Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 159249 (ALL)

RAJRANI AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

ABAIL/918/2025 · 2025-08-26

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 918 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्रािथनीगण की िवद्वान अिधवक्ता श्रीमती नीलू िसह चौहान तथा िवद्वान अितिरक्त शासकीय अिधवक्ता श्री मनीष िवक्रम िसह चौहान को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता की धारा 482/438 दं०प्र०सं० के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्रािथनी ने मुकदमा अपराध संख्या 171 सन 2021 अन्तगर्त धारा 323, 308, 506 भा०द०िव०, थाना कोतवाली नगर, िजला सीतापुर, में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िदनांक 28-3-2021 को, समय 14 बजकर 7 िमनट पर, प्रािथनीगण तथा प्रािथनी संख्या 1 के पुत्र एवं प्रािथनी संख्या 2 के भाई पंकज के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में, िशकायतकतार् ने कहा िक िदनांक 28-3-2021 की सुबह 9:00 बजे पड़ोस में रहने वाले अिभयुक्तगण से नाली की सफाई को लेकर झगड़ा हुआ, िजस कारण से अिभयुक्तगण ने िशकायतकतार् की मां को डंडो से मारा-पीटा, िजससे उनकी नाक से खून िनकलने लगा। जब िशकायतकतार् अपनी मां को बचाने आया तो उसे भी मारा-पीटा, िजससे उसे हाथ, पैर और कं धे में चोटे आईं। िशकायतकतार् की मां को बेहोश हालत में अस्पताल में भतीर् कराया गया। 4. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है प्रािथनीगण िनदोर्ष मिहलाएं हैं और उनका कोई अपरािधक इितहास नहीं है। प्राथर्ना पत्र में यह भी कहा गया है िक प्रश्नगण प्रथम सूचना िरपोटर् अंिकत होने के पूवर् ही, सह-अिभयुक्त पंकज ने एक असंज्ञेय अपराध की सूचना थाने पर िदनांक 28-3-2021 को समय 10:21 पर दी थी, िजसमें यह कहा गया है िक पुरानी रंिजश को लेकर िवपक्षीगण 1-िवनोद, 2-सुधांशु, 3- िहमांशु (िशकायतकतार्) तथा 4-मुंशी ने उसे मारा-पीटा, जमीन पर िगरा कर गदर्न दबा दी और घर का सामान तोड़-फोड़ डाला। 5. िहमांशु राठौर के चोट प्रपत्र में मात्र बाएं कं धे पर खरोंच तथा बदन में ददर् बताया गया है एवं उसकी मां, नीलम की चोट प्रपत्र में नाक पर एक फटे हुए घाव के साथ सूज़न, कोहनी के ऊपर सूजन तथा बांए अंगूठे के ऊपर सूजन बताई गई है। सभी चोटें सामान्य प्रकृ ित की थीं तथा एक्सरे जांच में हड्डी टूटना नहीं पाया गया है। 6. प्राथर्नीगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् िदया िक इस घटना में प्राथर्नी पक्ष के लोगों को ही चोटें आई थी, िजसके संबंध में पहले ही एक असंज्ञेय अपराध की सूचना थाने में दी जा चुकी थी। प्रस्तुत प्रथम सूचना िरपोटर् में िमथ्या कथनों पर िलखाई गई है। Versus Counsel for Applicant(s) : Neelu Singh Chauhan Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Rajrani And Another .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. .....Opposite Party(s) 7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट हुई है और आरोप पत्र िदनांक 08.09.2025 को प्रािथनीगण के िवरुद्ध प्रस्तुत िकया जा चुका है तथा िदनांक 20.06.2022 को न्यायालय ने उक्त प्रकरण का संज्ञान ले िलया है। िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने के स डायरी के संगत अंशों की सहायता से यह बताया िक प्रािथनीगण ने िववेचना में सहयोग िकया है तथा उनके बयान िववेचक ने अंिकत कर िलए हैं। िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने यह भी कहा िक प्रािथनी के िवरुद्ध जमानती वारंट िनगर्त हो चुका है। 8. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक दोनों प्रािथनी मिहलाएं हैं, उनका कोई आपरािधक इितहास नहीं है, घटना की सूचना प्रािथनी की तरफ से पूवर् में पुिलस को दी गई है; घटना में कािरत चोटें साधारण प्रकृ ित की हैं, दोनों प्रािथनी ने िववेचना में सहयोग िकया है एवं िववेचना पूणर् हो चुकी है तथा प्रािथनीगण ने कहा है िक वह िवचारण में सहयोग करेंगी, न्यायालय का मत है प्रािथनीगण अिग्रम जमानत पाने की अिधकािरणी हैं। 9. तदनुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 10. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदकगण की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदकगण, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होंगी। ख- आवेदकगण मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देंगी िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदकगण अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेंगी; घ- आवेदकगण को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदकगण अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेंगी / धमकी नहीं देंगी। च- आवेदकगण िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगी औंर जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेंगी। August 26, 2025 Himanshu ABAIL No. 918 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench