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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 161024 (ALL)

SATVIR SINGH @ SATBIR SINGH v. STATE OF U.P. THRU. THE PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/8247/2025 · 2025-09-08

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8247 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने पूरक शपथ-पत्र प्रस्तुत िकया िजसे अिभलेख पर िलया जाए। 2. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री िशवेन्द्र प्रताप िसह तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 3. यह प्राथर्ना-पत्र थाना गोमतीनगर िजला लखनऊ में पंजीकृ त मुकदमा अपराध संख्या 0256 सन 2023, धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 120 (B) भा०द०िव० के अंतगर्त प्राथीर् को जमानत पर िरहा करने के िलए प्रस्तुत िकया गया है। 4. िदनांक 02.05.2023 को प्राथीर् सिहत पांच व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक लखनऊ िवकास प्रािधकरण का एक भूखण्ड का प्राथीर् स्वयं को स्वामी कहता है तथा उसने वह संपित्त मैससर् यूिजनेस मेिड साइसेंस प्राइवेट िलिमटेड, िनदेशक अंगद िसह के पक्ष में िवक्रीत कर दी। प्राथीर् िदनांक 07.09.2020 को लखनऊ िवकास प्रािधकरण द्वारा उक्त भूखण्ड पट्टे पर लेने का कथन करता है। उप-िनबंधक पंचम, लखनऊ के पत्र िदनांक 27.12.2022 के माध्यम से अवगत कराया प्रश्नगत िवलेख कायार्लय में पंजीकृ त नहीं है। लेखा अनुभाग की आख्या के अनुसार प्राथीर् द्वारा किथत पांच में से चार चालान का जमा होना नहीं पाया गया, िकतु पांचवे चालान की धनरािश प्राथीर् के नाम से प्रािधकरण में जमा है। 5. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है एवं प्राथीर् समान प्रकृ ित के एक अन्य प्रकरण में संिलप्त है। 6. एक पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से यह कहा गया है िक उस प्रकरण में इस न्यायालय की एक खण्डपीठ द्वारा िरट यािचका संख्या िमिश्रत पीठ वाद सं० 10367 वषर् 2021 (एम बी) में पािरत Versus Counsel for Applicant(s) : Shivendra Pratap Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Satvir Singh @ Satbir Singh .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. The Prin. Secy. Home Lko. .....Opposite Party(s) आदेश िदनांक 10.08.2021 द्वारा प्राथीर् की िगरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। 7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट हुई है और आरोप-पत्र िदनांक 09.08.2025 को प्रस्तुत िकया जा चुका है। 8. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए जबिक प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता का कथन है िक िवक्रय- िवलेख उप-िनबंधक प्रथम, लखनऊ के कायार्लय में िनबंिधत हुआ था, िकंतु उसका सत्यापन उप- िनबंधक पंचम, लखनऊ के कायार्लय से कराया गया है। प्रािधकारण के अिभलेखों में प्राथीर् द्वारा कु छ धनरािश जमा िकया जाना पाया गया है; प्राथीर् िदनांक 18.06.2025 से जेल में िनरुद्ध है, जबिक िववेचना पूणर् हो चुकी है। समान प्रकृ ित के अन्य प्रकरण में इस न्यायालय द्वारा प्राथीर् की िगरफ्तारी पर रोक लगाई गई है। न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है। 9. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 10. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 8, 2025 Sumit BAIL No. 8247 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench