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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 162686 (ALL)

KOMAL SONKAR THRU. LEGAL GUARDIAN DURJAN SONKAR v. STATE OF U.P. THRU. ITS PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 5 OTHERS

/344/2025 · 2025-09-12

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW HABEAS CORPUS WRIT PETITION No. - 344 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्रीमती नीरा यादव तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री राजेश कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. कोमल सोनकर की तरफ से उसके िपता दुजर्न सोनकर के माध्यम से प्रस्तुत इस बन्दी प्रत्यक्षीकरण यािचका में यह कहा गया है िक कोमल सोनकर को िवपक्षी संख्या 6- धमेर्न्द्र कु मार की अवैध अिभरक्षा में है। 3. यािचका में कथन है िक इस संबंध में प्रथम सूचना िरपोटर् संख्या 392 सन 202 थाना कोतवाली नगर जनपद अयोध्या में िदनांक 30.07.2025 को पंजीकृ त करायी गयी। 4. यािचका के साथ संलग्नक संख्या 2 के रूप में इस न्यायालय की एक खण्डपीठ द्वारा आपरािधक प्रकीणर् यािचका संख्या 7260 सन 2025 में पािरत आदेश िदनांक 19.08.2025 की प्रित संलग्न की गयी है, जो कोमल सोनकर तथा धमेर्न्द्र सोनकर ने यह कहते हुए प्रस्तुत की है िक वे दोनों वयस्क हैं, उन्होंने स्वेच्छा से िदनांक 25.07.2025 को िववाह कर िलया है तथा कोमल सोनकर के पिरवार वाले इस िववाह से असंतुष्ट हैं तथा वे कोमल सोनकर एवं उसके पित धमेर्न्द्र कु मार के वैवािहक जीवन में बाधाएँ उत्पन्न कर रहे हैं। यािचका इस आदेश के साथ िनस्तािरत की गयी िक िवपक्षीगण कोमल सोनकर एवं उसके पित के जीवन एवं स्वतंत्रता के अिधकार में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम ने उनको प्राप्त िलिखत अनुदेशों के आधार पर कहा िक प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर िववेचना की जा रही है। 6. कोमल सोनकर द्वारा स्वयं ही इस न्यायालय के समक्ष आपरािधक प्रकीणर् यािचका संख्या Versus Counsel for Petitioner(s) : Neera Yadav Counsel for Respondent(s) : G.A. Komal Sonkar Thru. Legal Guardian Durjan Sonkar .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Its Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 5 Others .....Respondent(s) 7260 सन 2025 में िकये गये उपरोक्त कथन से यह प्रतीत होता है िक वह स्वेच्छा से अपने पित धमेर्न्द्र कु मार के साथ रह रही है एवं अवैध अिभरक्षा का कथन असत्य है। 7. तद्नुसार, यािचका बलहीन है एवं िनरस्त की जाती है। September 12, 2025 Ankit HABC No. 344 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench