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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 158708 (ALL)

KUMARI DIKSHA MISHRA THRU. HER FATHER MOTI LAL MISHRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 8 OTHERS

HABC/302/2025 · 2025-08-25

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW HABEAS CORPUS WRIT PETITION No. - 302 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री संजीव िद्ववेदी तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम श्री राजेश कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 226 के अंतगर्त प्रस्तुत इस बंदी प्रत्यक्षीकरण यािचका के अंतगर्त किथत िनरुद्ध व्यिक्त के िपता के माध्यम से बंदी प्रत्यक्षीकरण यािचका में यह कहा गया है िक िवपक्षी संख्या 5 से 9 ने यािचकाकतीर् को अपनी अवैध अिभरक्षा में िनरुद्ध कर रखा है। 3. इसके पूवर् यािचकाकतीर् के िपता ने थाना हरपालपुर जनपद हरदोई में एक प्रथम सूचना िरपोटर् संख्या 186 सन 2025 िवपक्षी संख्या 4 तथा 5 के िवरुद्ध िलखाई थी िजसमें यह कहा गया था िक िवपक्षीगण यािचकाकतीर् को बहला-फु सलाकर अपने साथ भगा ले गये हैं। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम ने उनको प्राप्त िलिखत अनुदेशों के आधार पर न्यायालय को सूिचत िकया िक उपरोक्त प्रथम सूचना िरपोटर् पंजीकृ त होने के पश्चात िववेचना की गयी िजसमें किथत अपराध की पुिष्ट नहीं हुई तथा िववेचक ने प्रकरण में अंितम िरपोटर् प्रस्तुत कर दी है। शैिक्षक अिभलेखों में यािचकाकतीर् की जन्मितिथ 25.09.2006 है िजसके आधार पर यािचकाकतीर् वयस्क पायी गयी है एवं उसने अपने बयान में कहा है िक वह िवपक्षी संख्या 4 के साथ अपनी मजीर् से गयी है। 5. िलिखत अनुदेशों की एक प्रित अिभलेख पर रखी जाती है। 6. जबिक, िववेचना में यह तथ्य प्रकाश में आया है िक पीिड़ता वयस्क है एवं अपनी इच्छा से िवपक्षी संख्या 4 के साथ गयी है, यह प्रतीत नहीं होता िक यािचकाकतीर् अवैध अिभरक्षा में है। 7. यािचका बलहीन एवं तद्नुसार, िनरस्त की जाती है। August 25, 2025 Ankit Versus Counsel for Petitioner(s) : Sanjeev Dwivedi, Braj Nandan Yadav Counsel for Respondent(s) : G.A. (Subhash Vidyarthi,J.) Kumari Diksha Mishra Thru. Her Father Moti Lal Mishra .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 8 Others .....Respondent(s) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench