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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 163498 (ALL)

EHTISHAN ALI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/8587/2025 · 2025-09-11

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8587 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री संतोष कु मार कनौिजया तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री सत्येन्द्र श्रीवास्तव को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. यह प्राथर्ना-पत्र थाना गोसाईगंज िजला लखनऊ में पंजीकृ त मुकदमा अपराध संख्या 336 सन 2025, धारा 318 (2), 325, 338, 336(2) 340 (2), 61 (1) (b) भारतीय न्याय संिहता एवं धारा 11 (1) (L) पशुओं के प्रित क्रू रता रोकथाम अिधिनयम के अंतगर्त प्राथीर् को जमानत पर िरहा करने के िलए प्रस्तुत िकया गया है। 3. िदनांक 12.07.2025 को प्राथीर् सिहत तीन व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक एक मुखिबर से प्राप्त सूचना के आधार पर चार पिहया भार वाहक वाहन को रोका गया िजसमें सभी अिभयुक्तगण सवार थे। वाहन पर चार िक्वटंल भैंस का मांस प्राप्त हुआ। प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक वाहन का कोई प्रपत्र नहीं था। प्रथम सूचना िरपोटर् में यह भी कहा गया है िक अिभयुक्तगण ने एक कं पनी द्वारा िनगर्त इनवॉइस, लाइसेंस, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्रािधकरण द्वारा जारी लाइसेंस उपलब्ध कराया िजनमें िवरोधाभास पाया गया तथा अिभरक्षा में िदए गए बयान में सह-अिभयुक्त एहितशान अली ने बताया िक यह दस्तावेज कू टरिचत हैं। 4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है और उसका कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। 5. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक किथत अपराधों में धारा 338 भारतीय न्याय संिहता के अंतगर्त अपराध आजीवन कारावास व 10 वषर् के कारावास से दण्डनीय हैं तथा शेष सभी अपराध सात वषर् के कारावास से दण्डनीय हैं। उनका तकर् है िक धारा 338 का अपराध कहे गए कथनों से प्रथम दृष्टया िसद्ध नहीं होता है क्योंिक धारा 338 िकसी मूल्यवान प्रितभूित अथवा Versus Counsel for Applicant(s) : Santosh Kumar Kanaujia Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ehtishan Ali .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. .....Opposite Party(s) वसीयत आिद की कू टरचना के संबंध में प्रावधान बनाती है, िकतु इनवॉइस अथवा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्रािधकरण द्वारा जारी लाइसेंस मूल्यवान प्रितभूित में नहीं आते हैं। 6. सह-अिभयुक्त मो० अहमद उफर् चांद को आपरािधक प्रकीणर् जमानत आवेदन संख्या 8239 वषर् 2025 में इस न्यायालय द्वारा आदेश िदनांक 08.09.2025 में जमानत प्राप्त हो चुकी है। 7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट हुई है और आरोप-पत्र िदनांक 19.08.2025 को प्रस्तुत िकया जा चुका है। 8. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए प्राथीर् का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है वह िदनांक 12.07.2025 से अिभरक्षा में है एवं िववेचना पूणर् हो चुकी है तथा सह-अिभयुक्त मो० अहमद उफर् चांद को इस न्यायालय द्वारा जमानत दी जा चुकी है। अतः न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है। 9. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 10. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 11, 2025 Sumit BAIL No. 8587 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench