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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 16150 (ALL)

VIJENDRA KUMAR ALIAS BHURA v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/4165/2025 · 2025-10-09

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4165 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 343/2024, अन्तगर्त धारा 137(2)/ 64(2)(एम) बी.एन.एस एवं धारा 3(2)(वी.ए)/ 3(2)(v) एस.सी.एस.टी एक्ट., थाना सी.बी.गंज, िजला बरेली में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री जयराम पाण्डेय को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक वादी की पुत्री उम्र करीब 17 वषर् से फोन पर बातें करता था, इसी बीच दोनों में प्रेम प्रसंग बढ़ गया व दोनों लोग एक दूसरे से प्यार करने लगे तथा दोनों की िबरादरी अलग-अलग है। आवेदक पीिडता को बहला फु सलाकर कहीं नहीं ले गया और न ही उसने पीिड़ता से शादी करने को मना िकया है। आवेदक सह अिभयुक्तगण को न जानता है और न ही पहचानता है। आवेदक का उक्त घटना से कोई सरोकार व वास्ता नहीं है। अिभयुक्त का कोई आपरािधक इितहास नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद०11.08.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत Versus Counsel for Applicant(s) : Pavan Kumar, Utkarsha Shukla Counsel for Opposite Party(s) : Darwari Lal, G.A. Vijendra Kumar Alias Bhura .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक पीिड़ता ने स्वयं बयान अन्तगर्त धारा 180 बी.एन.एस.एस. में कथन िकया है िक, "मेरी उम्र लगभग 16-17 वषर् है। मेरी जाित जाटव है, मैं ज्यादा पढ़ी िलखी नहीं हूँ। मैं गांव में कक्षा 4 तक प्राथिमक स्कू ल में पढ़ी हूँ। मुझे अनुज, अिनल बार-बार भूरा से िमलवाने लेके जाते थे। मुझे रेलवे क्रािसग के पास िलिप्टस के पेड़ो के खेत में बार-बार बुलाकर लेकर जाते। अिनल व अनुज की मदद से भूरा ने मेरे साथ गलत काम िकया, बहुत बार। मेरे पेट में ददर् हुआ तब मैंने अपने पिरवार की भाभी को बताया, फतेहगंज ले जाकर अल्ट्रासाउन्ड कराया तो उसमें मुझे तीन माह की गभर्वती बताया। मैं भूरा से शादी करने को तैयार हूँ, लेिकन वह शादी करने से मना कर रहा है। पीिड़ता आवेदक िवजेन्द्र कु मार उफर् भूरा एवं अन्य सह अिभयुक्तगण के कृ त्यों से परेशान होकर आत्महत्या कर िलया है। घटना के समय पीिडता नाबािलग थी अिभयुक्त द्वारा अिभयुक्त द्वारा आवेदक द्वारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य प्रकृ ित का है। इसिलए, अिभयुक्त को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। October 10, 2025 S.Mishra BAIL No. 4165 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad