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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 159231 (ALL)

BRIJESH NISHAD @ BRIJESH KUMAR NISHAD v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER

ABAIL/945/2025 · 2025-09-04

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 945 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री राजीव िमश्रा, िशकायतकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री ित्रनेत्र शंकर पाण्डेय तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री मनीष िवक्रम िसह चौहान को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. धारा 438 दं०प्र०सं० द्वारा प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 409 सन 2022 अन्तगर्त धारा 419, 420, 467, 468, 471, 504, 506 भा०द०िव० थाना कोतवाली अयोध्या िजला फै जाबाद में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िदनांक 22.09.2022 को प्राथीर् सिहत 6 नािमत व्यिक्तयों तथा एक अज्ञात व्यिक्त के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक सह-अिभयुक्त अवध िबहारी उफर् अवध िबहारी दास मिन्दर िवराजमान भगवान बांके अवधेश िबहारी व िबहािरणी जू की संपित्त के संबंध में गलत तरह से कू टरिचत दस्तावेज तैयार करके दावा कर रहा है। अवध िबहारी ने संपित्त का नामांतरण अपने नाम करा िलया था जो िशकायतकतार् की अपील पर िनरस्त कर िदया गया। िववािदत संपित्त के संबंध में िसिवल न्यायालय से स्थगन आदेश भी प्रभावी है िजसके बावजूद अवध िबहारी दास व प्राथीर् द्वारा िववािदत संपित्त के संबंध में िवक्रय-पत्र कर िदया गया है। 4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया िक प्राथीर् िनदोर्ष है। 5. यद्यिप प्रथम सूचना िरपोटर् में प्राथीर् द्वारा सह-अिभयुक्त अवध िबहारी दास के साथ िमलकर संपित्त बेचने का कथन िकया गया है िकन्तु प्राथीर् ने सीमा गुप्ता से संपित्त खरीदी है िजन्होंने संपित्त अवध िबहारी दास से खरीदी थी। 6. एक पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से तीन अन्य आपरािधक प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है िजसमें से एक प्रकरण समझौते के आधार पर समाप्त हो चुका है, एक प्रकरण में प्राथीर् को अभी तक कोई समन िनगर्त नहीं हुआ है तथा एक प्रकरण अभी समन जारी िकये जाने के स्तर पर लंिबत है। 7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में Versus Counsel for Applicant(s) : Rajeev Mishra, Mool Shankar Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Trinetra Shankar Pandey Brijesh Nishad @ Brijesh Kumar Nishad .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. And Another .....Opposite Party(s) आरोपों की पुिष्ट होने पर आरोप-पत्र िदनांक 01.02.2023 को प्रस्तुत हो चुका है। 8. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्राथीर् स्वयं अवध िबहारी दास द्वारा िकसी अन्य व्यिक्त के पक्ष में िनष्पािदत िवक्रय-पत्र के आधार पर संपित्त का क्रे ता है; प्रथम सूचना िरपोटर् के कथनों के अनुसार ही प्रश्नगत संपित्त के संबंध में दीवानी वाद लंिबत है; प्रकरण में िववेचना पूणर् हो चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् अिग्रम जमानत पाने का अिधकारी है। 9. तद्नुसार अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 10. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदक की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगा। ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा। च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। September 4, 2025 Ankit ABAIL No. 945 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench