Ranjeet Kumar Yadav v. State of U.P. through Principal secretary Home, Lucknow
BAIL/8142/2025 · 2025-09-04
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 161601 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 161601 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8142 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री अिवनाश पाण्डेय तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री मनीष िवक्रम िसह चौहान को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
2. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 214 सन 2025 अन्तगर्त धारा 304(2), 319(2), 318(2), 3(5), 338, 336(3), 340(2), 317(2), 112 बी०एन०एस० थाना पट्टी िजला प्रतापगढ़ में जमानत की प्राथर्ना की है।
3. िदनांक 17.07.2025 को समय 03:24 बजे एक व्यिक्त राम िवशाल ितवारी एवं तीन अज्ञात व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया िक िशकायतकतार् ठेके दारी का काम करता है, उसे श्रिमकों की आवश्यकता थी। नािमत अिभयुक्त राम िवशाल ितवारी उसका पिरिचत है तथा वह श्रिमक िदलवाने के बहाने उसको उडैयाडीह ले गया। कार में िशकायतकतार् के बगल में राम िवशाल ितवारी बैठे थे तथा दोनों के बीच में एक थैले में पांच लाख रूपये रखे थे िजसकी जानकारी राम िवशाल ितवारी को थी। रास्ते में तीन लोग एक मोटरसाइिकल से आए, अपने को आयकर िवभाग से होना बताकर गाड़ी की जांच करने को कहा एवं जांच के दौरान रुपयों से भरा थैला अपने साथ लेकर चले गये। िशकायतकतार् ने कहा िक उसे िवश्वास है िक राम िवशाल ितवारी ने ही उपरोक्त टप्पेबाजी की घटना करायी।
4. पुिलस का यह कथन है िक उसने ब्रजेश िसह, राम िवशाल ितवारी, राम सकल के वट, लल्लू के वट तथा रंजीत यादव (प्राथीर्) को िदनांक 17.07.2025 को समय 21 बजे एक साथ एक मुखिबर से प्राप्त सूचना के आधार पर िगरफ्तार िकया। ब्रजेश िसह से रू० 1,58,000/-, के न्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो का पिरचय पत्र, एक तमंचा तथा दो कारतूस बरामद हुए। राम िवशाल ितवारी से रु० 36,000/- एवं रु० 3,69,100/- के सदृश नोट िजसपर िचल्ड्रेन बैंक ऑफ इिण्डया िलखा था, बरामद हुए। राम सकल के वट से रु० 80,000/- तथा आयकर िवभाग का पिरचय पत्र बरामद हुआ। लल्लू के वट से रु 32,000/- तथा राजस्व िवभाग का पिरचय पत्र बरामद हुआ एवं प्राथीर् से रु० 24,000 बरामद हुए। अिभरक्षा में िदये गये बयान में सभी अिभयुक्तों ने स्वीकार िकया िक वह लोगों को ठगने का काम करते हैं।
5.
प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र के प्रस्तर 19 में 6 अन्य आपरािधक प्रकरणों में प्राथीर् Versus Counsel for Applicant(s) : Avinash Pandey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ranjeet Kumar Yadav .....Applicant(s) State Of U.P. Through Principal Secretary Home, Lucknow .....Opposite Party(s)
की संिलप्तता दशार्यी गयी है िजनमें से एक प्रकरण में उसे कोई समन प्राप्त नहीं हुआ है तथा अन्य प्रकरणों में उसे जमानत िमल चुकी है। शपथ-पत्र में यह भी कहा गया है िक िदनांक 16.07.2025 को 10 पुिलसकमीर् अपने आपको स्पेशल टास्क फोसर् का सदस्य बताते हुए सादे कपड़ों में प्राथीर् के घर आकर उसे अपने साथ ले गये। प्राथीर् का भाई जो एक अिधवक्ता है, ने अपर महािनदेशक प्रयागराज जोन, पुिलस अधीक्षक- प्रतापगढ़, थाना- पट्टी, थाना- मऊआइमा, क्षेत्रािधकारी- सोरांव तथा पुिलस हेल्प लाइन संख्या- 1076 पर इस संबंध में सूचनाएँ दी, िजनकी प्रित प्राथर्ना-पत्र के संलग्न की गयी है। िदनांक 17.07.2025 को जनसुनवाई पोटर्ल पर भी इस संबंध में िशकायत की गयी। पुिलस अधीक्षक के समक्ष उपिस्थत होकर िदये गये प्राथर्ना-पत्र की प्रित भी संलग्न की गयी है िजसमें यह कहा गया िक िदनांक 16.07.2025 को समय 2 बजे दोपहर प्राथीर् के साथ 10 लोग अपने को एसटीएफ का सदस्य बताकर प्राथीर् को उठा ले गये हैं तथा इसके संबंध में कोई सूचना नहीं प्राप्त हुई।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्राथीर् को अन्य अिभयुक्तगण के साथ िगरफ्तार िकया गया है, सभी अिभयुक्तगण से किथत अपराध के संबंध में बरामदगी हुई है तथा प्राथीर् से भी रु० 24,000/- बरामद हुए हैं अतः प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा िक प्रकरण में िववेचना अभी लंिबत है।
7.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को इस िबन्दु पर िवशेष रूप से अनुदेश प्राप्त करने का समय िदया गया था। उन्होंने िदनांक 03.08.2025 को कमलेश कु मार उपिनरीक्षक थाना-पट्टी द्वारा िदये गये िलिखत अनुदेशों की प्रित न्यायालय के समक्ष रखी िजसमें मात्र यह कहा गया है िक अिभयुक्त का कथन असत्य है तथा प्राथीर् के भाई द्वारा पुिलस के उच्चािधकािरयों को िगरफ्तारी से पूवर् िशकायत करने के कथन को िविशष्ट रूप से स्वीकार नहीं िकया गया है। ऐसी पिरिस्थित में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है िक जमानत प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में िकया गया कथन िक पुिलस प्राथीर् को िदनांक 16.07.2025 को उसके घर से उठा ले गयी थी, सत्य है तथा उसकी िगरफ्तारी गलत प्रकार से िदनांक 17.07.2025 को एक बाग से होना िदखाया गया है। इस संबंध में संपूणर् तथ्य एक िवस्तृत प्रशासिनक जांच से स्पष्ट कराकर उिचत िवभागीय कायर्वाही कराना आवश्यक है।
8. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्रथम सूचना िरपोटर् के कथनों के अनुसार घटना चार व्यिक्तयों ने कािरत की; पुिलस ने पांच व्यिक्तयों को पकड़कर अिभरक्षा में िदये गये बयान के आधार पर सभी को घटना में सिम्मिलत होना कहा; प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है िक प्राथीर् को पुिलस िदनांक 16.07.2025 को घर से ले गयी थी एवं उसकी िगरफ्तारी गलत ढंग से िदनांक 17.07.2025 को एक बाग से अन्य अिभयुक्तगण के साथ िदखाई जो किथत बरामदगी को भी संदेहास्पद बनाता है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है।
9. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
10. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा;
BAIL No. 8142 of 2025 2
(iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा।
11.
पुिलस अधीक्षक, प्रतापगढ़ को यह आदेश िदया जाता है िक प्राथीर् के भाई संदीप कु मार यादव एडवोके ट द्वारा आईजीआरएस एवं मोबाइल फोन / व्हाट्सअप के माध्यम से िदनांक 16.07.2025 व 17.07.2025 को की गयी िशकायत, िजसमें कहा गया था िक 10 व्यिक्त सादे कपड़ों में प्राथीर् को उसके घर से िदनांक 16.07.2023 को उठा ले गये एवं उसकी िगरफ्तारी के संबंध में कोई सूचना नहीं दी तथा बाद में प्राथीर् को िदनांक 17.07.2025 को अन्य चार अिभयुक्तों के साथ एक बाग से िगरफ्तार करना िदखाया गया, के संबंध में एक िवस्तृत जांच करें िजसमें प्राथीर् पक्ष के लोगों को भी सुनवाई का उिचत अवसर िदया जाय तथा जांच आख्या के आधार पर उिचत कायर्वाही करके तीन माह के अन्दर इस न्यायालय में अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें।
12. यद्यिप जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार कर िलया गया है, अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने हेतु जमानत प्राथर्ना-पत्र िदनांक 08.12.2025 के िलए सूचीबद्ध िकया जाय। September 4, 2025 Ankit BAIL No. 8142 of 2025 3 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench