VIJAY KUMAR JAISWAL v. UNION OF INDIA THRU. SUPERINTENDANT NARCOTICS CONTROL BUREAU LKO.
BAIL/8589/2025 · 2025-09-25
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 163242 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8589 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. िवपक्षी के अिधवक्ता ने एक प्रित शपथ पत्र प्रस्तुत िकया, िजसे अिभलेख पर िलया जाता है।
2. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री अिनल कु मार पांडेय तथा िवपक्षी नारकोिटक्स कं ट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के िवद्वान अिधवक्ता श्री अिखलेश कु मार अवस्थी को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
3. धारा 439 दं०प्र०सं०/483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता (B.N.S.S.) में प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने एन०सी०बी० अपराध संख्या 12 सन 2025, अन्तगर्त धारा 9( C)/20/29 एन०डी०पी०एस० एक्ट, थाना एन०सी०बी, िजला-लखनऊ, में जमानत की प्राथर्ना की है।
4. उपरोक्त प्रकरण िदनांक 14/06/2025 को हुई जप्ती की कायर्वाही से प्रारंभ हुआ, िजसमें एक सूचना के आधार पर रायपुर से ट्रेन के माध्यम से आते हुए दो व्यिक्तयों, सुखल बैठा एवं लीलावती को पकड़ा गया। उनके चार बैग से 30 पैके ट में 30 िकलो गांजा बरामद हुआ।
5. सुखल बैठा के अिभरक्षा में िदए गए बयान के आधार पर प्राथीर् को अिभयुक्त बनाया गया है।
6. प्राथर्ना पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है एवं उसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है।
7. नारकोिटक्स कं ट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए प्रित शपथ पत्र प्रस्तुत िकया, िजसके साथ िदनांक 14/06/2025 को सुखल बैठा के अंिकत बयान की प्रित संलग्न की गई है। उसने अपने बयान में कहा िक गांजे की तस्करी के िलए पकड़े गए दोनों Versus Counsel for Applicant(s) : Anil Kumar Pandey Counsel for Opposite Party(s) : Akhilesh Kumar Awasthi Vijay Kumar Jaiswal .....Applicant(s) Union Of India Thru. Superintendant Narcotics Control Bureau Lko. .....Opposite Party(s)
अिभयुक्तों को ₹15,000/- प्राथीर् से िमलना था। िववेचक द्वारा िदखाई गई प्राथीर् की फोटो को सुखल बैठा ने पहचाना तथा कहा िक वह प्राथीर् से ज्यादातर व्हाट्सएप पर कॉल करता था।
8. िदनांक 26/06/2025 को िववेचक ने एक अन्य व्यिक्त मुके श का बयान अंिकत िकया। इसके पश्चात प्राथीर् को भी िगरफ्तार िकया गया। अिभरक्षा में िदए गए बयान में प्राथीर् ने एक अन्य व्यिक्त मुके श की संिलप्तता दशार्ई तथा िदनांक 26/06/2025 को मुके श ने अपने बयान में कहा िक उसने ही लीलावती व सुखल बैठा को गांजे के साथ रायपुर से ट्रेन में बैठाया था तथा गांजा प्राथीर् को िदया जाना था। इस संबंध में उसने एडवांस में ₹31,000/- यूपीआई के माध्यम से िदनांक 09/06/2025 को भेजे।
9.
प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् िदया िक नारकोिटक्स कं ट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का कथन है िक िदनांक 14/06/2025 को सूचना के आधार पर दो व्यिक्तयों को ट्रेन से पकड़कर उनसे गांजा बरामद िकया गया एवं उन्हें िगरफ्तार िकया गया। सुखल बैठा के बयान से यह प्रतीत होता है िक पूछताछ के दौरान िववेचक ने सुखल बैठा को प्राथीर् की तस्वीर िदखाई, जबिक तब तक प्राथीर् की इस प्रकरण में संिलप्तता दशार्ने के िलए और कोई सामग्री उपलब्ध नहीं थी। िववेचक द्वारा स्वतः ही प्राथीर् की फोटो िदखाकर पहचान कराया जाना अिभयोजन कथानक के िवरुद्ध गंभीर संदेह उत्पन्न करता है।
10. प्रकरण के संबंध में कोई अन्य ऐसी िटप्पणी िकए िबना िजससे िवचारण प्रभािवत हो, न्यायालय का मत है िक उपरोक्त तथ्य प्राथीर् को जमानत पर िरहा िकए जाने का समुिचत आधार प्रदान करते हैं।
11. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
12. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के सािक्षयों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत की गई प्रत्येक ितिथ पर उपिस्थत होगा। September 25, 2025 Himanshu BAIL No. 8589 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench