PREETI PANDEY v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
ABAIL/919/2025 · 2025-08-26
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 159282 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 919 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्रािथनी के िवद्वान अिधवक्ता श्री सुधीर कु मार तथा िवद्वान अितिरक्त शासकीय अिधवक्ता श्री मनीष िवक्रम िसह चौहान को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता की धारा 482/438 दं०प्र०सं० के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना- पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 229 सन 2024 अन्तगर्त धारा 420, 409 भा०द०िव०, थाना गाजीपुर, िजला लखनऊ, में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है।
3. िदनांक 30.05.2024 को प्रािथनी सहित पाँच व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक प्रािथनी CYBER MAX TECHNOLOGY फमर् की प्रोपराइटर है, सह-अिभयुक्त आशुतोष िमश्रा Krati Infocom के प्रोपराइटर हैं। िशकायतकतार् की फमर् SHAMBHAVI INFOTECH है। िशकायतकतार् की फमर् ने Krati Infocom को िदनांक 15.12.2017 से िदनांक 10.09.2019 के बीच िविभन्न ितिथयों में रु०4,44,76,846/- का सामान िवक्रय िकया, िजसके संबंध में मात्र रु०3,42,80,519/- अदा िकए गए तथा रु०1,01,96,327/- का बकाया रह गया है। Krati Infocom के मािलक आशुतोष िमश्रा ने बताया िक उक्त फमर् का जीएसटी बंद हो गई तथा िबिलग CYBER MAX TECHNOLOGY फमर् के नाम पर की जाए। इसके पश्चात CYBER MAX TECHNOLOGY को िबल िदए गए, िकन्तु बार-बार मांगने पर कु ल सात से आठ लाख रुपये िदया गया तथा रु०1,00,46,241/- अभी भी बकाया है। रुपये अदायगी के िलए Krati Infocom द्वारा िदया गया एक चेक बैंक द्वारा अनादिरत कर िदया गया।
4. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्रािथनी िनदोर्ष है। प्रस्तुत प्रथम सूचना िरपोटर् के पश्चात प्रािथनी के िवरुद्ध एक अन्य आपरािधक प्रकरण पंजीकृ त हुआ है, िजसमें उसे धारा 41(A) दं०प्र०सं० की नोिटस िमली है। Versus Counsel for Applicant(s) : Sudhir Kumar Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Preeti Pandey .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another .....Opposite Party(s)
5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट हुई है और आरोप पत्र िदनांक 04.07.2025 को प्रस्तुत िकया जा चुका है।
6.
उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्रथम सूचना िरपोटर् वषर् 2017 से 2019 के बीच में हुए वािणिज्यक लेन-देन में कु छ बकाया रुपयों की अदायगी न होने के संबंध में की गई है, जो मूलतः दीवानी प्रकृ ित का िववाद है; प्रथम सूचना िरपोटर् से ऐसा प्रतीत होता नहीं होता है िक बैंक द्वारा चेक अनादिरत होने के पश्चात िशकायतकतार् ने धारा 138 िलखत परक्राम्य अिधिनयम के अन्तगर्त कोई पिरवाद प्रस्तुत िकया अथवा रुपयों की वसूलली के िलए कोई दीवानी वाद प्रस्तुत िकया; प्रािथनी एक मिहला है, िजसका कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है और प्रकरण में िववेचना पूणर् हो चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्रािथनी अिग्रम जमानत पाने की अिधकािरणी है।
7. तदनुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
8. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेिदका की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेिदका, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगी। ख- आवेिदका मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगी िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेिदका अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगी; घ- आवेिदका को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेिदका अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगी / धमकी नहीं देगी। च- आवेिदका िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगी।
August 26, 2025 Himanshu ABAIL No. 919 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench