SUBHASH RAWAT v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. GOVT. LKO. AND ANOTHER
NABAIL/1077/2025 · 2025-08-27
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 158825 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1077 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री सुधीर कु मार राय तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री मो० आिसफ खान को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. धारा 482 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता द्वारा प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 256 सन 2025 अन्तगर्त धारा 3(1) उ०प्र० िगरोहबन्द समाज िवरोधी िक्रयाकलाप (िनवारण) अिधिनयम थाना अजगैन िजला उन्नाव में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है।
3. गैंग चाटर् में एक प्रकरण में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है िजसमें उसको जमानत पर िरहा िकये जाने का आदेश हो चुका है। इसके अलावा प्राथीर् चार अन्य आपरािधक प्रकरणों में सिम्मिलत था िजसमें तीन में प्राथीर् को जमानत िमल चुका है तथा एक प्रकरण में उसे समन / नोिटस प्राप्त नहीं हुई है।
4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध िकया िकन्तु वह मामले के उपरोक्त पहलुओं पर िववाद नहीं कर सके ।
5. प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है िक प्राथीर् को वतर्मान मामले में के वल इसिलए फं साया गया है क्योंिक उसका आपरािधक इितहास है।
6. प्राथीर् की दोषिसिद्ध की िस्थित में न्यूनतम सजा दो वषर् का कारावास है। 7 उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त िकए िबना, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् अिग्रम जमानत पर िरहा िकए जाने का अिधकारी है।
8. तदनुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
9. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदक की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- Versus Counsel for Applicant(s) : Sudhir Kumar Rai, Navodita Verma Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Subhash Rawat .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Govt. Lko.
And Another .....Opposite Party(s)
क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगा; ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए; ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा; च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। August 27, 2025 Ankit NABAIL No. 1077 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench