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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 160609 (ALL)

PRADYUMNA KUMAR SHUKLA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER

BAIL/8023/2025 · 2025-09-01

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8023 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री मो० अतहर खान तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री प्रशान्त ित्रपाठी को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. धारा 439 दं०प्र०सं०/483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता (B.N.S.S.) में प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 0074 सन 2025, अन्तगर्त धारा 409, 420, 467, 468, 471, 504, 506 भा०द०िव०, थाना-गोमती नगर, िजला-लखनऊ में जमानत की प्राथर्ना की है। 3. उपरोक्त प्रकरण, िवपक्षी संख्या 2 द्वारा िदनांक 27/02/2025 को िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ, िजसमें यह कहा गया है िक िवपक्षी संख्या 2 ने एक भूखंड खरीदने के िलए प्राथीर् को िदनांक 20/01/2021 को ₹50,000/- चेक द्वारा िदए थे तथा एक अनुबंध िनष्पािदत करा िलया था, िजसमें यह कहा गया था िक अप्रैल 2021 तक भूखंड का िवक्रय पत्र िशकायतकतार् की पत्नी के पक्ष में िकया जाएगा। इसके उपरांत, िदनांक 13/02/2021 से 23/01/2023 के बीच िविभन्न ितिथयों में िवपक्षी संख्या 2 ने कु ल ₹10,25,000/- प्राथीर् को िदए, िकतु प्राथीर् के पक्ष में िवक्रय पत्र िनष्पािदत नहीं िकया गया। 4. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है तथा शपथ पत्र के प्रस्तर 24 में तीन अन्य आपरािधक प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्ई गई है, िजन सभी में प्राथीर् को जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है। 5. प्रस्तुत प्रकरण में प्राथीर् िदनांक 24/07/2025 से जेल में है। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में Versus Counsel for Applicant(s) : Mohd. Haroon, Jeya Rai Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Pradyumna Kumar Shukla .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another .....Opposite Party(s) आरोपों की पुिष्ट होने के पश्चात आरोप पत्र िदनांक 06/08/2025 को प्रस्तुत िकया जा चुका है। 7. िशकायतकतार् के िवद्वान अिधवक्ता ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्राथीर् ने पक्षों के मध्य हुए एक िवक्रय अनुबंध का उल्लंघन िकया है। वह इस बात का उत्तर नहीं दे पाया िक अनुबंध िनबंिधत है अथवा नहीं तथा प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है िक पक्षों के मध्य अचल संपित्त के िवक्रय के संबंध में िनबंिधत अनुबंध िनष्पािदत नहीं हुआ है। 8. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक पक्षों के मध्य कोई िनबंिधत िवक्रय अनुबंध िनष्पािदत होने का साक्ष्य नहीं है; िशकायतकतार् ने िविभन्न ितिथयों में प्राथीर् को रुपए देने का कथन िकया है, िकतु कोई दीवानी वाद प्रस्तुत नहीं िकया है एवं प्राथीर् को तीन अन्य प्रकरणों में जमानत िमल चुकी है, प्राथीर् िदनांक 24/07/2025 से अिभरक्षा में है, जबिक िववेचना पूणर् हो चुकी है। न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है। 9. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 10. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के सािक्षयों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत की गई प्रत्येक ितिथ पर उपिस्थत होगा। September 1, 2025 Himanshu BAIL No. 8023 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench