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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 162844 (ALL)

SMT. PRIYANKA @ KOMAL THRU. HER HUSBAND RAHUL SONKAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 5 OTHERS

HABC/328/2025 · 2025-09-08

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW HABEAS CORPUS WRIT PETITION No. - 328 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्रािथनी के िवद्वान अिधवक्ता श्रीमती ज्योित राजपूत तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री प्रशांत ित्रपाठी को सुना व पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. श्रीमती िप्रयंका उफर् कोमल के किथत पित राहुल सोनकर के माध्यम से प्रस्तुत इस बन्दी प्रत्यक्षीकरण यािचका में कहा गया है िक िवपक्षी संख्या 4 से 6 ने श्रीमती िप्रयंका उफर् कोमल को अपनी अवैध अिभरक्षा में रखा है। 3. यािचका में कथन िकया गया है िक िप्रयंका ने राहुल सोनकर से िदनांक 27.08.2025 को िववाह कर िलया है, िकतु उसके पिरवारीजन उसको अवैध अिभरक्षा में रखे हुए हैं। 4. एक संबंध िवच्छेद अिभलेख की प्रित यािचका के साथ सलंग्नक संख्या 6 के रूप में संलग्न है िजसको िप्रयंका उफर् कोमल तथा राहुल सोनकर ने ही गवाहों की उपिस्थित में िनष्पािदत िकया है, िजसमें यह िलखा है यद्यिप दोनों ही पक्षों ने िदनांक 27.08.2025 को आयर् समाज मंिदर में शादी कर ली थी, िकतु दोनों पिरवारों ने आपस में बैठकर समझौता कर िलया है तथा आयर् समाज मंिदर में िकया गया िववाह अमान्य कर रहे हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे से कोई वास्ता नहीं रखेंगे तथा कहीं भी अपना-अपना िववाह कर सकें गे। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने उनको प्राप्त अपने िलिखत अनुदेशों के आधार पर कहा िक किथत व्यिक्त िप्रयंका उफर् कोमल ने पुिलस को यह िलिखत िदया है िक वह अपनी इच्छा से अपनी मां एवं भाई के साथ अपने घर में रह रही है तथा वह उन्हीं के साथ रहना चाहती है। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कहा िक उपरोक्त तथ्य से यह स्पष्ट है िक िप्रयंका िकसी अवैध अिभरक्षा में िनरुद्ध नहीं है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Jyoti Rajpoot Counsel for Respondent(s) : G.A. Smt. Priyanka @ Komal Thru. Her Husband Rahul Sonkar .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 5 Others .....Respondent(s) 7. यािचकाकत्रीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने कहा िक समझौते के कथन से ही स्पष्ट है िक पक्षों के मध्य िववाद हुआ था तथा वह िकसी सक्षम न्यायालय से िवच्छेिदत नहीं हुआ है। 8. जबिक किथत िनरुद्ध व्यिक्त ने िलिखत रुप से िदया है िक वह अपनी स्वेच्छा से अपनी मां एवं भाई के साथ रह रही है, प्रस्तुत प्रकरण में अवैध अिभरक्षा का तथ्य िसद्ध नहीं है। 9. जहां तक वैवािहक अिधकारों के पुनस्थार्पना का प्रश्न है, इस संबंध में पािरवािरक न्यायालय में वाद प्रस्तुत करके ही तथ्य िसद्ध िकए जा सकते हैं। 10. तदनुसार, प्रस्तुत यािचका िनरस्त की जाती है। September 8, 2025 Sumit HABC No. 328 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench