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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 163868 (ALL)

MUNNAUWAR @ ATA MOHD. v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER

BAIL/8651/2025 · 2025-09-17

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8651 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री सुिमत चौहान तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री मो० आिसफ खान को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. यह प्राथर्ना-पत्र थाना नवीन मॉडनर् पुिलस थाना िजला श्रावस्ती में पंजीकृ त मुकदमा अपराध संख्या 44 वषर् 2025, 3/8 उत्तर प्रदेश गोवध िनवारण अिधिनयमके अंतगर्त प्राथीर् को जमानत पर िरहा करने के िलए प्रस्तुत िकया गया है। 3. िदनांक 23.06.2025 को िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक गोवंश के कु छ अंश एक गन्ने के खेत में िमले। 4. प्राथीर् को प्रथम सूचना िरपोटर् सं० 47 वषर् 2025 में पुिलस ने एक किथत मुठभेड़ में िगरफ्तार िकया उक्त प्रकरण में अिभरक्षा में िदए गए बयान में प्राथीर् ने प्रस्तुत प्रकरण में अपनी संिलप्तता स्वीकार की है। 5. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् की आठ अन्य आपरािधक प्रकरणों में संिलप्तता दशार्यी गई है िजन सभी में जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट हुई है और आरोप-पत्र िदनांक 31.08.2025 को प्रस्तुत िकया जा चुका है। 7. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए जबिक प्रस्तुत प्रकरण में कोई नािमत अिभयुक्त नहीं है तथा कोई प्रत्यक्षदशीर् साक्षी भी नहीं है; प्राथीर् ने अन्य प्रकरण में मुठभेड़ में िगरफ्तार िकए जाने पर अिभरक्षा में िदए गए बयान में प्रस्तुत प्रकरण में अपनी संिलप्तता स्वीकार की है तथा अिभरक्षा में Versus Counsel for Applicant(s) : Sumit Chauhan, Ashutosh Srivastava, Pratibha Maurya Counsel for Opposite Party(s): G.A. Munnauwar @ Ata Mohd. .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another .....Opposite Party(s) िदए गए बयान के अितिरक्त प्राथीर् के प्रश्नगत प्रकरण में संिलप्त होने के संबंध में अन्य कोई सामग्री नहीं है। प्राथीर् िदनांक 29.06.2025 से जेल में है जबिक िववेचना पूणर् हो चुकी है। अतः न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है। 8. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 9. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। . (Subhash Vidyarthi,J.) September 17, 2025 Sumit BAIL No. 8651 of 2025 2 Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench