MASTER VEDANSH MISHRA THRU.NATURAL MOTHER SMT. GOLDI MISHRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 4 OTHERS
HABC/324/2025 · 2025-09-09
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 162153 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW HABEAS CORPUS WRIT PETITION No. - 324 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री भानू प्रताप िमश्रा तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम श्री राजेश कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. किथत िनरुद्ध बालक वेदांश िमश्रा आयु लगभग 9 माह की तरफ से उसकी माँ (श्रीमती गोल्डी िमश्रा) द्वारा प्रस्तुत इस बन्दी प्रत्यक्षीकरण यािचका में कहा गया है िक श्रीमती गोल्डी िमश्रा का िववाह िवपक्षी संख्या 5- सुभाष िमश्रा के साथ िदनांक 01.02.2024 को जनपद अयोध्या में हुआ था। कु छ िदन पश्चात बालक के माता-िपता समस्त पूरा पिरवार िदल्ली में रहने चला गया। िदनांक 14.11.2024 को िदल्ली में ही बालक वेदांश िमश्रा का जन्म हुआ। बालक के जन्म के कु छ िदन के पश्चात उसकी माँ बच्चे के साथ अपने माता-िपता के घर रहने चली गयी तथा िदनांक 21.02.2025 को वह पुनः अपने वैवािहक गृह में रहने चली गयी। वहाँ पर उसके साथ दुव्यर्वहार िकया गया तथा िदनांक 06.03.2025 को बालक की माता को िदल्ली िस्थत उसके वैवािहक गृह से िनकला िदया गया। यािचका में यह कहा गया है िक बालक अपने िपता- िवपक्षी संख्या 5 की अवैध अिभरक्षा में है, जो िदल्ली में िनवास कर रहे हैं।
3. क्षेत्रािधकार के संबंध में यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता ने नवीनचन्द्र एन. मजीिठया बनाम महाराष्ट्र राज्य AIR 2000 SC 2966 के िनणर्य का आश्रय िलया िजसमें यह कहा गया है िक भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 226(2) के अंतगर्त यािचका ऐसे िकसी भी स्थान पर उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकती है जहाँ वाद कारण अथवा उसका कोई अंश उत्पन्न हुआ हो
"वाद कारण अथवा उसका अंश" का तात्पयर् व्यवहार प्रिक्रया संिहता की धारा 20 में प्रयुक्त उपरोक्त शब्दों के समान ही होगा।
4. बन्दी प्रत्यक्षीकरण यािचका हेतु वाद कारण बालक की अवैध अिभरक्षा से उत्पन्न हुआ। यह Versus Counsel for Petitioner(s) : Bhanu Pratap Mishra Counsel for Respondent(s) : G.A. Master Vedansh Mishra Thru.Natural Mother Smt. Goldi Mishra .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko.
And 4 Others .....Respondent(s)
तथ्य िनिववाद है िक बालक पूवर् से ही अपने िपता के िनवास स्थान िदल्ली में रह रहा था। िदल्ली में ही किथत रूप से उसकी माँ को वैवािहक गृह से बाहर िनकाला गया, जबिक बालक का उसी गृह में रहना िनरंतर बना रहा। बालक के रहने / अिभरक्षा का स्थान पूवर् में भी िदल्ली था और वतर्मान में भी िदल्ली है और इसमें कोई पिरवतर्न नहीं हुआ।
5. मात्र इसिलए िक बालक की माँ, िजसके माध्यम से यह यािचका प्रस्तुत की गयी है, इस न्यायालय के क्षेत्रािधकार के अंतगर्त जनपद अयोध्या में िनवास कर रही है, यािचका लखनऊ िस्थत इस उच्च न्यायालय में पोषणीय नहीं होगी, जबिक अयोध्या में यािचका के संबंध में वाद कारण का कोई अंश भी उत्पन्न नहीं हुआ है।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम ने कहा उनको प्राप्त अनुदेशों के आधार पर न्यायालय को सूिचत िकया िक पुिलस ने िवपक्षी संख्या 5 से दूरभाष के माध्यम से संपकर् िकया तो उन्होंने बताया िक पािरवािरक िववाद के चलते बालक की माँ श्रीमती गोल्डी िमश्रा अपने भाई के साथ अपने पुत्र और पित को छोड़कर अपने मायके चली गयी थीं।
7. गुण-दोष पर कोई भी िटप्पणी िकये िबना, जब इस न्यायालय का यह सुस्पष्ट मत है िक इस न्यायालय के क्षेत्रािधकार के अंतगर्त बन्दी प्रत्यक्षीकरण यािचका के वाद कारण का कोई अंश भी उत्पन्न नहीं हुआ है तो यह यािचका मात्र क्षेत्रािधकार से परे होने के आधार पर िनरस्त की जाती है।
8. इस यािचका का िनरस्तीकरण यािचकाकतार् द्वारा िविधनुसार सक्षम न्यायालय के समक्ष अनुतोष प्राप्त करने के अिधकार पर कोई प्रितकू ल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
September 9, 2025 Ankit HABC No. 324 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench