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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 160900 (ALL)

RUKHSAR AHMAD SHAH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/8150/2025 · 2025-09-04

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8150 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री सलमान अब्बास तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री मनीष िवक्रम िसह चौहान को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 661 सन 2017 अन्तगर्त धारा 420,406, 467, 468, 471, 504, 323 भा०दं०सं० थाना गाजीपुर िजला लखनऊ में जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िदनांक 16.08.2017 को प्राथीर् सिहत 6 व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक िशकायतकतार् ने उम्मीद ट्रेिडग कं पनी में िनवेश िकया था िकन्तु उसको िनवेश के आधार पर कोई लाभ नहीं िदया गया। 4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है। 5. शपथ-पत्र के प्रस्तर 20 में 30 आपरािधक प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है िजसमें से चार में वह दोषमुक्त हो चुका है, दो प्रकरणों में आपरािधक कायर्वाही िनरस्त की जा चुकी है तथा 12 प्रकरणों में प्राथीर् को जमानत िमल चुकी है। 6. प्राथीर् की पत्नी सह-अिभयुक्ता िफरदौस को इस प्रकरण में जमानत प्राथर्ना-पत्र संख्या 6727 सन 2018 में पािरत आदेश िदनांक 28.05.2019 द्वारा जमानत पर िरहा िकये जाने का आदेश हो चुका है। 7. प्राथीर् िदनांक 19.06.2021 से न्याियक अिभरक्षा में िनरुद्ध है। 8. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्रकरण में िदनांक 10.08.2021 को आरोप-पत्र प्रस्तुत िकया जा चुका है। 9. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्राथीर् िदनांक 19.06.2021 न्याियक अिभरक्षा में है, जबिक एक सह-अिभयुक्त को जमानत िमल चुकी है तथा समान प्रकृ ित के अनेक अन्य प्रकरणों में प्राथीर् को जमानत िमल चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का Versus Counsel for Applicant(s) : Salman Abbas Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Rukhsar Ahmad Shah .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. .....Opposite Party(s) अिधकारी है। 10. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 11. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 4, 2025 Ankit BAIL No. 8150 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench