JYOTIRESH PANDEY v. THE COURT OF DISTRICT AND SESSION JUDGE, DISTT. LUCKNOW AND 2 OTHERS
A227/5012/2025 · 2025-08-29
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 160279 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 5012 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री राजेश चन्द्र िमश्रा ने वकालतनामा प्रस्तुत िकया िजसे अिभलेख पर िलया जाता है।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 227 के अंतगर्त प्रस्तुत इस यािचका द्वारा यािचकाकतार् ने सत्र न्यायाधीश, लखनऊ द्वारा दािण्डक प्रकीणर् वाद संख्या 4124 सन 2025 में पािरत आदेश िदनांक 11.07.2025 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके माध्यम से यािचकाकतार् सत्र परीक्षण वाद संख्या 155 सन 2003 को अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या 01 के न्यायालय से िकसी अन्य न्यायालय में स्थानांतिरत करने का प्राथर्ना-पत्र िनरस्त कर िदया गया।
3. इस यािचका के माध्यम से यािचकाकतार् ने यह अनुरोध िकया है िक उक्त सत्र परीक्षण अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या 01, लखनऊ के न्यायालय से िकसी अन्य न्यायालय में स्थानांतिरत कर िदया जाय। स्थानांतरण के आदेश में यािचकाकतार् ने यह दशार्या है िक वह प्रकरण में एक अिभयुक्त है। अिभयोजन साक्षी संख्या 3 से वह प्रितपरीक्षण नहीं कर पाया था। िदनांक 23.06.2025 को यािचकाकतार् ने अिभयोजन साक्षी संख्या 3 के प्रितपरीक्षण की अनुमित हेतु प्राथर्ना-पत्र िदया था, िकन्तु उस प्राथर्ना-पत्र की प्रित यािचका के साथ संलग्न नहीं की गयी है। प्राथर्ना-पत्र िवचारण न्यायालय द्वारा िनरस्त कर िदया गया, जबिक अिभयोजन द्वारा धारा 311 दं०प्र०सं० के अंतगर्त प्रस्तुत एक प्राथर्ना-पत्र, िजसके माध्यम से एक पूवर् िववेचक को परीक्षण हेतु तलब करने की प्राथर्ना की गयी थी, वह स्वीकार कर िलया गया।
4. यािचकाकतार् का स्थानांतरण प्राथर्ना-पत्र िनरस्त करते हुए आदेश िदनांक 11.07.2025 में सत्र न्यायाधीश, लखनऊ ने यह अंिकत िकया है िक यािचकाकतार् ने पीठासीन अिधकारी द्वारा पूवार्ग्रह से ग्रस्त होकर उनके िवरुद्ध मनमाने ढंग से िविध िवरुद्ध कायर्वाही संचािलत करने का आरोप लगाया है िकन्तु पीठासीन अिधकारी ने आरोपों से इंकार करते हुए यह कहा िक पत्रावली Versus Counsel for Petitioner(s) : In Person, Rajesh Chandra Mishra Counsel for Respondent(s) : G.A. Jyotiresh Pandey .....Petitioner(s) The Court Of District And Session Judge, Distt. Lucknow And 2 Others .....Respondent(s)
यिद अन्यत्र िकसी न्यायालय में स्थानांतिरत की जाती है तो उन्हें कोई आपित्त नहीं है।
5.
सत्र न्यायाधीश ने अपने आदेश में यह अंिकत िकया है िक अिभयोजन साक्षी संख्या 3 की मुख्य परीक्षा िदनांक 05.04.2016 को अंिकत की गयी और दो सह-अिभयुक्तों राके श वमार् व श्रीमती सुबोिधनी की तरफ से इस साक्षी से प्रितपरीक्षण भी िकया गया िकन्तु यािचकाकतार् ने प्रितपरीक्षण नहीं िकया। तदुपरान्त अिभयोजन साक्षी संख्या 4 से 8 की मुख्य परीक्षा िविभन्न ितिथयों को अंिकत हुई एवं यािचकाकतार् ने उनसे प्रितपरीक्षा भी की। अिभयोजन साक्षी संख्या 3 की प्रितपरीक्षा की अनुमित के संबंध में यािचकाकतार् ने प्राथर्ना-पत्र लगभग 9 वषर् बाद िदनांक 27.05.2025 को िदया जो सद्भावी प्रतीत नहीं होता है।
6. प्रकरण में िदन-प्रितिदन िवचारण के िलए माननीय प्रशासिनक न्यायमूित का एक आदेश पािरत है तथा माननीय उच्च न्यायालय ने प्रकरण के शीघ्र िनस्तारण की अपेक्षा की।
7. ऐसी पिरिस्थित में 9 वषर् पश्चात एक अिभयोजन साक्षी से प्रितपरीक्षा का अवसर िदये जाने का प्राथर्ना-पत्र िनरस्त होना मात्र यािचकाकतार् को व्यिथत कर गया ऐसा प्रतीत होता है। यािचकाकतार् एक अिधवक्ता है वह अपने प्रकरण की पैरवी स्वयं कर रहे हैं। ऐसी िस्थित में व्यिथत होकर यािचकाकतार् ने न्यायालय के पीठासीन अिधकारी के िवरुद्ध आरोप लगाये हैं िजनमें कोई सार प्रतीत नहीं होता है।
8. िजन आरोपों को पीठासीन अिधकारी से स्वीकारने से इंकार िकया गया है तथा आरोपों में कोई सार प्रतीत नहीं होता है।
9. ऐसी पिरिस्थित में सत्र न्यायालय ने स्थानांतरण प्राथर्ना-पत्र िनरस्त करने में कोई त्रुिट कािरत नहीं की एवं स्थानांतरण का कोई समुिचत आधार नहीं है।
10. तद्नुसार, यािचका िनरस्त की जाती है।
August 29, 2025 Ankit A227 No. 5012 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench