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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 161978 (ALL)

SABA PARVEEN @ SUNITA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND

A227/5225/2025 · 2025-09-11

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 5225 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्रािथनी के िवद्वान अिधवक्ता ने पूरक शपथ-पत्र तथा िवपक्षी संख्या 5 की तरफ से श्री साके त कु मार गुप्ता ने वकालतनामा प्रस्तुत िकया, िजन्हें अिभलेख पर िलया जाए। 2. प्रािथनी के िवद्वान अिधवक्ता श्री फारूक अहमद तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम राजेश कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 3. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 227 के अंतगर्त प्रस्तुत इस यािचका द्वारा यािचकाकतीर् ने उप िजला मिजस्ट्रेट सदर, लखनऊ को यािचकाकतीर् द्वारा धारा 133 दण्ड प्रिक्रया संिहता के अंतगर्त िदए गए प्राथर्ना-पत्र िदनांक 03.07.2025 के शीघ्र िनस्तारण हेतु िनदेर्श िदए जाने का अनुरोध िकया है। 4. प्राथर्ना-पत्र की प्रित यािचका के साथ संलग्न की गई है िजसमें िकसी वैधािनक प्रावधान का कोई अंकन नहीं है। प्राथर्ना-पत्र पर उप िजलािधकारी ने थानाध्यक्ष दुबग्गा को जांच कर सावर्जिनक रास्ता बािधत न होने देने का आदेश पािरत कर िदया था। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने उनको प्राप्त िलिखत अनुदेशों के आधार पर कहा िक प्रश्नगत गाटे की भूिम में प्लॉिटग करके आवासीय आबादी बसाई गई है। प्रश्नगत रास्ता राजस्व नम्बरों में रास्ते के रूप में अंिकत नहीं है। ऐसी पिरिस्थित में धारा 133 दण्ड प्रिक्रया संिहता के अंतगर्त कोई कायर्वाही नहीं की जा सकती है। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कहा िक प्राथर्ना-पत्र िदनांक 03.07.2025 को प्रस्तुत िकया गया है, जब दण्ड प्रिक्रया संिहता अिस्तत्व में नहीं था। धारा 133 दण्ड प्रिक्रया संिहता के समान प्रावधान धारा 152 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता में है, िकतु उक्त प्रावधान के अंतगर्त पुिलस किमश्नर के समक्ष प्राथर्ना-पत्र देने का प्रावधान है जो नहीं िदया गया है। िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने यह भी कहा जबिक प्रश्नगत रास्ता एक राजस्व रास्ता नहीं है, इसके संबंध में कायर्वाही भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के प्रावधानों के अंतगर्त पोषणीय नहीं है तथा इस संबंध में दीवनी न्यायालय में वाद योिजत िकया जा सकता है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Rajeev Prakash Saxena, Parvez Akhtar Khan Counsel for Respondent(s) : G.A., Saket Kumar Gupta Saba Parveen @ Sunita .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And .....Respondent(s) 7. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए जब िक प्राथर्ना-पत्र िदनांक 03.07.2025 उिचत प्रावधानों के अंतगर्त एवं उिचत प्रािधकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं िकया गया था। उक्त प्राथर्ना- पत्र के शीघ्र िनस्तारण का िनदेर्श देने का कोई आिचत्य नहीं है। तदनुसार, यािचका िनरस्त की जाती है। September 11, 2025 Sumit A227 No. 5225 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench