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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 160602 (ALL)

BRIJESH SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/8101/2025 · 2025-09-22

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8101 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री बृजेश िसह तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्रीमती कमलेश कु मारी को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. प्रस्तुत प्रितशपथ-पत्र एवं प्रितउत्तर शपथ-पत्र अिभलेख पर िलया जाता है। 3. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 214 सन 2025 अन्तगर्त धारा 304(2), 319(2), 318(2), 3(5), 338, 336(3), 340(2), 317(2), 112 बी०एन०एस० थाना पट्टी िजला प्रतापगढ़ में जमानत की प्राथर्ना की है। 4. िदनांक 17.07.2025 को समय 03:24 बजे एक व्यिक्त राम िवशाल ितवारी एवं तीन अज्ञात व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया िक िशकायतकतार् ठेके दारी का काम करता है, उसे श्रिमकों की आवश्यकता थी। नािमत अिभयुक्त राम िवशाल ितवारी उसका पिरिचत है तथा वह श्रिमक िदलवाने के बहाने उसको उडैयाडीह ले गया। कार में िशकायतकतार् के बगल में राम िवशाल ितवारी बैठे थे तथा दोनों के बीच में एक थैले में पांच लाख रूपये रखे थे िजसकी जानकारी राम िवशाल ितवारी को थी। रास्ते में तीन लोग एक मोटरसाइिकल से आए, अपने को आयकर िवभाग से होना बताकर गाड़ी की जांच करने को कहा एवं जांच के दौरान रुपयों से भरा थैला अपने साथ लेकर चले गये। िशकायतकतार् ने कहा िक उसे िवश्वास है िक राम िवशाल ितवारी ने ही उपरोक्त टप्पेबाजी की घटना करायी। 5. पुिलस का यह कथन है िक उसने ब्रजेश िसह (प्राथीर्), राम िवशाल ितवारी, राम सकल के वट , लल्लू के वट तथा रंजीत यादव को िदनांक 17.07.2025 को समय 21 बजे एक साथ एक मुखिबर से प्राप्त सूचना के आधार पर िगरफ्तार िकया। ब्रजेश िसह से रू० 1,58,000/-, के न्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो का पिरचय पत्र, एक तमंचा तथा दो कारतूस बरामद हुए। राम िवशाल Versus Counsel for Applicant(s) : Arun Kumar Tripathi, Avinash Pandey, Surya Deo Sharma, Yugal Tripathi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Brijesh Singh .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. .....Opposite Party(s) ितवारी से रु० 36,000/- एवं रु० 3,69,100/- के सदृश नोट िजसपर िचल्ड्रेन बैंक ऑफ इिण्डया िलखा था, बरामद हुए। राम सकल के वट से रु० 80,000/- तथा आयकर िवभाग का पिरचय पत्र बरामद हुआ। लल्लू के वट से रु 32,000/- तथा राजस्व िवभाग का पिरचय पत्र बरामद हुआ एवं प्राथीर् से रु० 24,000 बरामद हुए। अिभरक्षा में िदये गये बयान में सभी अिभयुक्तों ने स्वीकार िकया िक वह लोगों को ठगने का काम करते हैं। 6. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में एक अन्य आपरािधक प्रकरण में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है िजस में उसे कोई समन प्राप्त नहीं हुआ है। शपथ-पत्र में यह भी कहा गया है िक िदनांक 16.07.2025 को 10 पुिलसकमीर् अपने आपको स्पेशल टास्क फोसर् का सदस्य बताते हुए सादे कपड़ों में प्राथीर् के घर आकर उसे अपने साथ ले गये िजसकी वीिडयो िरकािडग उपलब्ध है। पुिलस को इस संबंध में 112 नं० पर सूचना दी गयी थी। 7. इस न्यायालय द्वारा एक अन्य सह-अिभयुक्त रंजीत कु मार यादव को जमानत प्राथर्ना-पत्र संख्या 8142 सन 2025 में पािरत आदेश िदनांिकत 04.09.2025 द्वारा िनयिमत जमानत पर िरहा िकये जाने का आदेश हो चुका है। 8. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्राथीर् को अन्य अिभयुक्तगण के साथ िगरफ्तार िकया गया है, सभी अिभयुक्तगण से किथत अपराध के संबंध में बरामदगी हुई है तथा प्राथीर् से भी रुपये बरामद हुए हैं अतः प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा िक प्रकरण में िववेचना अभी लंिबत है। 9. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्रथम सूचना िरपोटर् के कथनों के अनुसार घटना चार व्यिक्तयों ने कािरत की; पुिलस ने पांच व्यिक्तयों को पकड़कर अिभरक्षा में िदये गये बयान के आधार पर सभी को घटना में सिम्मिलत होना कहा; प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है िक प्राथीर् को पुिलस िदनांक 16.07.2025 को घर से ले गयी थी एवं उसकी िगरफ्तारी गलत ढंग से िदनांक 17.07.2025 को एक बाग से अन्य अिभयुक्तगण के साथ िदखाई जो किथत बरामदगी को भी संदेहास्पद बनाता है; इस न्यायालय द्वारा एक अन्य सह-अिभयुक्त को जमानत पर िरहा िकये जाने का आदेश पूवर् में हो चुका है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है। 10. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 11. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; BAIL No. 8101 of 2025 2 (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 22, 2025 Ankit BAIL No. 8101 of 2025 3 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench