगण अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदकगण को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदकगण अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देंगे। च- आवेदकगण िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेंगे। September 18, 2025 Ankit NABAIL No. 1253 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench