RAMAN @VEDANT @CHAITANYA MAHARAJ v. STATE OF CHHATTISGARH
CRA/330/2007 · 2025-03-19
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 16427 (CHH) · dailylaw.ai ]
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1 / 12 {Cr. A. No.-330 of 2007}
2025:CGHC:13086 अ्ቚतिवे्ቕ छ्ቈीसगढ़ उ्ሴ न्यायालय
, बि'लासपुर
बि+्ቓ-य सुरति. बि/+ाँक-11/03/2025 बि+्ቓ-य उ्ሾोबि5 बि/+ाँक-19/03/2025 /ाቄኌ89क अपील ्ቅमाँक
-330
/2007
1. रम्ቓ उ्ቛ- वे/ान् उ्ቛ- चैन्य महाराज बिपा-ए+.एस. करूमे्ቫरम, उ्-लगभग 39 व5-, पेशा-तिचबिकत्सक, बि+वासी-रामकृ ष््ቓ अस्पाल आ्ቦम, +ाराय्ቓपुर, व-मा+ बि+वासी-रामकृ ष््ቓ बिमश+-बिववेका+ं/ आ्ቦम, जी.ई. रो9, रायपुर, छ्ቈीसगढ़ -----अपीलाቕኍP बिवरू्ሾ छ्ቈीसगढ़ राज्य, ्ቛारा ቕኍा+ा-+ाराय8पुर, जिजला-'स्र, छ्ቈीसगढ़ -----उ्ቈरवा/ी अपीलाቕኍP ्ቛारा : ्ቦी वरू्ቓ शमा-, अतिUव्ሹा एवं अम+ के शरवा+ी, अतिUव्ሹा । शास+/उ्ቈरवा/ी ्ቛारा : ्ቦी बिववेक बिम्ቦा, अतिUव्ሹा । मा++ीय न्यायमूቔኌ ्ቦी संजय कु मार जायसवाल !! सी.ए.वी. बि+्ቓ-य !! 1. /89 ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की Uारा-374 के ह ्ቚस्ु इस /ाቄኌ89क अपील में बिवचार्ቓ न्यायालय-बिवशे5 न्यायाUीश {अ+ुसूतिच जाति एवं अ+ुसूतिच ज+जाति POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.03.19 16:03:10 +0530
2 / 12 {Cr. A. No.-330 of 2007} (अत्याचार बि+वार्ቓ) अतिUबि+यम, 1989 के अंग- ्ቚातिUकृ }, 'स्र स्ቕኍा+ जग/लपुर, छ्ቈीसगढ़ ्ቛारा स्ቔ ्ቚकर्ቓ ्ቅमांक-75/2006 “छ्ቈीसगढ़ शास+ बिवरू्ሾ रम्ቓ उ्ቛ- वे/ान् उ्ቛ- चैन्य महाराज” में पारिर बि+्ቓ-य बि/+ांक-12/04/ 2007 को चु+ौी /ी गई है । जिजसके ह अपीलाቕኍP को बि+म्+ा+ुसार /ो5जिस्ቍ कर /ቄኌ89 बिकया गया है । जिजसे आगे सं.ेप में “्ቚ्ाUी+ बि+्ቓ-य” से सम्'ोतिU बिकया जा रहा हैः- /ो5जिसति्ቍ /89ा/ेश Uारा-354 भारीय /89 संबिहा, 1860 02 व5- के कठोर कारावास एवं 1,000/-रूपये का अቕኍ-/89 ቕኍा अቕኍ-/89 राशिश अ/ा + कर+े की /शा में 03 माह के अतिरिर्ሹ कठोर कारावास की सजा से /ቄኌ89 बिकया गया ।
2. बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा उ्ሹ ्ቚ्ाUी+ बि+्ቓ-य के ह अपीलाቕኍP को Uारा-3(1) (xi) अ+ुसूतिच जाति एवं अ+ुसूतिच ज+जाति (अत्याचार बि+वार्ቓ) अतिUबि+यम, 1989 के अपराU से /ो5मु्ሹ बिकया गया है ।
3. यह अबिववाबि/ थ्य है बिक अपीलाቕኍP पेशे से 9ॉक्टर रहा है जो घट+ा के समय रामकृ ष््ቓ आ्ቦम अस्पाल, +ाराय्ቓपुर में प/स्ቕኍ ቕኍा । वहां पीबिuा (अ०सा०- 1) अप+ी भाभी (अ०सा०-2) के साቕኍ बि/+ांक-18/08/2004 को उपचार हेु गई ቕኍी । भाभी (अ०सा०-2) को अस्पाल में उपचार हेु भP बिकया गया ቕኍा और उसका ऑपरेश+ भी हुआ ቕኍा, उस समय पीबिuा (अ०सा०-1) उसकी /ेखभाल कर रही ቕኍी । पीबिuा (अ०सा०-1) को भी पेट में कली्ቛ ቕኍी ।
3 / 12 {Cr.
A. No.-330 of 2007} अस्पाल में उस+े भी उपचार हेु का9- '+वाया ቕኍा जो आኌटकल-ए के रूप में ቕኍा वहां की पंजी में उसका इं्ቖाज भी हुआ जो आኌटकल-'ी के रूप में रहा । जिजस का9- और पंजी को आस्पाल में प/स्ቕኍ लिलबिपक सुजिज कु मार ्ቦीवास्व (अ०सा०-4) ्ቛारा ्ቚमाशि्ቓ भी बिकया गया है । वहां पीबिuा (अ०सा०-1) का उपचार अपीलाቕኍP +े बिकया ቕኍा ।
4. अशिभयोज+ मामला सं.ेप में इस ्ቚकार है बिक अपीलाቕኍP +े पीबिuा (अ०सा०-1) को बि/+ांक-18/08/2004 को उपचार हेु /ेखा ቕኍा और उसे पु+ः 03 बि/+ प्ቐा बि/खा+े को कहा ቕኍा । बि/+ांक-21/08/2004 को ज' पीबिuा, अपीलाቕኍP के पास उपचार हेु गई ो अपीलाቕኍP +े उसे जांच के 'हा+े अप+े चेम्'र में लिलटा लिलया और बि्ቛर उसके शरीर के अंगों को स्पश- करा व /'ाा रहा । शाम 04:30 'जे उस+े पीबिuा (अ०सा०-1) को 80/-रूपये लेकर आ+े पर अच्छी /वा /े+े को कहकर जा+े बि/या । उस बि/+ शाम को पीबिuा (अ०सा०-1) अप+ी भाभी (अ०सा०-2) का ऑपरेश+ हो+े के कार्ቓ पु+ः +हीं गई । रबिववार बि/+ांक- 22/08/2004 को ज' पीबिuा (अ०सा०-1) सु'ह अस्पाल अप+ी भाभी (अ०सा०-2) की /ेखरेख कर+े पहुंची ो मुख्य /रवाजे पर अपीलाቕኍP बिमला और पीबिuा को अप+े कमरे में 'ुलाया । वह अप+ी भाभी के पास चली गई ो आया बि+यति को भेजकर 'ुलाया । ज' पीबिuा (अ०सा०-1) वहां से अपीलाቕኍP के कमरे में गई ो रबिववार का अवकाश हो+े से कोई मरीज +हीं ቕኍे । वहां अपीलाቕኍP +े उसे पु+ः जांच के लिलये लेट जा+े को कहकर उसके +ीचे का सलवार खोल+े को कहा और सलवार के साቕኍ उसके अंरवኚᮌ भी उार बि/या ቕኍा आंरिरक अंगों को स्पश- कर+े लगा और हंसे हुए कह+े लगा बिक कोई लuका उसे प्यार करा है या
4 / 12 {Cr. A. No.-330 of 2007} +हीं?
A. No.-330 of 2007} +हीं? पीबिuा (अ०सा०-1) के +हीं कह+े पर, कह+े लगा बिक इ+ी खू'सूरी /ेखकर कोई भी प्यार करेगा । ' अपीलाቕኍP का गल इरा/ा समझकर पीबिuा अप+े सलवार को लेकर जा+े लगी ो अपीलाቕኍP /रवाजा 'ं/ कर+े का ्ቚयास बिकया लेबिक+ पीबिuा (अ०सा०-1) बि+कलकर भागी । वहां जिसस्टर ''ीा +ेमा व आया बि+यति +े उससे कार्ቓ पूछा बिक सलवार सूट को हाቕኍ में पकuकर क्यों आ रही हो? ' कु छ +हीं कहकर पीबिuा अप+े भाभी के वा9- के 'ाቕኍरूम में घुसकर कपuे पह+ी और बि्ቛर अप+ी भाभी ቕኍा जिसस्टर वगैरह को घट+ा 'ायी । अपीलाቕኍP पु+ः वा9- ब्वॉय को भेजकर पीबिuा (अ०सा०-1) को 'ुलाा रहा, बिकन्ु पीबिuा +हीं गई । त्प्ቐा अपीलाቕኍP स्वयं भी उसे 'ुला+े आया और उसे /वा /े+े की 'ा कही, ो पीबिuा +े म+ा कर बि/या । त्प्ቐा पीबिuा +े अप+े रिरश्े/ारों और आस-पuोस के लोगों को घट+ा की जा+कारी /ी । सामाजिजक 'ैठक हुई और बि/+ांक-24/08/2004 को पीबिuा (अ०सा०-1) के रिरपोट- पर ቕኍा+ा-+ाराय्ቓपुर में अपराU ्ቅमांक-79/2004 का ्ቚቕኍम सूच+ा प्ቔ ्ቚ/श- पी-1 /ज- कर, पीबिuा के उपचार वाले का9- और अस्पाल की पंजी की जब्ी की गई । घट+ास्ቕኍल का मौका +क्शा ैयार बिकया गया । साति.यों के 'या+ लिलये गये । बिववेच+ा पू्ቓ- कर अशिभयोगप्ቔ पेश बिकया गया ।
5. अशिभयोज+ की ओर से अप+े प. समቕኍ-+ में कु ल-06 साति.यों का परी.्ቓ ቕኍा 03 /स्ावेज ्ቚ/श- तिचन्हांबिक करवाये गये । Uारा-313 /89 ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह 'या+ में अपीलाቕኍP +े अप+े बिवपरी साति.यों के कቕኍ+ों को इन्कार करे हुए कहा है बिक उस+े पीबिuा (अ०सा०-1) का उपचार बिकया ቕኍा ቕኍा 'ाहर से /वा खरी/+े के लिलये उसे 80/-रूपये लेकर आ+े को कहा ቕኍा । बि/+ांक-22/08/
5 / 12 {Cr.
A. No.-330 of 2007} 2004 को ज' रबिववार का बि/+ ቕኍा और पीबिuा (अ०सा०-1) +े माहवारी की समस्या 'ायी ቕኍी, ' उस+े कहा ቕኍा बिक जांच के लिलए कपuा हटा+ा पuेगा, ो पीबिuा +े स्वयं कपuा हटाया ቕኍा । ज' उस+े /वाई के लिलए 80/-रूपये ला+े की 'ा कही ो पीबिuा (अ०सा०-1) +ाराज होकर अप+ा सलवार उठाकर चली गई ቕኍी । ज'बिक उस+े पीबिuा के साቕኍ कोई '/सलूकी +हीं की ቕኍी । पीबिuा +े उसके लिखला्ቛ झूठी रिरपोट- की है । उस+े 9ॉक्टर के क-व्यों का पाल+ करे हुए जांच की है । उसका कोई /ुराशय +हीं ቕኍा । उसे झूठा ्ቛं साया गया है । उसकी ओर से 'चाव में उसी अस्पाल के 9ॉक्टर 9ी० भंज ('०सा०-1) का परी.्ቓ करवाया गया है । जिजस+े इ+ा ही 'ाया है बिक अस्पाल में ह्ቤा-गु्ቤा हो रहा ቕኍा, जहां एक मबिहला भी ቕኍी, जो एक मरीज के सहायक के रूप में आयी ቕኍी । अपीलाቕኍP +े पूछ+े पर 'ाया ቕኍा बिक आबि/वासी लोग यह कहकर गुस्सा हो गये हैं बिक पैसे की मांग की गई है । ज'बिक अस्पाल में आबि/वाजिसयों का उपचार मुफ् में होा ቕኍा । उसके काय-काल के /ौरा+ आबि/वाजिसयों की ओर से कोई Uर+ा ्ቚ/श-+ +हीं हुआ । ्ቚतिपरी.्ቓ में उस+े कहा है बिक उसकी जा+कारी के अ+ुसार अपीलाቕኍP अबिववाबिह है और रामकृ ष््ቓ बिमश+ के बि+यमों के ह अबिववाबिह को ही आ्ቦम की स/स्या /ी जाी है । ्ቚतिपरी.्ቓ में उस+े यह भी कहा है बिक कशिቕኍ पीबिuा (अ०सा०-1) से उसकी कोई 'ा +हीं हुई ቕኍी । घट+ा के प्ቐा अपीलाቕኍP अस्पाल छोuकर चला गया ቕኍा जो का्ቛी बि/+ों प्ቐा वापस आया ቕኍा । उपरो्ሹ साቌኚय के आUार पर उभयप. काे सु+ा जाकर बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा अपीलाቕኍP को इस बि+्ቓ-य की कቄኌ89का-1 के अ+ुसार /ो5जिस्ቍ कर /ቄኌ89 बिकया गया है । जिजसे इस अपील में चु+ौी /ी गई है।
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6. अपीलाቕኍP प.
के बिव्ቛा+ अतिUव्ሹा का क- है बिक पीबिuा (अ०सा०-1) ्ቛारा /ज- ्ቚቕኍम सूच+ा प्ቔ, उसके पुलिलस 'या+ और न्यायालयी+ 'या+ में गंभीर बिवरोUाभास की ቄኌस्ቕኍति है । न्यायालयी+ 'या+ में उस+े रिरपोट- के अ+ुसार घट+ा बि/+ांक- 21/08/2004 के घट+ा्ቅम की पुबिŽ +हीं की है, 'ቄኌ•क कही है बिक वह शबि+वार अቕኍा- बि/+ांक-21/08/2004 को उपचार के लिलए +हीं गई ቕኍी । कहीं पर उस+े आया बि+यति को भेजकर उसे 'ुला+े की 'ा कही है, ो कहीं पर स्ቛाई वाले को भेजकर 'ुला+े की 'ा कही है । उस+े सलवार और अंरवኚᮌ अपीलाቕኍP के कह+े पर बि+कला ቕኍा या अपीलाቕኍP +े उसका सलवार और अंरवኚᮌ बि+कला बि/या ቕኍा, इस बिव5य को भी लेकर बिवरोUाभास की ቄኌस्ቕኍति है । उसके ्ቛारा 'ढ़ा-चढ़ाकर कቕኍ+ बिकया गया है । जिसस्टर ''ीा +ेमा ቕኍा आया बि+यति का परी.्ቓ +हीं करवाया गया है । रिरपोट- सामाजिजक 'ैठक के प्ቐा की गई है । पीबिuा को माहवारी की शिशकाय ቕኍी और जांच के समय उसके ्ቛारा कोई आपलि्ቈ +हीं की गई ቕኍी । आबि/वासी समाज के लोगों के ्ቛारा पैसे मांग+े की 'ा को लेकर हंगामा बिकया जा+ा अशिभयोज+ सा.ी सुजिज कु मार ्ቦीवास्व (अ०सा०-5) +े स्वीकार बिकया है । अपीलाቕኍP के आपरातिUक आशय को ्ቚमाशि्ቓ कर+े में अशिभयोज+ अस्ቛल रहा है । इस ्ቚकार, बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा साቌኚय की उतिच रूप से समी.ा + करे हुए अपीलाቕኍP को /ो5जिस्ቍ कर /ቄኌ89 बिकया गया है । अपीलाቕኍP की /ो5जिसति्ቍ सं/ेह से परे स्पŽ, पया-् और बिव्ቫस+ीय साቌኚय पर आUारिर +हीं है । “्ቚ्ाUी+ बि+्ቓ-य” ቄኌस्ቕኍर रखे जा+े योग्य +हीं है । घट+ा के समय अपीलाቕኍP की उ् करी' 39 व5- की ቕኍी जिजसकी उ् व-मा+ में 60 व5- के करी' की हो चुकी है । अपीलाቕኍP व-मा+ में पू्ቓ-ः सन्यासी हो गया है जिजसका कोई आपरातिUक रिरकॉ9-
7 / 12 {Cr. A. No.-330 of 2007} +हीं है । अः अपील स्वीकार कर उसे /ो5मु्ሹ बिकया जाये । बिव्ቛा+ अतिUव्ሹा ्ቛारा अप+े क- के समቕኍ-+ में बि+म्+ न्यायदृŽांों का हवाला बि/या गया हैः- .i Raju Pandurang Mahale v. State of Maharashtra and another, (2004) 4 SCC 371. ii. Tarkeshwar Sahu v. State of Bihar (Now Jharkhand), (2006) 8 SCC 560. iii.
Naresh Aneja alias Naresh Kumar Aneja v. State of Uttar Pradesh and another, 2025 SCC OnLine SC 3. iv. Dr. S. Venkatraman v. Sandhya S. Raman and another, 2018 SCC OnLine Bom 1512. v. Mohd. Ali alias Guddu v. State of State of Uttar Pradesh, (2015) 7 SCC 272. 7. उ्ቈरवा/ी/शास+ प. की ओर से उपቄኌस्ቕኍ बिव्ቛा+ अतिUव्ሹा +े इस अपील का बिवरोU करे हुए क- बिकया है बिक अशिभयोज+ साति.यों +े पू्ቓ- रूप से अशिभयोज+ मामले का समቕኍ-+ बिकया है जिज+पर अबिव्ቫास बिकये जा+े का कोई कार्ቓ +हीं है । बिवचार्ቓ न्यायालय का “्ቚ्ाUी+ बि+्ቓ-य” साቌኚय की उतिच समी.ा पर आUारिर है । अशिभयोज+ +े अपीलाቕኍP के बिवरू्ሾ अप+ा मामला सं/ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ बिकया है । अपीलाቕኍP प. ्ቛारा अपील में उठाये गये क- स्वीकार योग्य +हीं है । अः अपील खारिरज बिकया जाये ।
8. उभयप. का क- सु+ा गया और अशिभलेख का सूቌኚमापूव-क परिरशील+ बिकया गया ।
8 / 12 {Cr. A. No.-330 of 2007}
9. उभयप.
्ቛारा ्ቚस्ु साቌኚय से यह ቄኌस्ቕኍति बि'•कु ल स्पŽ है बिक बि/+ांक-18/08/ 2004 से 23/08/2004 के /रम्या+ पीबिuा (अ०सा०-1) की भाभी (अ०सा०-2) उपचार हेु अस्पाल में भP हुई ቕኍी । जिजसका उपचार उसी अस्पाल के 9ॉक्टर 9ी० भंज ('०सा०-1) ्ቛारा बिकया गया ቕኍा । अपीलाቕኍP भी उस वा9- में उपचार के लिलये जाा ቕኍा जहां पीबिuा की भाभी (अ०सा०-2) भP ቕኍी । वहां पर पीबिuा (अ०सा०-1) अप+ी भाभी की /ेखरेख के लिलए मौजू/ रही ቕኍी । इसके साቕኍ-साቕኍ पीबिuा को भी पेट में कली्ቛ हो+े से वह उपचार हेु आኌटकल-ए का का9- '+वायी ቕኍी और बि/+ांक-18/08/2004 को अपीलाቕኍP +े उसका जांच बिकया ቕኍा । रिरपोट- ्ቚ/श- पी-1 के अ+ुसार पीबिuा (अ०सा०-1) +े बि/+ांक-21/08/2004 को /ो'ारा अपीलाቕኍP के पास जांच हेु जा+े की पुबिŽ +हीं की है । सम्पू्ቓ- घट+ा्ቅम जो /ो5जिसति्ቍ का आUार रहा है वह बि/+ांक-22/08/2004 का 'ाया गया है । जिजसके अ+ुसार पीबिuा (अ०सा०-1) +े न्यायालयी+ 'या+ में अशिभयोज+ मामले की पुबिŽ की है । जिजसके अ+ुसार अपीलाቕኍP +े उसके गु्ांग को भी स्पश- बिकया ቕኍा और उसकी खू'सूरी ቕኍा प्यार वगैरह की 'ाें कही ቕኍी । अपीलाቕኍP +े स्वयं Uारा-313 /89 ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह जो कቕኍ+ बिकये हैं उससे यह स्पŽ हुआ है बिक वह बि/+ांक- 22/08/2004 को भी पीबिuा को अप+े चेम्'र में लिलटाकर उसकी जांच बिकया ቕኍा और जांच कर+े में उसके +ीचे के कपuे को भी खुलवाया ቕኍा । ऐसी /शा में, जिस्ቛ- यह /ेखा जा+ा शे5 रह जाा है बिक क्या अपीलाቕኍP जो पेशे से 9ॉक्टर है उस+े स्ቓाबिवक रूप से जांच की ቕኍी या उसमें कोई /ुभा-व+ा भी बि+बिह ቕኍी? 9 / 12 {Cr. A. No.-330 of 2007}
10.
पीबिuा (अ०सा०-1) के 'या+ में जिजस ्ቚकार से अपीलाቕኍP ्ቛारा पूछाछ कर उसके ्ቚति रूतिच लिलया जा+ा, गु्ांग को स्पश- बिकये जा+े का थ्य आया है उससे अपीलाቕኍP के /ुराशय को समझकर वह +ीचे के कपuे को पह+े 'गैर अपीलाቕኍP के चेम्'र से हाቕኍ में सलवार को लेकर अप+े भाभी (अ०सा०-2) के वा9- में गई और वहां के 'ाቕኍरूम में कपuे पह+ी ቕኍी । यह थ्य +ा जिस्ቛ- पीबिuा (अ०सा०-1) के 'या+ में अखቄኌ89 रहा है 'ቄኌ•क बि/+ांक-24/08/2004 को लिलखवायी गयी रिरपोट- ्ቚ/श- पी-1 से पुŽ भी होा है । उ्ሹ थ्य की पुबिŽ पीबिuा की भाभी (अ०सा०-2) +े भी की है । जिजस+े स्वयं पीबिuा को हाቕኍ में सलवार पकuकर लेकर रोे हुए आ+ा 'ायी है और 'ाቕኍरूम में उसके ्ቛारा कपuे पह++े की पुबिŽ की है ।
11. पीबिuा (अ०सा०-1) का रिरश्े में चचेरा भाई (अ०सा०-3) +े भी पीबिuा और उसकी पत्+ी (अ०सा०-2) के 'ा+े पर उ्ሹ थ्य की जा+कारी हो+ा कहा है, जिजसका ख89+ +हीं हो सका है । यह ቄኌस्ቕኍति बिक कोई मबिहला, पुरू5 9ॉक्टर के चेम्'र से +ीचे के अप+े वኚᮌों को बि'+ा पह+े और हाቕኍ में लेकर उस वा9- में जाये जहां उसकी भाभी (अ०सा०-2) भP हो और वहां के 'ाቕኍरूम में उ+ कपuे को पह+े । यह ቄኌस्ቕኍति /शा-ी है बिक अपीलाቕኍP के ्ቛारा पीबिuा (अ०सा०-1) की जांच के समय ቄኌस्ቕኍति सामान्य +हीं ቕኍी । अन्यቕኍा कोई कार्ቓ +हीं ቕኍा बिक पीबिuा अप+े +ीचे के वኚᮌों को बि'+ा पह+े 'ाहर आी । अस्पाल एक ऐसा स्ቕኍा+ होा है जहां 'हु से लोगों का आ+ा-जा+ा होा है । हालांबिक उस बि/+ रबिववार का बि/+ ቕኍा, जहां ज्या/ा भीu +हीं ቕኍी । बिकन्ु ्ቐूटी पर + जिस्ቛ- 9ॉक्टर 'ቄኌ•क वा9- ब्वॉय, +स- आबि/ लोग उपቄኌस्ቕኍ ቕኍे ।
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12. इस अवस्ቕኍा में, ऐसा परिरलति. +हीं होा है बिक सामान्य जांच के प्ቐा पीबिuा (अ०सा०-1) अप+े वኚᮌों को हाቕኍ में लेकर 9ॉक्टर के चेम्'र से बि+कलकर वा9- क जाये । वास्व में, अपीलाቕኍP की उस समय बि+य क्या ቕኍी?
यह एक मरीज या मबिहला वास्बिवक रूप में समझ सकी है । जिजस ्ቚकार से, पीबिuा (अ०सा०-1) का कቕኍ+ आया है उससे यह जाबिहर होा है बिक अपीलाቕኍP ्ቛारा पीबिuा (अ०सा०-1) में बिवशे5 रूतिच लिलया जा रहा ቕኍा । ऐसा कोई कार्ቓ +जर +हीं आा है बिक अपीलाቕኍP को पीबिuा (अ०सा०-1) बिकसी झूठे मामले में ्ቛं सा+े में कोई रूतिच या हेुक रखी हो ।
13. ऐसी /शा में, थ्यों की शिभ्ቐा के कार्ቓ अपीलाቕኍP प. ्ቛारा ्ቚस्ु बिकये गये न्यायदृŽांों का कोई लाभ उसे +हीं बिमला । पीबिuा (अ०सा०-1) ቕኍा अन्य ्ቚस्ु साቌኚय के आUार पर यह ्ቚमाशि्ቓ रहा है बिक अपीलाቕኍP का पीबिuा (अ०सा०-1) की जांच कर+े के समय /ुराशय ቕኍा । उस /ुराशय के ह ही उस+े +ा जिस्ቛ- पीबिuा से 'ाची की 'ቄኌ•क उसके आंरिरक अंगों को भी स्पश- करे हुए उसकी ल्ሸा भंग कर+े के आशय से आपरातिUक 'ल का भी ्ቚयोग बिकया है । इस ्ቚकार से, अपीलाቕኍP की /ो5जिसति्ቍ स्पŽ, बिव्ቫस+ीय और पया-् साቌኚय के आUार पर बिकया जा+ा पाया जाा है जिजसमें कोई अवैUा ्ቚकट +हीं होी । इसलिलए /ो5जिसति्ቍ पर हस्.ेप बिकये जा+े की आवश्यका +हीं पायी जाी । अः /ो5जिसति्ቍ की पुबिŽ की जाी है ।
14. जहाँ क, /89ा/ेश का ्ቚ् है? इस सं'ंU में, अपीलाቕኍP प. के बिव्ቛा+ अतिUव्ሹा का क- है बिक घट+ा करी' 20 व5- पूव- की है । व-मा+ में अपीलाቕኍP की उ् भी लगभग 60 व5- की है । वह करी' 03 बि/+ न्यातियक अशिभर.ा में भी रहा है ।
11 / 12 {Cr. A. No.-330 of 2007} उसका कोई पूव- आपरातिUक रिरकॉ9- +हीं 'ाया गया है । इस अवस्ቕኍा में, उसे पु+ः जेल भेजा जा+ा न्यायबिह में आवश्यक +हीं है । अः /89ा/ेश में उ/ारा 'री जाये । इस बि+वे/+ का अशिभयोज+ प. +े बिवरोU बिकया है ।
15.
यह उ्ቤेख+ीय थ्य है बिक अपीलाቕኍP बिवचार्ቓ के समय करी' 03 बि/+ क अशिभर.ा में रहा है । व-मा+ में अपीलाቕኍP की उ् भी लगभग 60 व5- की हो रही है । उसका कोई पूव- आपरातिUक रिरकॉ9- +हीं 'ाया गया है । इस अवस्ቕኍा में, मामले के सम्पू्ቓ- थ्य और परिरቄኌस्ቕኍतियों को दृबिŽग रखे हुए /89 के ्ቚ् पर कु छ उ/ारा 'रा जा+ा उतिच पाया जाा है ।
16. अः /89 के ्ቚ् पर अपील स्वीकार करे हुए अपीलाቕኍP को Uारा-354 भारीय /89 संबिहा, 1806 के अपराU में कारावासी /89 02 व5- को कम करे हुए उसके अशिभर.ा अवतिU की सीमा क 03 बि/+ के कारावास में परिरवቔኌ कर सीबिम बिकया जाा है । अቕኍ-/89 की राशिश 1,000/-रूपये से 'ढ़ायी जाकर 15,000/-रूपये की जाी है । अቕኍ-/89 राशिश जमा +ा कर+े की /शा में अपीलाቕኍP 06 माह के स्ቦम कारावास का भागी होगा । उसके ्ቛारा यबि/ कोई अቕኍ-/89 राशिश जमा की गई हो ाे वह समायोज+ योग्य होगी ।
17. उपरो्ሹा+ुसार, /89 के ्ቚ् पर अपील आंशिशक रूप से स्वीकार की जाी है ।
18. अपीलाቕኍP को जमा+ पर 'ाया गया है । अቕኍ-/89 राशिश 60 बि/+ में जमा + हो+े पर जमा+-मुचलका बि+रस् मा+ा जावे ቕኍा अቕኍ-/89 वसूली हेु बिवतिU अ+ुसार अबि¶म काय-वाही की जावे ।
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19. बि+्ቓ-य की ्ቚति के साቕኍ बिवचार्ቓ न्यायालय को मूल अशिभलेख आवश्यक काय-वाही हेु सूच+ाቕኍ- एवं पाल+ाቕኍ- शी्ቈापूव-क ्ቚेबि5 हो । सही/- (संजय कु मार जायसवाल) न्यायाUीश पोम+