ANKUL VERMA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. LKO.
BAIL/7955/2025 · 2025-08-26
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 159304 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7955 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् की िवद्वान अिधवक्ता श्रीमती नीलम वमार् तथा िवद्वान अितिरक्त शासकीय अिधवक्ता श्री मयंक िसन्हा को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. धारा 439 दं०प्र०सं०/483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता (B.N.S.S.) के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 0085 सन 2025, अन्तगर्त धारा 2( b)(i), 2(b)(xi), 3(1) उ०प्र० िगरोहबन्द समाज िवरोधी िक्रयाकलाप (िनवारण) अिधिनयम, 1986, थाना िवकास नगर, िजला लखनऊ, में जमानत की प्राथर्ना की है।
3. उपरोक्त प्रकरण पुिलस के प्रभारी िनरीक्षक द्वारा िदनांक 21.06.2025 को प्राथीर् तथा चार अन्य सह-अिभयुक्त के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ, िजसमें कहा गया है िक प्राथीर् तथा चार अन्य सह-अिभयुक्त ने एक संगिठत आपरािधक िगरोह बना रखा है तथा सह-अिभयुक्त राज प्रताप िसह िगरोह का सरगना है।
4. प्रथम सूचना िरपोटर् के साथ संलग्न गैंग-चाटर् में तीन आपरािधक प्रकरण में प्राथीर् तथा सह- अिभयुक्तगण की संिलप्तता दशार्ई गई है, िजसमें प्राथीर् जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है।
5. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है तथा प्रस्तुत प्रकरण एवं गैग चाटर् में दिशत प्रकरण के अितिरक्त प्राथीर् एक अन्य आपरािधक प्रकरण में संिलप्त है तथा िजसमें प्राथीर् को िरहा िकया जा चुका है।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने जमानत प्राथर्ना पत्र का िवरोध िकया, िकन्तु वह प्रकरण के उपरोक्त िबन्दुओं पर तकर् नहीं कर सके । Versus Counsel for Applicant(s) : Neelam Verma Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ankul Verma .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Lko. .....Opposite Party(s)
7. उपरोक्त तथ्यों के दृिष्टगत, जबिक प्राथीर् को मात्र तीन प्रकरणों में संिलप्त होने के आधार पर प्रस्तुत प्रकरण में आरोपी बनाया गया है तथा तीनों प्रकरण में प्राथीर् को जमानत िमल चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्रस्तुत प्रकरण में प्राथीर् जमानत पाने का अिधकारी है।
8. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
9.
आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के सािक्षयों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत की गई प्रत्येक ितिथ पर उपिस्थत होगा।
August 26, 2025 Himanshu BAIL No. 7955 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench