VIJAY KUMAR MISHRA @ VIJAY KUMAR AND 7 OTHERS v. THE STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
NABAIL/1091/2025 · 2025-09-01
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 159315 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1091 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर्गण के िवद्वान अिधवक्ता श्री शंकर लाल पांडेय, िवद्वान अितिरक्त शासकीय अिधवक्ता प्रथम श्री राजेश कु मार िसह तथा िशकायतकतार् (िवपक्षी संख्या 2) के िवद्वान अिधवक्ता श्री नागेन्द्र बहादुर िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 0183 सन् 2025 अन्तगर्त धारा 191(2)/119(1)/131/351(3) बी०एन०एस, थाना अन्तू, िजला प्रतापगढ़, में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है।
3. उपरोक्त प्रकरण िदनांक 4/6/2025 को प्राथीर्गण सिहत 9 व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ, िजसमें कहा गया है िक एक िववािदत बाग का बटवारा सरकारी अिभलेख में हो चुका है तथा िदनांक 23/5/2025 को नाप कराकर पत्थर नसब (सीमांकन) एवं मेड़बंदी की कायर्वाही कराई गई थी। अिभयुक्तगण ने गाड़े गए पत्थर पर िपलर को उखाड़कर दबंगई से जमीन पर कब्जा़ कर िलया तथा िशकायतकतार् पक्ष के लोगों द्वारा िवरोध करने पर हमला कर िदया। प्राथर्ना पत्र के साथ उप-िजलािधकारी न्यायालय से प्राप्त सूचना की एक प्रित संलग्न की गई है, िजसके अनुसार अजुर्न प्रसाद आिद बनाम सरकार आिद के मध्य वाद संख्या 3548 सन् 2018 में िदनांक 21/10/2023 से िदनांक 4/6/2025 के बीच पत्थरगढ़ी का कोई आदेश पािरत नहीं िकया गया है।
4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम ने उनको प्राप्त िलिखत अनुदेशों के आधार पर कहा िक के स डायरी में टंकण त्रुिट के कारण कु छ स्थान पर पत्थर नसब (सीमांकन) एवं मेड़बंदी की ितिथ िदनांक 23/5/2025 के स्थान पर िदनांक 23/6/2025 अंिकत हो गई है, िजसके िलए िववेचक ने क्षमा प्राथर्ना की है।
5. मात्र एक टंकण त्रुिट के कारण पत्थर नसब (सीमांकन) की कायर्वाही की ितिथ िकसी स्थान पर िदनांक 23/6/2025 अंिकत हो जाने के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता िक िदनांक 23/5/2025 को पत्थर नसब (सीमांकन) की कोई कायर्वाही नहीं हुई थी। िलिखत अनुदेशों के साथ तहसीलदार सदर, जनपद प्रतापगढ़ के आदेश िदनांक 25/4/2025 की प्रित Versus Counsel for Applicant(s) : Shanker Lal Pandey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vijay Kumar Mishra @ Vijay Kumar And 7 Others .....Applicant(s) The State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko.
Prin. Secy. Home Lko. And Another .....Opposite Party(s)
संलग्न की गई है, िजसके माध्यम से पत्थर नसब (सीमांकन) की कायर्वाही के िलए एक पाँच सदस्यीय लेखपालों की टीम गिठत की गई। िदनांक 24/5/2025 को एक आख्या तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत की गई, िजसमें अंिकत है िक िदनांक 23/05/2025 को पुिलस बल के साथ एवं ग्रामवािसयों की उपिस्थित में पत्थर नसब (सीमांकन) की कायर्वाही की गई। िदनांक 26/5/2025 को लेखपाल ने एक आख्या प्रस्तुत कर के बताया िक िदनांक 23/5/2025 को िनयमानुसार पत्थर नसब (सीमांकन) व मेड़बंदी कराई गई थी, िकन्तु िवपिक्षयों द्वारा िपलर को उखाड़कर फें क िदया गया तथा मेड़ों को पूणर् रूप से क्षितग्रस्त कर िदया गया। इसके पश्चात पीिड़त व्यिक्त ने यह प्रथम सूचना िरपोटर् अंिकत कराई है। घटना में पत्थर नसब (सीमांकन) की कायर्वाही के संबंध में, पुिलस बल के जाने के संबंध में थाने के सामान्य दैिनकी में पचार् संख्या 30 में िदनांक 23/5/2025 को पुिलस बल की रवानगी का तथ्य अंिकत है।
6. प्रकरण में एक व्यिक्त अजुर्न प्रसाद को आई चोटों के संबंध में तैयार िकए गए चोट प्रपत्र भी न्यायालय के समक्ष रखे गए हैं, िजसके अनुसार उक्त व्यिक्त को पाँच चोटें आई, िजनकी प्रकृ ित सामान्य थी।
7. िशकायतकतार् के िवद्वान अिधवक्ता ने न्यायालय को सूिचत िकया िक िदनांक 27/10/2018 को उप-िज़लािधकारी प्रतापगढ़ ने वाद संख्या 3548 सन 2018 में पत्थरगड़ी की कायर्वाही करने का आदेश िदया था। उक्त आदेश को एक पक्षीय बताते हुए आदेश को अपास्त करने के िलए प्राथीर्गण की तरफ से एक पुनर्स्थापना प्राथर्ना पत्र प्रस्तुत िकया गया था, जो िदनांक 11/07/2023 के आदेश िनरस्त हो गया। उक्त आदेश के िवरुद्ध पािरत अपील स्वीकार करते हुए प्रकरण पुनः आदेश पािरत करने के िलए िलए उप- िजलािधकारी के समक्ष प्रित-प्रेिषत िकया गया, िदनांक 05/12/2025 को पुनः पुनर्स्थापन प्राथर्ना पत्र िनरस्त हो गया।
8. प्राथीर्गण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् िदया िक प्राथीर्गण को सुने िबना पत्थर नसब (सीमांकन) अथवा मेड़बंदी की कोई कारर्वाई नहीं की जा सकती है।
9.
पत्थर नसब (सीमांकन) तथा मेडबंदी के आदेश की वैधतो को प्राथीर्गण की तरफ से चुनौती दी गई तथा वे इसमें असफल रहे। ऐसी पिरिस्थित में, जबिक पत्थर नसब (सीमांकन) एवं मेडबंदी की कारर्वाई के आदेश को दी गई चुनौती िवफल हो चुकी है, ऐसा प्रतीत होता है िक प्राथीर्गण ने पत्थर नसब (सीमांकन) एवं मेड़बंदी की कायर्वाही से क्षुब्द होकर स्वयं ही लगाए गए पत्थर के खम्भों को हटा िदया एवं मेड़ को तोड़ िदया, िजस संबंध में यह प्रथम सूचना िरपोटर् िलखाई गई है।
10. प्राथीर्गण के उपरोक्त आचरण को दृिष्टगत रखते हुए, न्यायालय का मत है िक प्राथीर्गण अिग्रम जमानत पाने के अिधकारी नहीं है।
11. तदनुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र िनरस्त िकया जाता है। September 1, 2025 Himanshu NABAIL No. 1091 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench