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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 160003 (ALL)

KANDHAI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER

ABAIL/951/2025 · 2025-09-10

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 951 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री अजय कु मार शुक्ला तथा िवद्वान अितिरक्त शासकीय अिधवक्ता श्री मनीष िवक्रम िसह चौहान को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता की धारा 482/438 दं०प्र०सं० के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 0308 सन 2021 अन्तगर्त धारा 147, 148, 323, 504, 506, 352, 308 भा०द०िव०, थाना सांगीपुर, िजला प्रतापगढ़ में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िदनांक 02.12.2021 को प्राथीर् सिहत 9 व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में कहा गया है िक पक्षों के मध्य एक सम्पित्त िववाद के कारण अिभयुक्तगण ने िशकायतकतार् एवं उसके लड़के को भद्दी-भद्दी गािलयां दी एवं प्राथीर् के ललकारने पर अन्य अिभयुक्तगण ने िशकायतकतार् एवं उसके लड़कों को बुरी तरह से मारा-पीटा, िजससे उनके िसर में गम्भीर चोटे आईं। 4. प्रकरण में िववेचना के पश्चात िदनांक 31.05.2022 को आरोप पत्र प्रस्तुत िकया जा चुका है। 5. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् एक 82 वषीर्य वृद्ध व्यिक्त है। एक पूरक शपथ पत्र के माध्यम से कहा गया है िक प्राथीर् का स्वास्थ्य ज्यादा अच्छा नहीं है। 6. उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए, जबिक प्राथीर् एक 82 वषीर्य वृद्ध व्यिक्त है तथा प्रथम सूचना िरपोटर् में मात्र यह कहा गया है िक उसके ललकारने पर अन्य अिभयुक्तगण ने मार-पीट की, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् अिग्रम जमानत पाने का अिधकारी है। 7. तदनुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 8. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदक की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार Versus Counsel for Applicant(s) : Ajai Kumar Shukla, Nisha Devi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Kandhai .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. And Another .....Opposite Party(s) व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगा। ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा। च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। September 10, 2025 Himanshu ABAIL No. 951 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench