SUDHA TIWARI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME U.P. LKO.
BAIL/7942/2025 · 2025-08-26
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 159578 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7942 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्रािथनी के िवद्वान अिधवक्ता श्री मनजीत िसह तथा िवद्वान अितिरक्त शासकीय अिधवक्ता श्री अिभषेक कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. धारा 439 दं०प्र०सं०/483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता (B.N.S.S.) के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्रािथनी ने मुकदमा अपराध संख्या 246 सन 2025 अन्तगर्त धारा 2/3 उ०प्र० िगरोहबन्द समाज िवरोधी िक्रयाकलाप (िनवारण) अिधिनयम, 1986, थाना रानीगंज, िजला प्रतापगढ़, में जमानत की प्राथर्ना की है।
3. उपरोक्त प्रकरण पुिलस के प्रभारी िनरीक्षक द्वारा िदनांक 23.07.2025 को प्रािथनी तथा चार अन्य सह-अिभयुक्त के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ, िजसमें कहा गया है िक प्रािथनी तथा चार अन्य सह-अिभयुक्त ने एक संगिठत आपरािधक िगरोह बना रखा है तथा सह-अिभयुक्त मनोज यादव िगरोह का सरगना है।
4. प्रथम सूचना िरपोटर् के साथ संलग्न गैंग-चाटर् में एक आपरािधक प्रकरण में प्रािथनी तथा सह- अिभयुक्तगण की संिलप्तता दशार्ई गई है, िजसमें प्रािथनी को जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है।
5. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्रािथनी िनदोर्ष है तथा उसका कोई अन्य आपरािधक इितहास नहीं है।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने जमानत प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्रकरण में िववेचना अभी लिम्बत है। Versus Counsel for Applicant(s) : Manjeet Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sudha Tiwari .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home U.P. Lko. .....Opposite Party(s)
7. उपरोक्त तथ्यों के दृिष्टगत, जबिक प्रािथनी को मात्र एक प्रकरणों में संिलप्त होने के आधार पर प्रस्तुत प्रकरण में आरोपी बनाया गया है तथा उक्त प्रकरण में प्रािथनी को जमानत िमल चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्रस्तुत प्रकरण में प्रािथनी जमानत पाने की अिधकािरणी है।
8. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
9.
आवेिदका को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेिदका अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगी; (ii) आवेिदका अिभयोजन पक्ष के सािक्षयों पर दबाव नहीं डालेगी; (iii) आवेिदका िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत की गई प्रत्येक ितिथ पर उपिस्थत होगी। August 26, 2025 Himanshu BAIL No. 7942 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench