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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 16237 (ALL)
GAURAV v. STATE OF U.P.
BAIL/6473/2025 · 2025-08-06
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 16237 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:134061 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 6473 of 2025 Applicant :- Gaurav Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Pankaj Kumar,Sanjive Kumar Gupta Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक गगौरव ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 719/2015 (सत परलीक्षर सवं० 172/2017), अवंतगरत धिद्वारद्वा 399, 402, 307 भद्वा.दवं.सवं., थद्वानद्वा वबिल्सली, धजलद्वा बिदद्वाययवं मम जमद्वानत पर मसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा गयद्वा हहै।
3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम गलत एववं फजर्जी ढवंग सवे झयठद्वा फवं सद्वायद्वा गयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। आववेदक वतरमद्वान मद्वामलवे मम पहलवे जमद्वानत पर थद्वा, वकन्तसु वनयत वतधथ पर जद्वानकद्वारली कवे अभद्वाव मम वह न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत नहहीं हको सकद्वा। धजसककी कद्वारर उसकवे धखिलद्वाफ प्रपलीड़क कद्वायरवद्वाहली कर दली गयली हहै। वदनद्वावंक 24.12.2024 कको गहैर जमद्वानतलीय अधधिपत जद्वारली हकोनवे कवे पश्चद्वात आववेदक दद्वारद्वा स्वयवं सवंबिवंधधित ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय मम आत्मसमपरर कर वदयद्वा गयद्वा। आववेदक कद्वा ककोई पयवर आपरद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हहै। पसुननः उनकद्वा यह भली कथन हहै वक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा गयद्वा हहै वक वह कद्वानयन ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकोग करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जबि भली आवश्यकतद्वा हकोगली वह ईमद्वानदद्वारली सवे अदद्वालत कवे समक्ष खिसुद कको उपलब्धि करद्वाएगद्वा और उन सभली शतरवं कको स्वलीकद्वार करनवे कवे धलए भली तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोवपत
करवेगली। आववेदक वनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम वद० 24.12.2024 सवे कद्वारद्वागद्वार मम वनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय।
4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबिल ववरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं गवंभलीर प्रकक वत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाय।
5. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलली पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्ययों एववं पररणस्थवतययों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बिद्वाद , सबियतयों ककी प्रकक वत और वकसली भली ठकोस ववरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रली ककी अनसुपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वामग्रली सवे छवेड़छद्वाड़ ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखितवे हहए मवेरली रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मसुक करनवे कद्वा उपयसुक आधिद्वार हहै।
6.
अतनः वद्वाद कवे गसुर-दकोष पर वबिनद्वा ककोई वटिप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक ववररत अपरद्वाधि मम सवंबिवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष्टि पर व्यवकगत बिवंधि -पत एववं अधधिक धिनरद्वावश कवे ककोई भली दको प्रवतभय प्रस्तसुत करनवे पर वनम्नधलधखित शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक ववववेचनद्वा यद्वा परलीक्षर कवे दगौरद्वान अवभयकोजन सद्वाक्ष्ययों कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहहीं करवेगद्वा। ii. आववेदक अवभयकोजन सद्वावक्षययों व पलीवड़तद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेगद्वा/धिमकद्वायवेगद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशयों कद्वा पद्वालन करवेगद्वा , वह परलीक्षर कवे दगौरद्वान वबिनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थगन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोगद्वा तथद्वा परलीक्षर मम ईमद्वानदद्वारली सवे सहयकोग करवेगद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बिद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दसुरूपयकोग नहली करवेगद्वा और वकसली भली अपरद्वाधधिक गवतववधधि मम धलप्त नहहीं हकोगद्वा न ककोई
अपरद्वाधधिक कक त्य करवेगद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्ष यद्वा अप्रत्यक्ष रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्ययों सवे पररवचत वकसली भली व्यवक यद्वा पसुधलस अधधिकद्वाररययों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेगद्वा न हली उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेगद्वा, धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्ययों कको उजद्वागर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पण्डिवेडे़।
7. उपरकोक शतरवं मम सवे वकसली कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परलीक्षर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानसुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। सवंबिवंधधित ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय कको यह भली वनदरवशत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै वक मद्वामलवे सवे सवंबिवंधधित सत परलीक्षर कद्वा वनस्तद्वारर शलीघ्रतद्वा कवे आधिद्वार पर यथद्वाशलीघ्र करनद्वा ससुवनणश्चत वकयद्वा जद्वाए। Order Date :- 7.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad