AKASH KUMAR @ AKASH MISHRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/7937/2025 · 2025-08-26
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 159305 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7937 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री चंद्र भानु िसह तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री प्रशान्त ित्रपाठी को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. धारा 439 दं०प्र०सं०/483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता (B.N.S.S.) में प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 0296 सन 2025, अन्तगर्त धारा 8/21/29/60, स्वापक औषिध और मनःप्रभावी पदाथर् अिधिनयम, 1985, थाना लोनीकटरा, िजला-बाराबंकी में जमानत की प्राथर्ना की है।
3. िदनांक 23.07.2025 को एक पुिलस िनरीक्षक द्वारा प्राथीर् सिहत चार व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक मुखिबर की सूचना के आधार पर पुिलस ने सह-अिभयुक्त अिभषेक ितवारी के घर पर छापा मारा, िकन्तु न तो वहाँ अिभषेक ितवारी िमला और न ही कोई आपित्तजनक सामग्री िमली। इस कायर्वाही के पश्चात जब पुिलस िनरीक्षक वापस होने को थे, मुखिबर के माध्यम से एक और सूचना िमली िक अिभषेक ितवारी ने एक व्यिक्त को नाजायज मारफीन की िबक्री के िलए भेजा है। इस सूचना पर पूवार्ंचल एक्सप्रेसवे के िकनारे सिवस लेन पर प्राथीर् सिहत तीन व्यिक्तयों को पकड़ा गया। सह-अिभयुक्त रेहान उफर् रइहान ने कहा िक वह अिभषेक ितवारी से मारफीन खरीदने आया था और इसे आकाश िमश्रा (प्राथीर्) तथा मो० अनवर हुसैन को बेचने हेतु आया था।
4. तलाशी में रेहान उफर् रइहान की लोअर की बाईं जेब से एक सफे द रंग के थैले में काली पालीथीन में सफे द पाउडरनुमा पदाथर् बरामद हुआ, िजसे उसने मारफीन होना स्वीकार िकया तथा उसका वजन 600 ग्राम था। प्राथीर् की तलाशी में एक अदद मोबाइल फोन तथा रु०100/- बरामद हुए। Versus Counsel for Applicant(s) : Chandra Bhanu Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Akash Kumar @ Akash Mishra .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. .....Opposite Party(s)
5. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है तथा उसका कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्रकरण में िववेचना अभी लिम्बत है।
7.
उपरोक्त तथ्यों के दृिष्टगत, जबिक प्राथीर् के पास से मात्र रु०100/- बरामद हुए है एवं कोई आपित्तजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है, प्राथीर् एक 18 वषीर्य नव-युवक है, िजसका कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है; प्राथीर् िदनांक 23.07.2025 से जेल में िनरुद्ध है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है।
8. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
9. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के सािक्षयों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत की गई प्रत्येक ितिथ पर उपिस्थत होगा। August 26, 2025 Himanshu BAIL No. 7937 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench