SAMAR BAHADUR AND 3 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. THE PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER
A482/7163/2025 · 2025-08-29
Saurabh Lavania
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 159150 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW APPLICATION U/S 482 No. - 7163 of 2025 Court No. - 11 HON'BLE SAURABH LAVANIA, J.
1. Case called out in revised list. 2. None appears on behalf of applicants to press this application. However, learned A.G.A. is present. 3. The present application has been filed seeking following main relief(s):-
"Wherefore, it is most respectfully prayed that this Hon'ble Court may kindly be pleased to quash the entire proceeding of the Complaint Case No -66 of 2016, Nirmala Devi V/S Samar Bhadur & others, related to Police Station - Asandra, District- Barabanki, Pending In the court of Learned Additional Chief Judicial Magistrate, Court no.17, Barabanki and also quash the impugned summoning order dated 24.10.2016, passed by the learned Additional Chief Judicial Magistrate, Court no.17, Barabanki, in respect of applicants only, in the interest of law and justice."
4. The Magistrate after considering the complaint of opposite party no.2 passed the impugned order dated 24.10.2016, which reads as under. "बहस सुनी।
पिरवािदनी ने अपने पिरवादपत्र में यह अिभकथन िकया है िक प्रािथनी अनुसूिचतजाित पासी िबरादरी की है। प्रािथनी के पित िसचाई िवभाग में अमीन के पद पर जनपद रायबरेली में कायर्रत है। प्रािथनी घर में अके ली रहती है। प्रािथनी के गांव के िवपक्षीगण समर बहादुर, तेज बहादुर, अमर बहादुर व जीत बहादुर प्रािथनी से रंिजश मानते है। िदनांक 22.02.2015 को रात ग्यारह बजे उक्त िवपक्षीगण प्रािथनी के घर में घुस आये तथा प्रािथनी को मारा पीटा य कमरे में बंद कर िदया घर में रखा कीमती सामान उठा ले गये व कु छ सामान तोड़ फोड़ डाला प्रािथनी की पुत्री मनीषा ने शोर िकया तो गांव के हिरश्चन्द्र व िरश्तेदार के शवराम दौड़े व मुिल्जमान को सामान ले जाते दुये देखा तो मुिल्जमानो ने धमकी दी िक साली पािसन इस बार तो थोडा ही बरबाद हुयी हो अगली बार पित का मुंह नही देख पाओगी।
अपने पिरवादपत्र के समथर्न में पिरवािदनी द्वारा धारा 200 दं.प्र.स.
के बयान मे स्वयं को पिरिक्षत कराया गया है िजसमे उसने पिरवाद कथानक का समथर्न करते हुये िवपक्षीगण उपरोक्त द्वारा घर मे घुसकर उसे गािलयाँ देने व मार पीट कर घर का कु छ सामान उठा ले जाने व कु छ तोड़ फोड़ देने व जगप्रसाद को जान से मारने की धमकी देने का कथन िकया।
धारा 202 में पिरवादी की ओर से पी.डब्लू 1 मनीषा व पी.डब्लू-2 के शवराम को पिरिक्षत कराया। िजन्होंने पिरवाद कथानक का समथर्न िकया तथा िवपक्षीगण उपरोक्त द्वारा पिरवािदनी के घर में घुसकर गािलयों देने, लाठी डंडो से Versus Counsel for Applicant(s) : Amresh Kumar, Arvind Saroj Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Samar Bahadur And 3 Others .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. The Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another .....Opposite Party(s)
मारने पीटने, कु छ सामान उठा ले जाने व कु छ सामान की तोड़ फोड़ करने व जान से मारने की धमकी देने का समथर्न िकया है। सुना एवं उपलब्ध मौिखक एवं प्रलेखीय साक्ष्यों का अवलोकन िकया।
प्रािथनी ने अपने पिरवादपत्र मे िकये गये कथनो का समथर्न अपने बयान धारा 200 दं.प्र.सं. भे करते हुये कथन िकया है िक िवपक्षीगण उपरोक्त द्वारा उसे घर में घुसकर गंदी गंदी गािलयाँ देते हुये, प्रािथनी को मारा पीटा व कु छ सामान उठा ले गये व कु छ सामान तोड़ फोड़ कर उसके पित को जान से मारने की धमकी दी गयी, िजसकी पुिष्ट उसकी ओर से पिरिक्षत साक्षीगण द्वारा धारा 202 दं.प्र.सं. के बयान में की गयी है। जहाँ तक जाित सूचारु गािलयाँ देने का प्रश्न है प्रािथनी व उसकी ओर से पिरिक्षत सािक्षयों ने पिरवािदनी को गंदी गंदी गािलयां देने का कथन िकया है िकन्तु किथत जाित सूचक गािलयों का स्पष्ट उल्लेख नही िकया है। अतः िवपक्षीगण पर धारा 3 (1) (X) एस.सी.एस.टी.का आरोप प्रमािणत नही होता है। अतः िवपक्षीगण. को धारा 3 (1) (X) एस.सी.एस.टी.के आरोप के िलये तलब िकया जाना न्यायोिचत प्रतीत नही होता है। उक्त सम्पूणर् साक्ष्यों के िवश्लेषण से िवपक्षीगण समर बहादुर, तेज बहादुर, अमर बहादुर व जीत बहादुर को अन्तगर्त धारा 452,323,504,506,427 भा०दं० सं० मे तलब िकये जाने का न्यायोिचत आधार है।
आदेश
िवपक्षीगण समर बहादुर, तेज बहादुर, अमर बहादुर व जीत बहादुर को धारा 452,323,504,506,427 भा.दं.सं. के अपराध मे तलब िकया जाता है।
पत्रावली िवपक्षीगण की उपिस्थित हेतु िदनांक 15.11.16 को पेश हो। िवपक्षीगण के िवरूद्ध सम्मन जारी हो। पिरवािदनी उभय प्रकार से आवश्यक पैरवी अदर सप्ताह करे।"
5.
Since no-one appeared on behalf of applicants to press this application, the same is hereby rejected for want of prosecution. August 29, 2025 Anand/- A482 No. 7163 of 2025 2 (Saurabh Lavania,J.) Digitally signed by :- ANAND KUMAR SRIVASTAVA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench