SUMIT KUMAR MISHRA v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. PRIN. SECY. DEPTT. HOME LKO.
BAIL/8165/2025 · 2025-09-02
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 160838 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8165 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री पूणेर्न्दु चक्रवतीर्, िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री राजेश कु मार िसह तथा िशकायतकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री अजीत कु मार को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
2. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 97 सन 2025 अन्तगर्त धारा 191(2), 191(3), 190, 109, 324(4), 115(2) बी०एन०एस० थाना करनैलगंज िजला गोण्डा में जमानत की प्राथर्ना की है।
3. िदनांक 08.04.2025 को समय 19:47 बजे प्राथीर् सिहत 5 नािमत व्यिक्तयों एवं 3 अज्ञात व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में िशकायतकतार् ने कहा िक उक्त िदनांक को सायं 05:30 बजे िशकायतकतार् का भाई अपनी कार से अपने घर आ रहा था िक रास्ते में पहले से घात लगाये बैठे अिभयुक्तगण ने एकराय होकर उसकी गाड़ी पर हमला कर िदया एवं प्राथीर् के भाई को नीचे उतारकर सिरया, फरसा एवं डण्डे से मारा िजससे उसके िसर, हाथ व पैर में काफी चोटें आयीं। अिभयुक्तगण ने गाड़ी को क्षितग्रस्त कर िदया एवं घायल व्यिक्त की पसर्, चैन और घड़ी गायब कर दी। घायल को सामुदाियक स्वास्थ्य के न्द्र ले जाया गया, जहाँ पर प्राथिमक उपचार के उपरान्त उसे गोण्डा िजला अस्पताल भेज िदया गया।
4. चोट प्रपत्र में िसर के पीछे एक फटा हुआ घाव, सीने, बाएँ कं धे और मत्थे के दािहनी तरफ सूजन, दािहने हाथ की एक उंगली पर नाखून आधा गायब, दािहने घुटने पर फटा हुआ घाव एवं बायीं कोहनी पर सूजन आना पाया गया।
5. िववेचना में ऐसा कोई तथ्य प्रकाश में नहीं आया है िजससे यह ज्ञात हो िक कािरत कोई भी चोट गंभीर प्रकृ ित की थी।
6. एक पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से आरोप-पत्र िदनांक 04.06.2025 की प्रित प्रस्तुत की गयी Versus Counsel for Applicant(s) : Satendra Kumar (Singh), Abhishek Misra, Durgesh Nandini, Purnendu Chakravarty Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Ajeet Kumar, Ganesh Nath Mishra Sumit Kumar Mishra .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Addl. Prin. Secy. Deptt. Home Lko. .....Opposite Party(s)
है जो प्राथीर् तथा सह-अिभयुक्तगण राजेश कु मार एवं नन्द कु मार के िवरुद्ध प्रस्तुत िकया गया है। अन्य अिभयुक्तगण के िवरुद्ध िववेचना अभी प्रचिलत है।
7.
घायल व्यिक्त ने िववेचक को िदये अपने बयान में प्रथम सूचना िरपोटर् के कथनों का समथर्न िकया िकन्तु उसने साथ ही यह भी कहा िक दो अन्य व्यिक्त अरमान अहमद और सोनू प्रजापित मोटर साइिकल से उसके आगे आ गये थे और इसके पश्चात अन्य अिभयुक्तगण ने अपना चारपिहया वाहन गाड़ी पर खड़ा कर िदया और उसे रोककर मारापीटा एवं गाड़ी को नुकसान पहुँचाया।
8. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्राथीर् के िवरुद्ध िकये गये कथनों की िववेचना में पुिष्ट हुई है एवं प्राथीर् जमानत पाने का अिधकारी नहीं है।
9. िशकायतकतार् के िवद्वान अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्राथीर् को सामुदाियक स्वास्थ्य के न्द्र से िजला अस्पताल िरफर िकया गया था जहाँ वह िदनांक 08.04.2025 से 12.04.2025 तक भतीर् रहा था तथा इसके उपरान्त उसका इलाज मेदांता अस्पताल, लखनऊ में िदनांक 12.04.2025 से 14.04.2025 तक चला। घायल व्यिक्त को फे फड़ों में चोट के कारण जिटलताएँ उत्पन्न हो गयी थी। िदनांक 15.04.2025 को पुनः पीिड़त को मेदांता अस्पताल में भतीर् िकया गया जहाँ वह िदनांक 21.04.2025 तक भतीर् रहा तथा कािरत चोटों के कारण उसके फे फड़े में जिटलताएँ उत्पन्न हो गयी थीं। इस संबंध में कोई साक्ष्य िववेचक को प्रदान नहीं िकया गया है तथा यह के स डायरी का संगत अंश नहीं है।
10. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक पांच नािमत व्यिक्तयों एवं तीन अज्ञात व्यिक्तयों द्वारा अपराध कािरत करना कहा गया िकन्तु घटना में पीिड़ता व्यिक्त को सात चोटें आयीं जो सभी सामान्य प्रकृ ित की हैं; प्राथीर् का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है, वह एक 20 वषीर्य नवयुवक है; प्राथीर् िदनांक 10.04.2025 से न्याियक अिभरक्षा में िनरुद्ध है; िववेचना पूणर् हो चुकी है तथा प्राथीर् के िवरुद्ध आरोप-पत्र प्रस्तुत हो चुका है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है।
11. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
12.
आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 2, 2025 Ankit BAIL No. 8165 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench