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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 163712 (ALL)

SUNIL KUMAR JAISWAL AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME AND ANOTHER

NABAIL/1209/2025 · 2025-09-15

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1209 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर्गण के िवद्वान अिधवक्ता श्री अजीत कु मार, िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री प्रशांत ित्रपाठी तथा िशकायतकतीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री जीशान अली को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. धारा 438 दं०प्र०सं०/482, भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता, 2023 के अंतगर्त प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर्गण ने मुकदमा अपराध संख्या 0113 सन 2025 अन्तगर्त धारा 420, 506, 467, 468, 471, 120-B भा०द०िव० थाना कोतवाली नगर, िजला बाराबंकी में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िदनांक 31.01.2025 को प्राथीर्गण तथा एक अन्य व्यिक्त श्यामू वमार् के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में कहा गया है िक िशकायतकतीर् ने अिभयुक्तगण से वषर् 2012 में 1000 वगर् फीट का एक भूखण्ड आठ लाख रुपये में क्रय िकया था। िशकायतकतीर् ने उक्त भूखण्ड को अनवार हुसैन को वषर् 2021 में बेच िदया। अनवार हुसैन ने िशकायतकतीर् को बताया िक िवक्रीत भूखण्ड का गाटा संख्या 27 है, जबिक भूखण्ड वास्तव में गाटा संख्या 28 में िस्थत है। प्रथम सूचना िरपोटर् में कहा गया है िक भूखण्ड पर उप-िजलािधकारी नवाबगंज बाराबंकी व स्थानीय पुिलस द्वारा िशकायतकतीर् के भूखण्ड को अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराकर उसे कब्जा िदया गया था। 4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया िक प्राथीर्गण िनदोर्ष हैं। शपथ-पत्र के प्रस्तर 33 में प्राथीर् संख्या 1 की तीन अन्य आपरािधक प्रकरण में संिलप्तता दशार्यी गई है िजन सभी प्रकरणों में कायर्वाही समझौते के आधार पर समाप्त हो चुकी है। शपथ-पत्र के प्रस्तर 34 में प्राथीर् संख्या 2 की धारा 138 परक्राम्य िलखत अिधिनयम के अंतगर्त संिलप्तता दशार्यी गई है जो अभी लंिबत है। Versus Counsel for Applicant(s) : Ajeet Kumar Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Zeeshan Ali Sunil Kumar Jaiswal And Another .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home And Another .....Opposite Party(s) 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्रकरण में िववेचना अभी लंिबत है। 6. िशकायतकतीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने भी प्राथर्ना-पत्र का िवरोध िकया तथा कहा िक जब िशकायतकतीर् से भूखण्ड क्रय करने वाले क्रे ता ने कब्जे के िवषय में आपित्त की तब िशकायतकतीर् ने यह प्रथम सूचना िरपोटर् दजर् कराई। 7. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए जबिक िशकायतकतीर् ने भूखण्ड वषर् 2012 में क्रय िकया था; िशकायतकतीर् ने प्रथम सूचना िरपोटर् में स्वयं ही कहा है िक भूखण्ड पर उसे उप िजलािधकारी नवाबगंज बाराबकी व स्थानीय थाने की पुिलस ने कब्जा िदलाया था; प्रथम सूचना िरपोटर् लगभग 14 वषर् बाद अंिकत कराई गई है न्यायालय का मत है िक प्राथीर्गण अिग्रम जमानत पाने का अिधकारी है। 8. तद्नुसार अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 9. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदकगण की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उन्हें संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदकगण, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होंगे। ख- आवेदकगण मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदकगण अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदकगण को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदकगण अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा। च- आवेदकगण िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। September 15, 2025 Sumit NABAIL No. 1209 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench