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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 161433 (ALL)

PRAMOD KUMAR UPADHYAY v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/8242/2025 · 2025-09-03

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8242 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री वीरेन्द्र कु मार शुक्ला, िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता कु मारी िशखा िसन्हा तथा िशकायतकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री सवेर्श कु मार दुबे को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. धारा 439 दं०प्र०सं०/483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता (B.N.S.S.) में प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 111 सन 2025, अन्तगर्त धारा 318(4), 316(5) भा०द०िव०, थाना मोहनलालगंज, िजला-लखनऊ, में जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कहा िक प्राथीर् के िवरुद्ध कु छ धाराएं िववेचना के दौरान जोड़ दी गई हैं तथा उन जोड़ी गई धाराओं के अपराधों के िलए प्राथीर् ने सत्र न्यायालय के समक्ष जमानत प्राथर्ना पत्र नहीं प्रस्तुत िकया था। सत्र न्यायालय द्वारा जमानत प्राथर्ना पत्र िनरस्त करने के पश्चात ही प्राथीर् इस न्यायालय के समक्ष जमानत प्राथर्ना पत्र प्रस्तुत कर सकता है। 4. उपरोक्त आपित्त के उत्तर में प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने कहा िक वह इस स्तर पर इस प्राथर्ना पत्र पर बल नहीं देना चाहते हैं तथा सत्र न्यायालय के समक्ष जमानत प्राथर्ना पत्र प्रस्तुत करने की अनुमित चाहते हैं। 5. तदनुसार, यह प्राथर्ना पत्र बल न िदए जाने के आधार पर िनरस्त िकया जाता है। 6. प्राथर्ना पत्र के साथ लगाई गई प्रमािणत प्रितयां, छाया-प्रितयां अिभलेख पर रखते हुए प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता को वापस कर दी जाएं। September 3, 2025 Himanshu Versus Counsel for Applicant(s) : Virendra Kumar Shukla Counsel for Opposite Party(s) : G.A. (Subhash Vidyarthi,J.) Pramod Kumar Upadhyay .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. .....Opposite Party(s) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench