DURGESH MISHRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME U.P. LKO.
BAIL/8222/2025 · 2025-09-10
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 161395 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8222 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के अिधवक्ता ने एक पूरक शपथ पत्र प्रस्तुत िकया, िजसे अिभलेख पर िलया जाता है।
2. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री अनूप कु मार उपाध्याय तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री प्रशांत ित्रपाठी को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
3. धारा 439 दं०प्र०सं०/483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता (B.N.S.S.) में प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 13 सन 2025, अन्तगर्त धारा 317(2), 317(4), 317(5), 318(4), 319(2) बी०एन०एस , थाना-कोतवाली नगर, िजला- गोंडा, में जमानत की प्राथर्ना की है।
4. िदनांक 09.01.2025 को पुिलस के प्रभारी िनरीक्षक द्वारा प्राथीर् सिहत तीन व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् पर कहा गया है िक एक मुखिबर से प्राप्त सूचना के आधार पर तीन मोटरसाइकल पर सवार तीन व्यिक्तयों को रोका गया, िजस पर अिभयुक्तगण सवार थे। सभी अिभयुक्तगण ने कहा िक मोटरसाइिकलें चोरी की थीं। अिभयुक्तगण की िनशानदेही से एक खंडहर से 12 मोटरसाइिकलें और बरामद की गई।
5. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है तथा शपथ पत्र के प्रस्तर 10 में पाँच अन्य आपरािधक प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्ई गई है, िजन सभी में उसे जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है। एक पूरक शपथ पत्र के माध्यम से चार अन्य प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्ई गई है, िजसमें दो में अंितम आख्या प्रस्तुत की जा चुकी है, एक में प्राथीर् अिभयुक्त नहीं है तथा एक अन्य प्रकरण में प्राथीर् को जमानत िमल चुकी है।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में Versus Counsel for Applicant(s) : Anoop Kumar Upadhyay Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Durgesh Mishra .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home U.P. Lko. .....Opposite Party(s)
प्राथीर् के िवरुद्ध आरोपों की पुिष्ट हुई है और िदनांक 22.09.2025 को आरोप पत्र प्रस्तुत िकया जा चुका है।
7. उपरोक्त तथ्यों के दृिष्टगत, जबिक प्राथीर् िदनांक 10.01.2025 से जेल में िनरुद्ध है;जो मोटरसाइिकल प्राथीर् से िगरफ्तारी के समय बरामद हुई थी उसकी चोरी के प्रकरण में प्राथीर् को जमानत िमल चुकी है तथा प्रकरण में िववेचना पूणर् हो चुकी है एवं प्राथीर् िदनांक 10.01.2025 से जेल में है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है।
8.
तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
9. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के सािक्षयों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत की गई प्रत्येक ितिथ पर उपिस्थत होगा।
September 10, 2025 Himanshu BAIL No. 8222 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench