Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 159700 (ALL)

PRAMOD KUMAR YADAV v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME U.P. LKO.

NABAIL/1087/2025 · 2025-08-26

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1087 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री प्रदीप कु मार शुक्ला तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्रीमती कमलेश कु मारी को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. धारा 438 दं०प्र०सं० द्वारा प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 95 सन 2025 अन्तगर्त धारा 3(1) उ०प्र० िगरोहबन्द समाज िवरोधी िक्रयाकलाप (िनवारण) अिधिनयम थाना करौंदीकलां िजला सुल्तानपुर में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है। 3. उपरोक्त प्रकरण एक पुिलस प्रभारी िनरीक्षक द्वारा िदनांक 15.05.2025 को प्राथीर् सिहत 4 अन्य नािमत व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ, िजसमें कहा गया िक अिभयुक्तगण ने एक संगिठत िगरोह बना रखा है। 4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है और उसका कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। 5. प्रथम सूचना िरपोटर् के साथ संलग्न गैंग चाटर् में मात्र एक आपरािधक प्रकरण में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है िजनमें उसको को जमानत पर िरहा िकये जाने का आदेश हो चुका है। 6. प्रस्तुत प्रकरण में सह-अिभयुक्त इंद्रमिण िमश्रा को अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र संख्या 1030 सन् 2025 में पािरत आदेश िदनांक 19.08.2025 के द्वारा अिग्रम जमानत दी जा चुकी है। 7. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक गैंग चाटर् में विणत एक मात्र आपरािधक प्रकरण में प्राथीर् को जमानत पर िरहा िकया जा चुका है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् अिग्रम जमानत पाने का अिधकारी है। 8. तद्नुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 9. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदक की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- Versus Counsel for Applicant(s) : Pradeep Kumar Shukla Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Pramod Kumar Yadav .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home U.P. Lko. .....Opposite Party(s) क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगा; ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए; ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा; च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। [Subhash Vidyarthi,J.] August 26, 2025 Himanshu NABAIL No. 1087 of 2025 2 Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench