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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 163886 (ALL)

NOOR ALAM v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/8832/2025 · 2025-09-24

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8832 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री िदनेश कु मार शमार् तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. यह प्राथर्ना-पत्र थाना इटौंजा िजला लखनऊ में पंजीकृ त मुकदमा अपराध संख्या 208 सन 2023, धारा 3/5/8 उत्तर प्रदेश गोवध िनवारण अिधिनयम के अंतगर्त प्राथीर् को जमानत पर िरहा करने के िलए प्रस्तुत िकया गया है। 3. िदनांक 04.09.2023 को िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया िक एक खेत में अज्ञात लोगों द्वारा दो गोवंश को काट िदया गया तथा उसका मांस उठा ले गए एवं कु छ अवशेष मौके पर पड़े रहे। 4. पुिलस ने प्राथीर् को पांच अन्य अिभयुक्तगण के साथ एक मुखिबर खास से प्राप्त सूचना के आधार पर पकड़ा और इस संबंध में िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् संख्या 247 वषर् 2023 थाना जहांगीराबाद, जनपद बाराबंकी अंतगर्त धारा 25, 4 एवं 3 आयुध अिधिनयम व धारा 307 भा०द०सं० के अपराधों के िलए िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा िक पुिलस मुठभेड़ में प्राथीर् को गोली लगी उससे एक तमंचा िजसकी नाल में एक खोखा कारतूस था तथा एक िजदा कारतूस बरामद हुआ। अिभरक्षा में िदए गए बयान में अिभयुक्तगण ने गोकशी में संिलप्तता स्वीकार की तथा प्रश्नगत प्रकरण में प्राथीर् को अिभयुक्त बनाया गया। 5. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है और पांच अन्य आपरािधक प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गई है िजनमें से चार प्रकरण में जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है। एक प्रकरण के बारे में प्राथीर् की बहन िजसने प्राथर्ना-पत्र के समथर्न में शपथ-पत्र प्रस्तुत िकया है कोई जानकारी नहीं जुटा पाई। एक अन्य सह-अिभयुक्त शाहीद अली को प्रस्तुत प्रकरण में एक अन्य पीठ द्वारा जमानत प्राथर्ना-पत्र संख्या 5667 वषर् 2025 में पािरत आदेश िदनांक 25.06.2025 द्वारा जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए िक िववेचना में Versus Counsel for Applicant(s) : Dinesh Kr. Sharma, Arshad Hafeez Khan, Sunil Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s): G.A. Noor Alam .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Secy. Home Deptt. Lko. .....Opposite Party(s) आरोपों की पुिष्ट हुई है एवं आरोप-पत्र प्रस्तुत िकया जा चुका है। 7. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए जबिक प्राथीर् प्रस्तुत प्रकरण में मात्र अिभरक्षा में िदए गए बयान के आधार पर आरोपी बनाया गया है तथा एक अन्य अिभयुक्त को जमानत िमल चुकी है एवं प्राथीर् िदनांक 23.09.2023 से अिभरक्षा में है जबिक िववेचना पूणर् हो चुकी है। अतः न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है। 8. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 9. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। . (Subhash Vidyarthi,J.) September 24, 2025 Sumit BAIL No. 8832 of 2025 2 Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench