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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 158699 (ALL)
SATYA NARAYAN DUBEY AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
ABAIL/900/2025 · 2025-08-22
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 158699 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:49565 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 900 of 2025 Applicant :- Satya Narayan Dubey And 2 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Kailash Nath Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण ककी तरफ ससे एक पपूरक शपर पत्र पस्ततुत ककयप्रा गयप्रा , जजिससे अकभिलसेख पर जलयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
2. पप्रारर्थीगण कसे कविदप्रान अजधिविकप्रा शश कहै लप्राश नप्रार कमिशप्रा तरप्रा कविदप्रान अकतररक शप्रासककीय अजधिविकप्रा शश अभिय कतु मिप्रार जससिंह कको सतुनप्रा तरप्रा पत्रप्राविलश कप्रा अविलकोकन ककयप्रा।
3. भिप्रारतशय नप्रागररक सतुरकप्रा ससिंकहतप्रा ककी धिप्रारप्रा 482/438 दसिं०प०ससिं० कसे असिंतगरत पस्ततुत इस पप्राररनप्रा-पत्र दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नसे मितुकदमिप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0329 सन 2021 अन्तगरत धिप्रारप्रा 3(1), उ०प० कगरकोहबन्द समिप्राजि कविरकोधिश कक्रियप्राकलप्राप (कनविप्रारण) अजधिकनयमि, 1986, रप्रानप्रा ककोतविप्रालश दसेहप्रात , जजिलप्रा गगोंडप्रा, मिम अकग्रिमि जिमिप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
4. उपरकोक पकरण पतुजलस कसे पभिप्रारश कनरशकक दप्रारप्रा कदनप्रासिंक 26.08.2021 कको पप्रारर्थी तरप्रा दको अन्य सह-अकभियतुक कसे कविरुद्ध जलखप्राई गई परमि सपूचनप्रा ररपकोरर कसे आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ , जजिसमिम कहप्रा गयप्रा हहै कक पप्रारर्थी तरप्रा दको अन्य सह-अकभियतुक नसे एक ससिंगकठित आपरप्राजधिक कगरकोह बनप्रा रखप्रा हहै तरप्रा सह-अकभियतुक विशरसेन्द्र दतुबसे कगरकोह कप्रा सरगनप्रा हहै।
5. परमि सपूचनप्रा ररपकोरर कसे सप्रार ससिंलग्न गगग चप्रारर मिम पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 1 ककी मिप्रात्र एक आपरप्राजधिक पकरण मिम ससिंजलप्ततप्रा दशप्रारई गई हहै, जजिसमिम विह दकोषमितुक हको चतुकप्रा हहै। पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 2 तरप्रा 3 ककी दको आपरप्राजधिक पकरणगों मिम ससिंजलप्ततप्रा दशप्रारई गई हहै, जजिनमिम ससे एक मिम विसे दकोनगों दकोषमितुक हको चतुकसे हग तरप्रा दपूसरसे पकरण मिम दकोनगों कको जिमिप्रानत पर ररहप्रा ककयप्रा जिप्रा चतुकप्रा हहै।
6. कविदप्रान अपर शप्रासककीय अजधिविकप्रा नसे पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 2 विशरसेन्द्र दतुबसे ककी एक अन्य आपरप्राजधिक पकरण मिम ससिंजलप्ततप्रा दशप्रारई तरप्रा उक कसे ससिंदभिर मिम पप्रारर्थी कसे कविदप्रान अजधिविकप्रा नसे एक पपूरक शपर पत्र कसे मिप्राध्यमि ससे यह कहप्रा हहै कक पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 2 कको पकरण मिम ककोई समिन पप्राप्त नहहीं हहआ हहै।
7. कविदप्रान अपर शप्रासककीय अजधिविकप्रा नसे पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 3 ककी भिश कक एक अन्य आपरप्राजधिक पकरण मिम ससिंजलप्ततप्रा दशप्रारई, ककन्ततु उक पकरण मिम आरकोपश कप्रा पतप्रा पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 3 कसे पतसे ससे कभिन्न हहै।
8.
उपरकोक तथ्यगों कसे दृकष्टिगत , जिबकक पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 1 ककी मिप्रात्र एक आपरप्राजधिक पकरण मिम ससिंजलप्ततप्रा दशप्रारई गई हहै, जजिसमिम विह दकोषमितुक हको चतुकप्रा हहै तरप्रा सह-अकभियतुकगण ककी दको आपरप्राजधिक पकरणगों मिम ससिंजलप्ततप्रा दशप्रारई गई हहै, जजिनमिम ससे एक मिम विसे दकोनगों दकोषमितुक हको चतुकसे हग तरप्रा दपूसरसे पकरण मिम दकोनगों कको जिमिप्रानत पर ररहप्रा ककयप्रा जिप्रा चतुकप्रा हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मित हहै कक पस्ततुत पकरण मिम पप्रारर्थीगण अकग्रिमि जिमिप्रानत पप्रानसे कसे अजधिकप्रारश हग।
9. तदनतुसप्रार, अकग्रिमि जिमिप्रानत पप्राररनप्रा-पत्र स्विशकप्रार ककयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
10. उपरकोक मितुकदमिप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मिम आविसेदकगण ककी कगरफ्तप्रारश/न्यप्रायप्रालय कसे समिक उपसस्रकत ककी दशप्रा मिम, उससे ससिंबसिंजधित रप्रानसे कसे भिप्रारसप्राधिक अजधिकप्रारश/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंततुकष्टि कसे अनतुसप्रार व्यककगत बसिंधि पत्र एविसिं दको पकतभिपू पस्ततुत करनसे पर परशकण कसे असिंकतमि रूप ससे कनस्तप्रारण तक , कनम्न शतरसिं कसे अधिशन अकग्रिमि जिमिप्रानत पर ररहप्रा ककयप्रा जिप्राएगप्राग- क- आविसेदकगण, यकद आविश्यक हकोगप्रा तको पतुजलस अजधिकप्रारश दप्रारप्रा जिजॉच हसेततु अपसेककत समिय पर उपसस्रत हकोगसे। ख- आविसेदकगण मिप्रामिलसे कसे तथ्यगों ससे पररकचत ककसश व्यकक यप्रा पतुजलस अजधिकप्राररयगों कको पत्यक यप्रा परकोक रूप ससे ककोई धिमिककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभिन नहहीं दमगसे जजिसससे कक विह ऐससे तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कसे समिक यप्रा ककसश पतुजलस अजधिकप्रारश कसे समिक पकर न करनसे पर मिप्रान जिप्राए। ग- आविसेदकगण अदप्रालत ककी पपूविर अनतुमिकत कसे कबनप्रा भिप्रारत नहहीं छकोडमगसे; घ- आविसेदकगण कको पत्यसेक कनधिप्रारररत कतजर पर रटप्रायल ककोरर कसे समिक
उपसस्रत हकोनप्रा हकोगप्रा, जिब तक कक व्यककगत उपसस्रकत ससे छपू र न दश गयश हको; ङ- आविसेदकगण अकभियकोजिन पक कसे गविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालमगसे / धिमिककी नहहीं दमगसे। च- आविसेदकगण कविविसेचनप्रा एविसिं कविचप्रारण कसे ददौरप्रान सहयकोग करमगसे और जिमिप्रानत ककी स्वितसिंत्रतप्रा कप्रा दतुरुपयकोग नहहीं करमगसे। Order Date :- 22.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench