SOHRAT v. CIVIL JUDGE JUNIOR DIVISION UTRAULA DISTT. BALRAMPUR AND 4 OTHERS
A227/5138/2025 · 2025-09-02
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 160377 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 5138 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री इकबाल अहमद को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 227 के अंतगर्त प्रस्तुत इस यािचका द्वारा यािचकाकतार् िसिवल जज (अवर खण्ड) / न्याियक मिजस्ट्रेट, उतरौला, बलरामपुर के समक्ष दािण्डक वाद संख्या 878 सन 2024 मुकदमा अपराध संख्या 076 सन 2024 अंतगर्त धारा 498(A), 323, 504, 506 भा०दं०सं० एवं धारा 3/4 दहेज प्रितषेध अिधिनयम थाना सैदुल्ला नगर जनपद बलरामपुर के शीघ्र िनस्तारण का अनुरोध िकया है।
3. उपरोक्त प्रकरण यािचकाकतार् द्वारा िवपक्षी संख्या 2 से 5 के िवरुद्ध यह कहते हुए िलखाई गई है िक यािचकाकतार् ने अपनी पुत्री का िववाह िवपक्षी संख्या 2 मो० अहमद के साथ वषर् 2020 में िकया था। सभी अिभयुक्तगण उसे दहेज के िलए प्रतािड़त करते थे तथा माह अप्रैल 2024 में उन्होंने िशकायतकतार् की पुत्री को उसके घर वापस भेज िदया एवं िदनांक 08.06.2024 को जब िशकायतकतार् अपनी पुत्री को लेकर अिभयुक्तगण के वहाँ गया तो उन्होंने िशकायतकतार् और उसकी लड़की को मारपीटकर घर से भगा िदया।
4. प्रथम सूचना िरपोटर् में यह भी कहा गया है िक िवपक्षी संख्या 2 िवजयवाड़ा में रहता है िकन्तु इस यािचका में िवजयवाड़ा का पता अंिकत नहीं िकया गया है।
5. िवचारण न्यायालय ने िदनांक 03.09.2024 को अपराध का संज्ञान िलया , इसके बाद अिभयुक्तगण ने उपिस्थत होकर जमानतें करायीं।
6. यािचका में िवद्वान िसिवल जज (अवर खण्ड), उतरौला, बलरामपुर को िवपक्षी बनाया गया है, जबिक सािवत्री देवी बनाम िजला जज, गोरखपुर, (1999) 2 SCC 577 एवं जोगेन्द्रिसहजी Versus Counsel for Petitioner(s) : Iqbal Ahmad Counsel for Respondent(s) :
Sohrat .....Petitioner(s) Civil Judge Junior Division Utraula Distt. Balrampur And 4 Others .....Respondent(s)
िवजयिसहजी बनाम गुजरात राज्य, (2015) 9 SCC 1, में माननीय उच्चतम न्यायालय ने यह अवधािरत िकया है िक न्यायालय / न्यायािधकरणों को यािचकाओं में िवपक्षी नहीं बनाया जा सकता, तद्नुसार यािचकाकतार् को िनदेर्िशत िकया जाता है िक वह िवपक्षी संख्या 1- िवद्वान िसिवल जज (अवर खण्ड), उतरौला, बलरामपुर का नाम यािचका से हटा दें तथा वांिछत संशोधन तुरन्त ही समावेिशत िकया जाय।
7.
यह तथ्य सवर्िविदत है िक सभी न्यायालय, िवशेषतया िवचारण न्यायालय, अत्यिधक काम के बोझ से िनपटने हेतु प्रयासरत हैं, ऐसी पिरिस्थित में एक ऐसा प्रकरण िजसमें अपराध का संज्ञान िदनांक 03.09.2024 को िलया गया एवं िवचारण न्यायालय के आदेश पत्रक से यह प्रतीत नहीं होता है िक िवचारण न्यायालय िवचारण में अनावश्यक िवलंब कर रही है, प्रकरण के शीघ्र िनस्तारण का िनदेर्श देने का इस स्तर पर कोई औिचत्य नहीं है।
8. तद्नुसार, यह यािचका िनरस्त की जाती है। September 2, 2025 Ankit A227 No. 5138 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench