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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 161161 (ALL)

AKASH CHORASIYA THRU. MAMTA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME AND 5 OTHERS

HABC/317/2025 · 2025-08-29

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW HABEAS CORPUS WRIT PETITION No. - 317 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री अिखल प्रताप िसह तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. 26 वषीर्य किथत िनरुद्ध व्यिक्त आकाश चौरिसया की तरफ से 35 वषीर्या मिहला- ममता द्वारा प्रस्तुत इस बंदी प्रत्यक्षीकरण यािचका में यह कहा गया है िक यािचकाकतार् को उसके िपता िवपक्षी संख्या 6 ने अवैध अिभरक्षा में िनरुद्ध कर रखा है। 3. यािचका में कहा गया है िक िनरुद्ध व्यिक्त का िववाह श्रीमती ममता के साथ िदनांक 07.06.2025 को हुआ तथा उसके बाद वह अपने पैतृक स्थान ग्वािलयर यह कहकर चला गया िक वह अपने पिरवार के साथ वापस आकर िववाह को िनबंिधत करायेगा। िवपक्षी संख्या 6 इस िववाह से रुष्ट हैं और इस कारण वह यािचकाकतार् को उसकी पत्नी ममता से संपकर् नहीं करने दे रहे हैं। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने उनको प्राप्त िलिखत अनुदेश न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत िकये िजसमें यह कहा गया है िक श्रीमती ममता ने आईजीआरएस पर यह िशकायत दजर् करायी िक आकाश चौरिसया िवगत 7 वषोर्ं से शादी की झांसा देकर उसका शारीिरक शोषण करता रहा, बहुत दबाव बनाने पर िदनांक 07.06.2025 को आयर् समाज मिन्दर में शादी की तथा इसके बाद उसने अपनी पत्नी से संपकर् करना बन्द कर िदया। श्रीमती ममता ने यह भी कहा है िक आकाश िपछले सात सालों में लगभग 5 लाख रुपये उससे वसूल चुका है। 5. उपरोक्त िशकायत से यह प्रतीत होता है िक िववाह के बाद पित आकाश चौरिसया स्वयं ही पत्नी ममता से संपकर् नहीं कर रहा है तथा वह िवपक्षी संख्या 6 की अवैध अिभरक्षा में है, ऐसा कोई तथ्य आलोक में नहीं आया है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Akhil Pratap Singh Counsel for Respondent(s) : G.A. Akash Chorasiya Thru. Mamta .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home And 5 Others .....Respondent(s) 6. उपरोक्त पिरिस्थितयों में यह बन्दी प्रत्यक्षीकरण पोषणीय नहीं है, तद्नुसार िनरस्त की जाती है। 7. िववाह संबंधों की पुनस्थार्पना के िलए यिद कोई वाद प्रस्तुत िकया जाता है तो इस यािचका के िनरस्तीकरण पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। August 29, 2025 Ankit HABC No. 317 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench