SIPAHI LAL v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO AND ANOTHER
ABAIL/1001/2025 · 2025-09-19
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 163884 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 163884 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 1001 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री अनुराग िसह तथा िवद्वान अितिरक्त शासकीय अिधवक्ता प्रथम श्री राजेश कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता की धारा 482/438 दं०प्र०सं० के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 235 सन 2023 अन्तगर्त धारा 409, 419, 420, 467, 468, 471 भा०द०िव०, थाना रामपुर मथुरा, िजला सीतापुर, में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है।
3. िदनांक 10/8/2023 को िजला प्रबंधक, इंिडयन बैंक, सीतापुर द्वारा चार नािमत व्यिक्तयों, िजनमें प्राथीर् सिम्मिलत नहीं है, तथा िवकास खंड स्तर पर संबंिधत अिधकारी, िजसका नाम अंिकत नहीं है, के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में कहा गया है िक वषर् 2017 से 2020 के मध्य शौचालय िनमार्ण में 20 ग्राम पंचायतों में शासकीय धनरािश द्वारा रु० 69,74,989/- की अिनयिमतता प्रकाश में आई।
4. िववेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया है िक प्राथीर् ग्राम राजापुर इस्मैली का प्रधान था एवं प्राथीर् के ग्राम में भी कु छ अिनयिमतताएं हुई।
5. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है।
6. एक पूरक शपथ पत्र के माध्यम से एक अन्य आपरािधक प्रकरण में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्ई गई है, िजसमें िववेचक ने अंितम आख्या प्रस्तुत कर दी है।
7. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने कहा िक इस प्रकरण में कई सह-अिभयुक्तों को अिग्रम जमानत िमल चुकी है तथा एक अन्य अिभयुक्त, श्री राम, जो भी एक अन्य ग्राम का ग्राम प्रधान है तथा िजसके िवरुद्ध समान प्रकृ ित के आरोप थे, को भी इस न्यायालय की एक अन्य पीठ द्वारा अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र संख्या 756/2025 में पािरत आदेश िदनांक 8/7/2025 द्वारा अिग्रम जमानत िमल चुकी है।
8. िवद्वान अपर शासकीय प्रथम ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में प्राथीर् के हस्ताक्षर से धनरािश आहरण के साक्ष्य िमले हैं, िकतु वह इस तथ्य के िवरुद्ध तकर् नहीं कर सके िक सह अिभयुक्त श्री राम, का प्रकरण प्राथीर् के प्रकरण के समान है। Versus Counsel for Applicant(s) : Anurag Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sipahi Lal .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko And Another .....Opposite Party(s)
9. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने यह भी कहा िक प्रकरण में िववेचन अभी प्रचिलत है।
10.
उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत को रखते हुए, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् भी समानता के आधार पर अिग्रम जमानत पाने का अिधकारी है।
11. तदनुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
12. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदक की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगा। ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा। च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा।
September 19, 2025 Himanshu ABAIL No. 1001 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench