DILSHAD v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME LKO.
BAIL/8535/2025 · 2025-09-15
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 162960 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8535 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने पूरक शपथ-पत्र प्रस्तुत िकया िजसे अिभलेख पर िलया जाए।
2. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री राजेश कु मार श्रीवास्तव तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री मनीष िवक्रम िसह चौहान को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
3. यह प्राथर्ना-पत्र थाना सलोन, िजला रायबरेली में पंजीकृ त मुकदमा अपराध संख्या 0183 सन 2025, धारा 3/5 ख/8 उत्तर प्रदेश गोहत्या िनवारण अिधिनयम, 1955 के अंतगर्त प्राथीर् को जमानत पर िरहा करने के िलए प्रस्तुत िकया गया है।
4. िदनांक 15.05.2025 को बजरंग दल के िजला संयोजक द्वारा िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया था िक एक गाय का कटा सर कु छ व्यिक्तयों द्वारा देखा गया।
5. प्राथीर् को पुिलस ने प्रथम सूचना िरपोटर् संख्या 197 वषर् 2025 अंतगर्त धारा 109 भारतीय न्याय संिहता तथा 3,4,25 आयुध अिधिनयम और धारा 11 पशु के प्रित क्रू रता िनवारण अिधिनयम, 1960 के अंतगर्त एक अन्य अिभयुक्त मो० सहबान के साथ िदनांक 22.05.2025 को एक किथत मुठभेड़ में मुखिबर खास से प्राप्त सूचना के आधार पर िगरफ्तार िकया। िगरफ्तारी के समय प्राथीर् को पैर में गोली लगी। अिभरक्षा में िदए गए बयान में प्राथीर् ने प्रकरण में अपनी संिलप्तता स्वीकार की।
6. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में चार आपरािधक प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गई िजन सभी में प्राथीर् को जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है।
7. पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से एक अन्य प्रकरण में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गई है िजसमें भी प्राथीर् को जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है।
8. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट होने पर प्राथीर् के िवरुद्ध आरोप-पत्र िदनांक 27.05.2025 को प्रस्तुत िकया जा Versus Counsel for Applicant(s) : Rajesh Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Dilshad .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Lko. .....Opposite Party(s)
चुका है।
9. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए जबिक प्राथीर् प्रस्तुत प्रकरण में मात्र अिभरक्षा में िदए गए बयान के आधार पर अिभयुक्त बनाया गया है, वह िदनांक 22.05.2025 से जेल में है जबिक िववेचना पूणर् हो चुकी है। अतः न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है।
10. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
10.
आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 15, 2025 Sumit BAIL No. 8535 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench