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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 162244 (ALL)

SAURABH PATEL v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/8367/2025 · 2025-09-10

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8367 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के अिधवक्ता ने एक पूरक शपथ पत्र प्रस्तुत िकया, िजसे अिभलेख पर िलया जाता है। 2. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री राजेश कु मार तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 0083 सन 2025 अन्तगर्त धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 49 बी०एन०एस० थाना िनगोहा िजला लखनऊ में जमानत की प्राथर्ना की है। 4. िदनांक 13.05.2025 को चार व्यिक्तयों, िजसमें प्राथीर् सिम्मिलत नहीं है के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में िशकायतकतार् ने कहा िक उसकी भूिम के संबंध में एक िवक्रय-पत्र िकसी फजीर् व्यिक्त ने िदनांक 26.04.2025 को िनष्पािदत कर िदया। 5. िववेचना के दौरान िवक्रय-पत्र के लेखक ने िववेचक को यह बयान िदया िक वह क्रे ता का अिधवक्ता है, उसने संपित्त के अिभलेख तहसील कायार्लय से सत्यािपत िकये थे। जमीन तो सही िनकली परन्तु िवक्रे ता एवं उसका गवाह नकली िनकला। िवक्रय-पत्र लेखक ने कहा िक उसे लगता है िक इस प्रकरण में मुख्य भूिमका राहुल पाल, सरदार तस्वीर िसह, रंजीत यादव, महेन्द्र यादव व सौरभ पटेल (प्राथीर्) व उनके सािथयों की है। 6. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता का कथन है िक मात्र एक व्यिक्त को ऐसा लगने पर, िक प्राथीर् ने भी अन्य व्यिक्तयों के साथ अपराध कािरत करने में कोई भूिमका िनभाई है िजसका कोई िविशष्ट उल्लेख नहीं है, प्राथीर् को अिभरक्षा में नहीं रखा जा सकता। 7. जमानत प्राथर्ना-पत्र एवं पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से 5 अन्य आपरािधक प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है िजन सभी में उसे जमानत पर िरहा िकया जा चुका है। 8. इस न्यायालय द्वारा प्रस्तुत प्रकरण में एक सह-अिभयुक्त महेन्द्र यादव को जमानत प्राथर्ना- पत्र संख्या 7205 सन 2025 में पािरत आदेश िदनांिकत 07.08.2025 द्वारा जमानत पर िरहा िकया जा चुका है। Versus Counsel for Applicant(s) : Rajesh Kumar Sharma, Prabhu Sharan Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Saurabh Patel .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. .....Opposite Party(s) 9. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्राथीर् प्रथम सूचना िरपोटर् में नािमत नहीं है एवं उसको मात्र िवक्रय-पत्र लेखक के अनुमान के आधार पर आरोपी बनाया गया है; प्राथीर् के िवरुद्ध कोई िविशष्ट कथन नहीं है तथा एक सह-अिभयुक्त को जमानत दी जा चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् भी जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है। 10. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 11. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 10, 2025 Himanshu BAIL No. 8367 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench