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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 159729 (ALL)

REHAN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 5 OTHERS

CRLP/8216/2025 · 2025-09-11

Subhash Vidyarthi

Special Leave Petitionbody2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. WRIT PETITION No. - 8216 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री सोनु गुप्ता तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री प्रशांत ित्रपाठी को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 226 के अंतगर्त इस िरट यािचका द्वारा यािचकातार् ने मुख्य न्याियक मिजस्ट्रेट, लखनऊ द्वारा पािरत आदेश िदनांक 25.05.2025 की वैधता को चुनौती दी है। िजसके द्वारा यािचकाकतार् को प्रितप्रेिषत (िरमांड) िकए जाने का प्राथर्ना-पत्र िनरस्त कर िदया गया। 3. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने यािचका के िवरुद्ध अपनी प्रारंिभक आपित्त रखी िक यािचकाकतार् कारागार में िनरुद्ध है, िकतु उसने यह िरट यािचका स्वयं ही प्रस्तुत की है तथा यािचका िकसी व्यिक्त के माध्यम से प्रस्तुत नहीं की गई है। उनका कथन है िक कारागार में िनरुद्ध व्यिक्त स्वयं ही िरट यािचका प्रस्तुत नहीं कर सकता है। िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने दूसरी आपित्त यह रखी िक माननीय उच्चतम न्यायालय ने नीता िसह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य SLP (Crl) 13578/2024 तथा प्रदन्या प्रांजल कु लकणीर् बनाम महाराष्ट्र राज्य 2025 SCC Online SC 1948 के िनणर्यों में यह अवधािरत िकया है िक न्याियक आदेशों की वैधता को चुनौती संिवधान के अनुच्छेद 226 के अंतगर्त िरट यािचका के माध्यम से नहीं दी जा सकती। 4. उपरोक्त प्रारंिभक आपित्तयों में बल प्रतीत होता है माननीय उच्चतम न्यायालय के उपरोक्त िनणर्यों के क्रम में संिवधान के अनुच्छेद 226 के अंतगर्त प्रस्तुत िरट यािचका पोषणीय नहीं है। तदनुसार, िरट यािचका िनरस्त की जाती है। September 11, 2025 Sumit Versus Counsel for Petitioner(s) : Sonu Gupta, Kausar Jahan, Mohd. Khalid Counsel for Respondent(s) : G.A. (Subhash Vidyarthi,J.) Rehan .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 5 Others .....Respondent(s) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench