SURRU @ ISHRAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER
NABAIL/1051/2025 · 2025-08-29
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 158638 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 158638 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1051 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री िदनेश कु मार तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. धारा 438 दं०प्र०सं० द्वारा प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 180 सन 2025 अन्तगर्त धारा 137(2), 87 बी०एन०एस० थाना रामकोट िजला सीतापुर में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है।
3. उपरोक्त प्रकरण िवपक्षी संख्या 2 द्वारा िदनांक 24.06.2025 को िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ है िजसमें यह कहा गया है िक प्राथीर् िशकायतकतार् की 14 वषीर्या पुत्री को िदनांक 21.06.2025 को राित्र अपने साथ भगा ले गया। प्रथम सूचना िरपोटर् में यह भी कहा गया है िक प्राथीर् लगभग 1 वषर् पूवर् भी िशकायतकतार् की पुत्री को भगा ले गया था िजस संबंध में प्रकरण अभी लंिबत है।
4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् एक 23 वषीर्य िनदोर्ष नव- युवक है तथा इस िशकायतकतार् द्वारा प्राथीर् के संबंध में प्रस्तुत एक पूवर् प्रथम सूचना िरपोटर् के अितिरक्त प्राथीर् का कोई आपरािधक इितहास नहीं है।
5. पूवर् प्रथम सूचना िरपोटर् में प्राथीर् को इस न्यायालय की एक अन्य पीठ द्वारा जमानत प्राथर्ना-पत्र संख्या 7258 सन 2024 में पािरत आदेश िदनांक 08.01.2025 द्वारा जमानत पर िरहा िकया जा चुका है।
6. एक पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने यह कहा िक पीिड़ता िदनांक 25.08.2025 को पुिलस के सामने उपिस्थत हो चुकी है तथा धारा 180 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त अंिकत अपने बयान में उसने अिभयोजन कथानक का समथर्न िकया है।
7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्रकरण में िववेचना अभी प्रचिलत है। िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने उनको प्राप्त िलिखत अनुदेशों के आधार पर कहा िक पीिड़ता का बयान अंतगर्त धारा 180 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता अंिकत Versus Counsel for Applicant(s) : Dinesh Kumar Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Surru @ Ishrar .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another .....Opposite Party(s)
हो चुका है तथा उसका िचिकत्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है।
8.
उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक इस प्रकरण की पीिड़ता प्राथीर् के साथ पूवर् में भी जा चुकी है, िजस संबंध में प्राथीर् को जमानत िमल चुकी है; प्राथीर् एक 23 वषीर्य िनदोर्ष नव-युवक है िजसका कोई अन्य आपरािधक इितहास नहीं है एवं धारा 180 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त अंिकत बयान में प्राथीर् के िवरुद्ध कोई आरोप नहीं लगाया गया है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् अिग्रम जमानत पाने का अिधकारी है।
9. तद्नुसार अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
10. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदक की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगा। ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा। च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। August 29, 2025 Ankit NABAIL No. 1051 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench