VIJAY YADAV @ VIJAY BAHADUR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
A482/7218/2025 · 2025-09-10
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 160669 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW APPLICATION U/S 482 No. - 7218 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री धीरेन्द्र कु मार िमश्रा तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम श्री मनीष िवक्रम िसह चौहान को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. िदनांक 3.9.2025 को िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को प्रित शपथ पत्र प्रस्तुत करने के िलए एक सप्ताह का समय िदया गया था। राज्य द्वारा कोई प्रित शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं िकया गया है तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कह िक वह प्रकरण में मौिखक तकर् कर के यािचका का िवरोध करेंगे।
3. धारा 482 दण्ड प्रिक्रया संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना पत्र द्वारा प्राथीर् ने प्रथम सूचना िरपोटर् संख्या 0068 सन 2021 अंतगर्त धारा 2/3(1) उ०प्र० िगरोहबन्द समाज िवरोधी िक्रयाकलाप (िनवारण) अिधिनयम, 1986, थाना धनपतगंज िजला सुल्तानपुर के अनुक्रम में प्रस्तुत आरोप पत्र िदनांिकत 30.12.2024 तथा उसके आधार पर िवद्वान िवशेष न्यायाधीश MP / MLA / FTC- II, सुल्तानपुर द्वारा पािरत आदेश िदनांक 10.02.2025 िजसके द्वारा उपरोक्त अपराध का संज्ञान िलया तथा प्राथीर् को िवचारण हेतु तलब िकया गया, की वैधता को चुनौती दी गयी है।
4. उपरोक्त प्रकरण प्राथीर् सिहत 5 व्यिक्तयों के िवरुद्ध िदनांक 28.04.2021 को िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ िजसमें कहा गया िक अिभयुक्तगण ने एक संगिठत आपरािधक िगरोह बना रखा है िजसका लीडर सह-अिभयुक्त चन्द्रभद्र िसह उफर् सोनू है। Versus Counsel for Applicant(s) : Dhirendra Kumar Mishra, Pramod Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vijay Yadav @ Vijay Bahadur .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another .....Opposite Party(s)
5. प्रथम सूचना िरपोटर् के साथ संलग्न गैंग चाटर् में मात्र धारा 342, 327, 384, 120B भा०दं०सं० के संबंध में पंजीकृ त मुकदमा अपराध संख्या 01 सन 2021 थाना धनपतगंज जनपद सुल्तानपुर में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी थी।
6. िजस प्रकरण में प्राथीर् की संिलप्तता के आधार पर उसे िगरोहबन्द अिधिनयम के अपराध का आरोपी बनाया गया, उसमें प्राथीर् को िवद्वान अपर मुख्य न्याियक मिजस्ट्रेट, कक्ष संख्या 17 / िवशेष मिजस्ट्रेट, एम.पी./एम.एल.ए., सुल्तानपुर द्वारा पािरत िनणर्य तथा आदेश िदनांक 06.07.2023 द्वारा दोषमुक्त िकया जा चुका है।
7.
प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् िदया िक प्राथीर् को मात्र उपरोक्त आपरािधक प्रकरण में संिलप्त होने के आधार पर िगरोहबन्द अिधिनयम के प्रकरण में आरोपी बनाया गया था तथा उक्त प्रकरण में दोषमुक्त हो जाने के साथ ही िगरोहबन्द अिधिनयम के प्रकरण में आरोपी बनाये जाने के आधार ही समाप्त हो गये हैं।
8. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता के इस तकर् का िवरोध िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता नहीं कर सके तथा उन्होंने कहा िक यह िनिववाद है िक प्राथीर् िगरोहबन्द अिधिनयम की प्रथम सूचना िरपोटर् एवं गैंग चाटर् में अंिकत एकमात्र मुकदमें में दोषमुक्त हो चुका है। िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने यह तकर् िदया िक प्रथम सूचना िरपोटर् में यह अंिकत है िक प्राथीर् तथा उसके िगरोह के अन्य सदस्य दबंग एवं आपरािधक प्रकृ ित के व्यिक्त हैं और उनके िवरुद्ध जनता का कोई व्यिक्त गवाही देने का साहस नहीं करता है।
9. इसी प्रकरण में एक सह-अिभयुक्त दीपक कु मार िसह उफर् बबलू िसह द्वारा प्रस्तुत प्राथर्ना पत्र अंतगर्त धारा 482, वाद संख्या 6240 सन् 2025 में पािरत िनणर्य तथा आदेश िदनांक 14.08.2025 द्वारा समान आधार पर उक्त सह-अिभयुक्त दीपक कु मार िसह उफर् बबलू िसह के िवरुद्ध आपरािधक कायर्वाही िनरस्त की जा चुकी है।
10.
उपरोक्त पिरिस्थितयों में, जबिक िगरोहबन्द अिधिनयम की प्रथम सूचना िरपोटर् अंिकत होने के पश्चात िववेचना के दौरान भी ऐसा कोई साक्ष्य संकिलत नहीं हो सका है िजससे इस आरोप की प्रथम दृष्टया पुिष्ट हो िक जनता के व्यिक्त प्राथीर् से भयभीत हैं तथा इस संबंध में िकसी स्वतंत्र साक्षी का बयान िववेचक ने अंिकत नहीं िकया है; प्राथीर् को मात्र एक अन्य आपरािधक प्रकरण में आरोपी होने के कारण िगरोहबन्द अिधिनयम के प्रकरण का आरोपी बनाया गया है था तथा उस आधारगत प्रकरण में प्राथीर् दोषमुक्त हो चुका है तथा समान आधारों पर सह- अिभयुक्त दीपक कु मार उफर् बबलू िसह के िवरुद्ध आपरािधक कायर्वाही िनरस्त की जा चुकी है, न्यायालय का मत है िक अब प्राथीर् के िवरुद्ध िगरोहबन्द अिधिनयम की प्रिक्रया जारी रखने का कोई वैधािनक आधार नहीं है रह गया है। ऐसी पिरिस्थित में प्राथर्ना-पत्र स्वीकार होने योग्य है एवं प्राथीर् के िवरुद्ध िगरोहबन्द अिधिनयम की आपरािधक कायर्वाही िनरस्त होने योग्य है। A482 No. 7218 of 2025 2
11. उपरोक्त तथ्यों के दृिष्टगत रखते हुए प्राथर्ना पत्र स्वीकार िकया जाता है। प्रथम सूचना िरपोटर् संख्या 0068 सन 2021 अंतगर्त धारा 2/3(1) उ०प्र० िगरोहबन्द समाज िवरोधी िक्रयाकलाप (िनवारण) अिधिनयम, 1986, थाना धनपतगंज, िजला सुल्तानपुर के अनुक्रम में प्रस्तुत आरोप पत्र िदनांिकत 30.12.2024 तथा उसके आधार पर िवद्वान िवशेष न्यायाधीश MP / MLA / FTC- II, सुल्तानपुर द्वारा पािरत आदेश िदनांक 10.02.2025 िजसके द्वारा उपरोक्त अपराध का संज्ञान िलया तथा प्राथीर् को िवचारण हेतु तलब िकया गया तथा उपरोक्त आपरािधक वाद की संपूणर् कायर्वाही िनरस्त की जाती है।
September 10, 2025 Himanshu A482 No. 7218 of 2025 3 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench