SHARWAN KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO
BAIL/7787/2025 · 2025-09-04
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 158703 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 158703 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7787 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री प्रेम कु मार िसह, िशकायतकतार् के िवद्वान श्री सत्य नारायण यादव तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता प्रथम श्री राजेश कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
2. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 079 सन 2025 अन्तगर्त धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352, 351(3) बी०एन०एस० थाना कोतवाली देहात िजला गोण्डा में जमानत की प्राथर्ना की है।
3. िदनांक 01.03.2025 को प्राथीर् तथा उसकी पत्नी मन्जू देवी के िवरुद्ध धारा 173(4) भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र के आधार पर िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक आराजी गाटा संख्या 555 िम०जु० क्षेत्रफल 0.926 हे० िस्थत ग्राम सुभागपुर के खातेदार प्राथीर् के िपता संतोष राम थे, िजनकी मृत्यु के पश्चात उक्त भूिम प्राथीर् व उसकी माँ श्रीमती लीलावती का नाम राजस्व अिभलेखों में अंिकत हो गया। िदनांक 19.07.2018 व 22.05.2019 को प्राथीर् ने िशकायतकतार् की माँ प्रेमादेवी के नाम प्रश्नगत भूिम के संबंध में िवक्रय-पत्र िनष्पािदत करके भूिम का अध्यासन दे िदया तथा सक्षम न्यायालय के आदेश से नामांतरण की कायर्वाही भी हो गयी। इसके पश्चात प्राथीर् ने उत्तरािधकार के आधार पर प्राप्त खतौनी से बैंक से रुपये 1,80,000/- का ऋण ले िलया तथा संपित्त को िविभन्न लोगों से रूपया लेकर िवक्रय कर िदया। प्रथम सूचना िरपोटर् में यह भी कहा गया है िक िशकायतकतार् व उसके भाई संपित्त के अध्यासन में हैं। इसके उपरान्त प्राथीर् यह दावा कर रहा है िक उसके िपता उसकी पत्नी मन्जू देवी के नाम िदनांक 01.07.2010 को एक वसीयत िलख गये थे िजसमें प्राथीर् स्वयं गवाह है।
4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है।
5. प्राथीर् दो अन्य आपरािधक प्रकरणों में सिम्मिलत है। एक पूवर् आपरािधक प्रकरण में िववेचक ने अंितम आख्या प्रस्तुत कर दी है तथा एक अन्य प्रथम सूचना िरपोटर् प्रश्नगत प्रथम सूचना िरपोटर् के बाद पंजीकृ त की गयी है। Versus Counsel for Applicant(s) : Prem Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Satya Narayan Yadav Sharwan Kumar .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko .....Opposite Party(s)
6.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट होने पर आरोप-पत्र िदनांक 21.05.2025 प्रस्तुत हो चुका है।
7. िशकायतकतार् के िवद्वान अिधवक्ता ने भी प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्राथीर् ने स्वयं ही िशकायतकतार् के पक्ष में िवक्रय-पत्र िनष्पािदत िकया था तथा अब वह यह दावा कर रहा है िक उसके िपता वषर् 2010 में प्राथीर् की पत्नी के नाम वसीयत कर गये थे िजसमें वह गवाह था।
8. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक िशकायतकतार् के पक्ष में िवक्रय-पत्र िदनांक 19.07.2018 एवं 22.05.2019 को िनष्पािदत हुआ एवं िशकायतकतार् के अनुसार वह लगातार भूिम के अध्यासन में चला आ रहा है; यद्यिप प्राथीर् ने उसके बाद यह दावा करना शुरू िकया है िक उसकी पत्नी के नाम िदनांक 01.07.2010 को उसके िपता एक वसीयत िलख गये थे िकन्तु वसीयत के आधार पर कब्जे की कोई कायर्वाही नहीं की गयी है; वसीयत एवं िवक्रय-पत्र की वैधता का प्रश्न सक्षम दीवानी न्यायालय से तय कराया जा सकता है। प्राथीर् िदनांक 04.05.2025 न्याियक अिभरक्षा में िनरुद्ध है, जबिक िववेचना पूणर् हो चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है।
9. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
10. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 4, 2025 Ankit BAIL No. 7787 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench